देश की राजधानी में प्रस्तावित राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा इंतजामों के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मध्य दिल्ली के छह व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर अस्थाई पाबंदी लगा दी है। सुबह 6 बजे से प्रभावी हुए इस आदेश के तहत राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और बाराखंभा रोड स्टेशनों के बाहरी गेट शाम 4 बजे तक आम लोगों के लिए बंद रखे गए हैं। हालांकि, इन सभी स्टेशनों के भीतर लाइन बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा बिना किसी बाधा के चालू रहेगी, जिससे दैनिक यात्रियों को पूरी यात्रा रद्द नहीं करनी पड़ेगी।
बंद किए गए स्टेशनों की सूची
सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश और समीक्षा के आधार पर डीएमआरसी ने जिन छह स्टेशनों पर पाबंदी लगाई है, वे सभी लुटियंस जोन और संसद के आसपास के महत्वपूर्ण इलाके में स्थित हैं।
- राजीव चौक: कनॉट प्लेस का मुख्य केंद्र, जहां से ब्लू और येलो लाइन गुजरती हैं।
- पटेल चौक: संसद मार्ग और कई प्रमुख सरकारी भवनों के नजदीक स्थित स्टेशन।
- केंद्रीय सचिवालय: मंत्रालयों और दफ्तरों के बीच स्थित येलो और वॉयलेट लाइन का प्रमुख केंद्र।
- जनपथ: व्यापारिक और वीआईपी आवाजाही वाला मुख्य केंद्र।
- मंडी हाउस: ब्लू और वॉयलेट लाइन को जोड़ने वाला सांस्कृतिक केंद्र।
- बाराखंभा रोड: कनॉट प्लेस के व्यावसायिक दफ्तरों के करीब का स्टेशन।
इंटरचेंज की सुविधा रहेगी जारी, योजना बनाकर निकलें
डीएमआरसी ने यात्रियों को स्पष्ट किया है कि भले ही बाहर निकलने या सड़क से स्टेशन में दाखिल होने के गेट बंद हैं, लेकिन स्टेशनों के अंदर एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन में शिफ्ट होने की प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रहेगी। मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों को सुझाव दिया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले डिजिटल माध्यमों पर अपने रूट की ताजा स्थिति जांच लें और उसी अनुसार घर से निकलें। सुरक्षा एजेंसियां जमीनी हालात का लगातार आकलन कर रही हैं, जिसके बाद ही आगे की छूट तय की जाएगी।
विपक्षी दलों का मार्च और अन्य प्रदर्शन
मध्य दिल्ली में इन कड़े सुरक्षा प्रबंधों की मुख्य वजह विपक्षी दलों द्वारा आयोजित मार्च है। इंडिया गठबंधन के नेता एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाते हुए सड़कों पर सक्रिय हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस सिलसिले में चलो दिल्ली का आह्वान करते हुए शीर्ष अदालत तक मार्च निकालने की घोषणा की है। इस बीच चर्चा है कि सीजेआई ने नेताओं को मिलने का वक्त देने से मना कर दिया है। दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि भी संसद मार्ग थाने पहुंचकर जंतर-मंतर पर नए सिरे से प्रदर्शन की तारीख मांगने वाले हैं। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और सीजेपी के तीन नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास तथा आशुतोष रांका को हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया था।





















