राजधानी के मध्य और नई दिल्ली इलाकों में ग्यारह अक्टूबर को वाहनों की आवाजाही पर कड़ा पहरा रहने वाला है। निर्वाचन आयुक्त से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के अगले चरण को देखते हुए सुरक्षा तंत्र ने एक व्यापक ट्रैफिक परामर्श जारी किया है। इसके तहत रविवार सुबह छह बजे से तीस रणनीतिक चौराहों और कॉरिडोर पर वाहनों का मार्ग बदला जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों को परामर्श दिया है कि जब तक कोई अत्यंत आवश्यक कार्य न हो, वे मध्य दिल्ली और संसद भवन के आसपास के रास्तों का रुख करने से परहेज करें। खासकर कनॉट प्लेस तथा जंतर-मंतर के पूरे घेरे में यातायात व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
इन तीस प्रमुख चौराहों और गलियारों पर डायवर्जन रहेगा प्रभावी
सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिन रास्तों को डायवर्जन सूची में शामिल किया गया है, उनमें पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी दिल्ली को जोड़ने वाले कई अहम संपर्क मार्ग शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अधिसूचित प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं
- शंकर रोड गोलचक्कर से वंदे मातरम 'टी' पॉइंट की तरफ जाने वाला मार्ग, जो नई दिल्ली की दिशा में बढ़ता है
- धौला कुआं फ्लाईओवर का ऊपरी व निचला हिस्सा
- झंडेवालान गोलचक्कर और पंचकुइयां गोलचक्कर के आसपास का इलाका
- मंडी हाउस गोलचक्कर तथा डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट)
- राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट) और मिंटो रोड से दीन दयाल उपाध्याय मार्ग का संगम
- गुरु नानक चौक एवं चेम्सफोर्ड रोड से आउटर सर्कल कनॉट प्लेस का टी-पॉइंट
- भैरों रोड से एमजीएम (रिंग रोड) टी-पॉइंट और लोधी रोड फ्लाईओवर
- नीला गुंबद गोलचक्कर, मदरसा टी-पॉइंट तथा सम्राट होटल गोलचक्कर
- सरदार पटेल मार्ग से पंचशील मार्ग की क्रॉसिंग और भीकाजी कामा प्लेस के निचले रास्ते
- मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे का जंक्शन और रिंग रोड से सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट
- अशोक रोड से जंतर मंतर रोड का गोलचक्कर तथा विंडसर पैलेस गोलचक्कर
- टॉल्स्टॉय मार्ग और जनपथ की क्रॉसिंग एवं रेल भवन गोलचक्कर
- जय सिंह रोड से संसद मार्ग क्रॉसिंग और आउटर सर्कल कनॉट प्लेस से बाराखंभा रोड टी-पॉइंट
- गोल डाक खाना गोलचक्कर तथा पटेल चौक गोलचक्कर
- जय सिंह रोड से अशोक रोड टी-पॉइंट, आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर और आउटर सर्कल कनॉट प्लेस से संसद मार्ग टी-पॉइंट
यात्रियों और दैनिक मुसाफिरों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
सड़क पर निकलने वाले नागरिकों के लिए पुलिस ने कई व्यावहारिक सुझाव साझा किए हैं। यदि किसी मुसाफिर को नई दिल्ली या सेंट्रल दिल्ली के रास्तों से होते हुए रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) अथवा हवाई अड्डे की ओर जाना है, तो उन्हें घर से पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर निकलना होगा। अचानक लागू होने वाले प्रतिबंधों के कारण इन महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों तक पहुंचने में सामान्य से अधिक वक्त लग सकता है।
इसके साथ ही नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे गैर-जरूरी आवागमन टालें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमीनी हालात के अनुसार बैरिकेडिंग और डायवर्जन की व्यवस्था बदलती रह सकती है। यदि किसी बिंदु पर भीड़ का दबाव कम होता है तो वहां ढील दी जा सकती है, जबकि संवेदनशील मोर्चों पर पाबंदियों को कड़ा किया जा सकता है।
सीजेपी का प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान और मौजूदा सुरक्षा स्थिति
दस अक्टूबर को पूरे दिन चले तनाव के बाद शाम होते-होते जंतर-मंतर के आसपास पूरी तरह शांति छा गई और सड़कों पर केवल पुलिस बल तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती दिखाई दी। इस दौरान अस्थायी रूप से रोकी गई मेट्रो सेवाएं बहाल कर दी गईं और सभी बंद स्टेशन दोबारा खोल दिए गए। हालांकि सीजेपी ने घोषणा की है कि उनका आंदोलन रविवार को भी जारी रहेगा और उन्होंने दोबारा जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया है।
संगठन के प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस हिरासत में हैं, लेकिन इसके बावजूद रविवार के मार्च की अपील की गई है। शनिवार दस अक्टूबर का दिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा था, हालांकि कड़े बंदोबस्त की वजह से हालात नियंत्रण में बने रहे। इसी निरंतरता को बनाए रखने के लिए रविवार सुबह से ही तीस चौराहों पर नाकाबंदी और मार्ग परिवर्तन की रणनीति लागू की जा रही है।



















