राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जंतर-मंतर पर धरने में शामिल होने वाली निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले के मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। इस पूरे घटनाक्रम में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक युवक पर संजय कुमार को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगा है। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे सौरभ दास ने पुलिस प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि हमले के बावजूद आरोपी के खिलाफ अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पार्टी सदस्य लगातार संजय और निशु के पक्ष में न्याय की मांग कर रहे हैं ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
राहुल गांधी का हस्तक्षेप और समर्थन का भरोसा
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब निशु ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई। वीडियो सामने आने के बाद राहुल गांधी ने पीड़िता से संपर्क किया और उसे हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। कांग्रेस नेता ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि निशु को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह इस लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित समुदाय और छात्रों के हक की आवाज बुलंद करने के कारण ही निशु को निशाना बनाया गया है। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ पुलिस छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार करती है, वहीं दूसरी तरफ एक दलित बेटी के पिता पर हमला करने वाला शख्स खुलेआम घूम रहा है। उन्होंने न्याय मिलने तक इस संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया है।
आरोपी का कबूलनामा और बचाव पक्ष की दलीलें
यह विवाद तब और अधिक गहरा गया जब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट के दौरान खुलेआम स्वीकार किया कि उसने संजय कुमार पर हमला किया था। उसने यह भी दावा किया कि रसूखदार लोगों से संपर्क होने की वजह से उसे कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा और वह पुलिस गिरफ्त से दूर रहा। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बयान पर सफाई दी है। उसने स्पष्ट किया कि उसने जो भी कदम उठाया, वह केवल अपनी सुरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस के तहत था। उसका कहना है कि पॉडकास्ट में दिए गए उसके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उसके आशय को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है।
दिल्ली पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण और मेडिकल रिपोर्ट
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने संजय कुमार पर जानलेवा हमले के तमाम आरोपों का खंडन करते हुए अपना आधिकारिक फैक्ट चेक जारी किया है। पुलिस के अनुसार संजय कुमार को आई चोटें गंभीर नहीं बल्कि मामूली प्रकृति की थीं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इन चोटों को सामान्य बताया है। पुलिस का कहना है कि सिर पर लगी चोट किसी घातक हथियार के इस्तेमाल से नहीं, बल्कि हाथ में पहने जाने वाले कड़े के कारण लगी थी। मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पुलिस ने सिर की हड्डी में क्रैक होने के दावों को पूरी तरह से निराधार और तथ्यों के विपरीत करार दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज से पूछताछ पूरी कर ली गई है और पुलिस जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी। बाहरी हस्तक्षेप के सभी आरोपों को भी पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है।



















