भारतीय सिनेमा और संगीत के इतिहास में लता मंगेशकर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज भले ही सुर कोकिला हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज और सदाबहार गीत आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करते हैं। लता जी के बाद फिल्म जगत में कई बेहतरीन और दिग्गज महिला गायिकाएं आईं, जिन्होंने अपनी गायकी का लोहा मनवाया, लेकिन कोई भी लता मंगेशकर जैसी अपार लोकप्रियता और 'स्वर कोकिला' की प्रतिष्ठित उपाधि हासिल नहीं कर सकी। इसी संगीत उद्योग में एक ऐसी प्रतिभावान गायिका भी थीं, जिन्हें अपने पूरे करियर के दौरान लता मंगेशकर के साथ की जाने वाली निरंतर तुलना का दंश झेलना पड़ा। इस अत्यधिक समानता के कारण उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ा था।
लता मंगेशकर के साये में बीता पूरा करियर
गायन क्षेत्र में सुमन कल्याणपुर एक बेहद सुरीली और सक्षम कलाकार थीं, लेकिन वे कभी भी लता मंगेशकर के प्रभाव और उनके साये से खुद को पूरी तरह मुक्त नहीं कर पाईं। उनके पूरे जीवन में उनकी आवाज की तुलना लगातार लता दीदी से की जाती रही। स्थिति यह थी कि सुमन कल्याणपुर के पास गानों के प्रस्ताव भी अक्सर तभी आते थे, जब कोई संगीत निर्देशक किसी कारणवश लता मंगेशकर के साथ काम करने में असमर्थ रहता था। कई बार ऐसा होता था कि म्यूजिक कंपोजर किसी खास गाने को लता मंगेशकर की आवाज में ही रिकॉर्ड करवाना चाहते थे, लेकिन व्यस्त दिनचर्या और समय की कमी के कारण जब लता जी उपलब्ध नहीं हो पाती थीं, तो वे सुमन कल्याणपुर की आवाज में उस गाने को रिकॉर्ड कर लेते थे। इसके चलते सुमन कल्याणपुर ने कई ऐसे उत्कृष्ट गाने गाए, जिन्हें सुनने वाले आज भी लता मंगेशकर का ही गाना समझते हैं, जबकि उन गीतों के पीछे की वास्तविक आवाज सुमन कल्याणपुर की थी।
फिल्म 'ब्रह्मचारी' और शम्मी-मुमताज का वह सदाबहार जादू
ऐसी ही एक बड़ी गलतफहमी सत्तर के दशक के एक बेहद लोकप्रिय और सदाबहार गाने को लेकर आज भी बनी हुई है। शम्मी कपूर और मुमताज पर फिल्माया गया वह धमाकेदार गाना 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबां पर' आज भी हर महफिल की जान है। यह गाना साल 1968 में आई सुपरहिट फिल्म 'ब्रह्मचारी' का है, जिसने अपने दौर में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शम्मी कपूर और मुमताज नजर आए थे, और इसका बेहतरीन निर्देशन भप्पी सोनी ने किया था। फिल्म 'ब्रह्मचारी' न केवल बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसके सभी गाने भी चार्टबस्टर रहे, जिन्होंने रेडियो और संगीत प्रेमियों के बीच तहलका मचा दिया था।
सुमन कल्याणपुर की सुरीली आवाज और लता जी को मिला श्रेय
शम्मी कपूर की अनूठी ऊर्जा और मुमताज की खूबसूरती से सजे इस गीत 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे...' को सुमन कल्याणपुर ने दिग्गज गायक मोहम्मद रफी के साथ मिलकर अपनी आवाज दी थी। इस कालजयी गीत का संगीत निर्देशन मशहूर संगीतकार जोड़ी शंकर जयकिशन ने किया था, जबकि इसके बेहतरीन बोल गीतकार शैलेंद्र ने लिखे थे। रिलीज होने के साथ ही यह गाना उस दौर में हर तरफ गूंजने लगा था। चाय के टपरों, पान की दुकानों से लेकर रेडियो तक, हर जगह बस इसी गाने की धूम थी। हालांकि, इस गाने की सुरीली कशिश और गायकी सुमन कल्याणपुर की थी, लेकिन इसे सुनने वाले अधिकांश लोगों को यही भ्रम रहता था कि यह लता मंगेशकर की आवाज है। यह कोई एकमात्र गाना नहीं था, बल्कि सुमन और लता जी की आवाज का टेक्सचर इतना मिलता-जुलता था कि आम श्रोता अक्सर दोनों की आवाज में अंतर नहीं कर पाते थे और धोखा खा जाते थे।
मोहम्मद रफी के साथ सुरीली जोड़ी और 740 गानों की विरासत
सुमन कल्याणपुर की आवाज का जादू मोहम्मद रफी के साथ सबसे बेहतरीन ढंग से निखरकर सामने आया। इन दोनों दिग्गजों की जोड़ी ने संगीत जगत को कई लाजवाब और सुपरहिट गाने दिए। अपने पूरे सक्रिय करियर के दौरान सुमन कल्याणपुर ने लगभग 740 गानों को अपनी आवाज दी, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ गाए गए युगल गीतों का था। हालांकि अब वह हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा गाए गए इन 740 गानों की समृद्ध विरासत आज भी पूरी दुनिया में संगीत के दीवानों के दिलों में सुरक्षित है और हमेशा बनी रहेगी।



















