सिनेमाघरों में इन दिनों आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है। इस फिल्म की अप्रत्याशित सफलता ने कई कलाकारों को एक बड़ी पहचान दिलाई है, जिनमें सबसे प्रमुख नाम पूर्णिमा तिवारी का है। पूर्णिमा ने इस स्पिरिचुअल ड्रामा फिल्म में नीम करोली बाबा की पत्नी रामबेटी शर्मा का बेहद संजीदा और प्रभावशाली किरदार निभाया है। उनके अभिनय की चौतरफा सराहना की जा रही है। मात्र 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने केवल 36 दिनों के भीतर भारत में 157.45 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है। इस फिल्म की सफलता ने न केवल फिल्म उद्योग को चौंकाया है, बल्कि इसकी मुख्य अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी को रातों-रात दर्शकों का पसंदीदा बना दिया है।
बुंदेली लोकगीत 'पार्वती' और सोशल मीडिया पर धूम
फिल्म की सफलता के साथ-साथ इसका एक विशेष लोक-भक्ति गीत 'पार्वती' इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। साधु एस. तिवारी द्वारा लिखे, संगीतबद्ध किए गए और गाए गए इस बुंदेली लोकगीत की हुकलाइन 'जब जिद पे आ गई पार्वती' इन दिनों इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब पर तहलका मचा रही है। दर्शकों के बीच इस गाने को लेकर दीवानगी इस कदर है कि हर कोई इस पर रील्स बना रहा है। इस गीत में भगवान शिव और माता पार्वती की पौराणिक कथा को बुंदेली लोक-शैली में बेहद खूबसूरती से पिरोया गया है। गाने की कहानी इस बात पर केंद्रित है कि कैसे सप्तऋषि माता पार्वती को भगवान शिव से विवाह न करने के लिए मनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन माता पार्वती अपनी जिद पर अड़ी रहती हैं। शोभिनव सत्य के साथ पूर्णिमा तिवारी का नाम भी इस गाने के कलाकारों में दर्ज है। इस गाने ने 'हनुमान अंश' फिल्म को एक बेहतरीन म्यूजिकल पहचान दी है, जो इसकी सफलता का एक बड़ा स्तंभ बनकर उभरी है।
पार्वती माई के बजाय चुना रामबेटी का चुनौतीपूर्ण किरदार
इस फिल्म में पूर्णिमा तिवारी के शामिल होने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने हाल ही में खुलासा किया कि शुरुआत में पूर्णिमा को इस ऐतिहासिक भूमिका के लिए नहीं सोचा गया था। उन्हें पहले माता पार्वती के दिव्य रोल के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। लेकिन जब पूर्णिमा ने फिल्म की पटकथा पढ़ी, तो उनका झुकाव रामबेटी शर्मा के किरदार की तरफ हो गया, जो नीम करोली बाबा की धर्मपत्नी थीं। वह इस पारिवारिक और भावनात्मक भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह आश्वस्त थीं, जिसके बाद निर्माताओं ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें यह भूमिका सौंप दी।
अनुप्रिया नागर ने शूटिंग के दौरान का एक बेहद भावुक करने वाला वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि शोभिनव सत्य, जो फिल्म में नीम करोली बाबा का मुख्य किरदार निभा रहे हैं, उनके सामने पूर्णिमा को एक गहरा भावनात्मक दृश्य फिल्माना था। इस सीन की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इसमें पूर्णिमा के लिए लगभग न के बराबर डायलॉग लिखे गए थे। उन्हें अपनी आंखों, चेहरे के हाव-भाव और मौन अभिव्यक्ति के जरिए ही पूरे दृश्य के दर्द और प्रेम को बयां करना था। जब कैमरा चालू हुआ, तो पूर्णिमा ने इस तरह का जीवंत अभिनय किया कि सेट पर मौजूद पूरी टीम भावुक हो गई और सभी मंत्रमुग्ध होकर उन्हें देखते रह गए। अभिनेत्री ने खुद अपने सोशल मीडिया बायो पर लिखा है कि वह 'रामबेटी का किरदार निभाने के लिए बेहद आभारी हैं।'
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पूर्णिमा तिवारी का संघर्ष और सफर
भले ही 'हनुमान अंश' से पूर्णिमा तिवारी को देशव्यापी ख्याति और सराहना मिल रही हो, लेकिन वह अभिनय की दुनिया में नई नहीं हैं। वह पिछले कई वर्षों से फिल्म उद्योग, टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2019 में आई इमरान हाशमी की फिल्म 'व्हाई चीट इंडिया' से की थी। इसके बाद, उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की प्रसिद्ध सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'रात अकेली है' में गुड़िया नाम का एक महत्वपूर्ण किरदार निभाया था, जिसे आलोचकों द्वारा काफी सराहा गया। इसके अलावा, वह फिल्म 'हुड़दंग' में सुनयना और कानूनी ड्रामा फिल्म 'लकीरें' में नीलू के रूप में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर चुकी हैं।
फिल्मी पर्दे के साथ-साथ छोटे पर्दे और डिजिटल स्ट्रीमिंग की दुनिया में भी पूर्णिमा ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने नेटफ्लिक्स की लोकप्रिय ओरिजिनल वेब सीरीज 'चूना' में शानदार काम किया था। टेलीविजन दर्शकों के लिए वह एक जाना-पहचाना चेहरा हैं, जहां उन्होंने बेहद लोकप्रिय दैनिक धारावाहिक 'गुम है किसी के प्यार में' में अन्वी भोसले की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाई थी। इसके बाद वह सीरियल 'प्यार की राहें' में अंजलि के रूप में दिखाई दीं। लगातार छोटे-बड़े किरदारों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता को तराशने वाली पूर्णिमा के करियर को अब 'हनुमान अंश' ने एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई दे दी है।
रील और रियल लाइफ का बड़ा अंतर
फिल्म में नीम करोली बाबा की पत्नी के रूप में सादगी से लबरेज पारंपरिक भारतीय महिला का किरदार निभाने वाली पूर्णिमा तिवारी असल जिंदगी में काफी अलग हैं। जब दर्शकों ने उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर उनका ग्लैमरस और आधुनिक अवतार देखा, तो वे हैरान रह गए। पर्दे पर बेहद शांत और साधारण दिखने वाली अभिनेत्री असल जिंदगी में बेहद स्टाइलिश और आधुनिक हैं। यही कारण है कि फिल्म देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट पर उनके बारे में सर्च कर रहे हैं और उनके इस अद्भुत बदलाव की प्रशंसा कर रहे हैं। पूर्णिमा तिवारी के अभिनय का यह हुनर ही है कि वह पर्दे पर जितनी सहजता से सादगी को जीती हैं, असल जिंदगी में उतनी ही खूबसूरती से अपने आधुनिक व्यक्तित्व को संभालती हैं।



















