राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले होटल और ढाबा संचालकों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य भर में संचालित किए जा रहे शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंदसौर रोड पर सघन जांच अभियान चलाया। इस मार्ग पर स्थित विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे चलने वाले ढाबों पर अचानक की गई इस कार्रवाई से कारोबारियों में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान कई भोजनालयों में स्वच्छता के तय नियमों की खुलेआम अनदेखी पाई गई, जिसके बाद संबंधित संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है।
रसोई में गंदगी का अंबार, घूमते मिले कॉकरोच
निरीक्षण दल जब प्रतिष्ठानों के भीतरी हिस्सों में पहुंचा, तो वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आई। होटलों के रसोईघर और भोजन कक्ष में फर्श पर मैल जमा था, दीवारें बदरंग थीं और खाना बनाने वाले बर्तन पूरी तरह अस्वच्छ पाए गए। भोजन पकाने और उसे ग्राहकों को परोसने की जगह पर खुलेआम कॉकरोच रेंगते दिखाई दिए, जिनसे संक्रामक रोग फैलने की पूरी आशंका बनी रहती है।
प्रतिष्ठानों के दरवाजों और खिड़कियों पर मक्खियों अथवा कीड़ों को रोकने के लिए कोई महीन जाली नहीं लगाई गई थी। इसके अतिरिक्त तैयार खाद्य सामग्री को खुले बर्तनों में बिना ढके रखा गया था। कचरा डालने के लिए रखे गए कूड़ेदानों पर ढक्कन तक नहीं थे, जिससे भोजन के दूषित होने का खतरा लगातार बना हुआ था।
पनीर, खाद्य तेल और आटे के नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से अधिकारियों ने मौके से कई जरूरी सामग्रियों के नमूने सील किए। टीम ने रसोई और डाइनिंग हॉल से पनीर के साथ-साथ आयोडाइज्ड नमक के सैंपल लिए। इसके साथ ही खाना पकाने के काम में आ रहे सोयाबीन तेल और खुले आटे के पैकेट से भी नमूने संकलित किए गए।
इन सभी नमूनों को सीलबंद करके राज्य की अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भिजवाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित ढाबा और होटल मालिकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कदम उठाए जाएंगे।
न लाइसेंस मिला न मेडिकल रिपोर्ट, 5 किलो सड़ा मांस नष्ट
जांच के दौरान जब प्रतिष्ठान प्रबंधकों से वैधानिक दस्तावेज तलब किए गए, तो अधिकांश संचालक कोई भी वैध कागजात दिखाने में असमर्थ रहे। मौके पर पेस्ट कंट्रोल का कोई पुराना ब्योरा मौजूद नहीं था और वहां सेवारत रसोइयों अथवा कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके अलावा परिसर में इस्तेमाल किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता परखने संबंधी लैब रिपोर्ट और वैध खाद्य कारोबार लाइसेंस भी नदारद पाए गए।
छापेमारी के दौरान एक भोजनालय से लगभग 5 किलो पुराना, बदबूदार और सड़ा हुआ मांसाहारी भोजन मिला। लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए इस 5 किलो सड़े मांस को तुरंत जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। जांच अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को स्वच्छता से जुड़ी समस्त कमियों को फौरन सुधारने और निर्धारित मानकों का अक्षरशः पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं।


















