फिल्म और टीवी जगत के जाने-माने अभिनेता सुदेश बेरी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट साक्षात्कार के दौरान कई राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस बातचीत में उन्होंने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की मुक्तकंठ से सराहना की, वहीं राजनीतिक दल कॉकरेज जनता पार्टी और जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों पर तीखे जुबानी हमले किए। सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें ईश्वर तुल्य माना और कहा कि यदि अवसर प्राप्त हो तो वह उनके चरण धोकर जल ग्रहण करना चाहेंगे। इसके अलावा, उन्होंने सीजेपी को देश के विकास में बाधा उत्पन्न करने वाला संगठन बताते हुए उसके नेताओं को आड़े हाथों लिया।
पीएम नरेंद्र मोदी को बताया भगवान विष्णु का अवतार
साक्षात्कार के दौरान सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और कार्यों की विस्तार से प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई सामान्य इंसान नहीं हैं, बल्कि वह इस धरती पर भगवान विष्णु के अवतार के रूप में कार्य कर रहे हैं। अभिनेता ने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत के प्रधानमंत्री के काम का लोहा माना जा रहा है और पूरी दुनिया में उनके नेतृत्व की गूंज सुनाई दे रही है। उनके शुरुआती जीवन का उल्लेख करते हुए सुदेश बेरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में चाय बेचकर एक असाधारण मिसाल कायम की और उनकी बेची हुई चाय आज वैश्विक स्तर पर भारी साबित हुई है। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि जब चाय बेचने से इतना बड़ा बदलाव आ सकता है, तो सोचिए यदि वह कस्तूरी बेचने निकलें तो उसका प्रभाव कितना विशाल होगा।
इसी बातचीत के दौरान जब देश के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात पर सवाल उठाया गया, तो सुदेश बेरी ने विश्वास जताया कि भारत में रामराज्य स्थापित हो चुका है। जब उनसे यह पूछा गया कि वह किस आधार पर ऐसा कह रहे हैं और रामराज्य कहां दिखाई दे रहा है, तो उन्होंने तर्क दिया कि रामराज्य कोई ऐसी दृश्य वस्तु नहीं है जिसे केवल आंखों से देखा जा सके, बल्कि यह एक ऐसी अनुभूति है जिसे अंतरमन से महसूस किया जाता है। उनका मानना था कि देश भर में जो सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं, उन्हें केवल महसूस करके ही समझा जा सकता है।
प्रधानमंत्री के चरण धोने और सम्मान व्यक्त करने की इच्छा
इंटरव्यू में जब एंकर ने सुदेश बेरी की व्यक्तिगत आदतों पर चर्चा करते हुए उनसे उनकी माता जी के चरण धोकर पीने की परंपरा के बारे में पूछा, तो अभिनेता ने तुरंत इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी श्रद्धा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मां के प्रति जो आदर उनके मन में है, वैसा ही आदर वह देश के प्रधानमंत्री के लिए भी रखते हैं। सुदेश बेरी ने कहा कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सौभाग्य मिले, तो वह उनके पैर धोकर उस जल को पीना चाहेंगे।
अपने इस बयान पर उठने वाले संभावित विवादों को खारिज करते हुए सुदेश बेरी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रधानमंत्री से कभी कोई मुलाकात नहीं हुई है और न ही वह व्यक्तिगत स्तर पर उन्हें जानते हैं। उन्होंने धार्मिक आस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार आम लोग ईश्वर को बिना देखे भी उनकी पूर्ण श्रद्धा से पूजा करते हैं, ठीक उसी भावना के साथ वह भी प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी राष्ट्रप्रमुख के प्रति ऐसी उच्च भावना और सम्मान प्रकट करने में कोई अनुचित या बुरी बात नहीं है।
कॉकरेज जनता पार्टी और उसके नामकरण पर करारा हमला
प्रधानमंत्री की सराहना करने के साथ-साथ सुदेश बेरी ने राजनीतिक दल कॉकरेज जनता पार्टी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पार्टी के सदस्यों के लिए अत्यंत कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें कामचोर और बेकार किस्म के लोग बताया। सुदेश बेरी ने कहा कि यह पार्टी देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के बजाय निरंतर पीछे की ओर खींचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वह किसी एजीपी या सीजीपी जैसी संस्थाओं की कार्यशैली को न तो समझते हैं और न ही समर्थन करते हैं। अभिनेता के अनुसार, देश के हितों के विपरीत काम करने वाले ऐसे संगठनों को सार्वजनिक जीवन से निष्कासित कर दिया जाना चाहिए।
पार्टी के नाम को लेकर भी सुदेश बेरी ने जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि लोग बिना किसी सोच और सार्थकता के कोई भी नाम रख लेते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब इस प्रकार के नाम रखे जा रहे हैं, तो फिर किसी को लकड़बग्घा पार्टी का गठन भी कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत नाम रख लेने से कोई गंभीर राजनीतिक दल नहीं बन जाता और ऐसे नामकरण से राजनीति का स्तर गिरता है।
जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों और युवाओं की मानसिकता पर राय
राजधानी के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए सुदेश बेरी ने वहां जुटने वाले लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वहां बैठकर प्रदर्शन करने वाले लोगों के पास कोई फलदायी काम नहीं है और वे केवल समय बिताने के लिए वहां जमा होते हैं। सुदेश बेरी ने सुझाव दिया कि यदि ये लोग सचमुच समाज या देश की सेवा करना चाहते हैं, तो उन्हें बच्चों के खेलने के लिए पार्कों का निर्माण कराना चाहिए, वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्रम बनवाने चाहिए और जरूरतमंदों के इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर बैठकर केवल नारेबाजी और विरोध करने से समाज को कोई ठोस लाभ नहीं मिलने वाला है।
बातचीत के अंतिम चरण में सुदेश बेरी ने आधुनिक दौर के युवाओं के रवैये पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि आज के कई युवाओं में सही दिशा की समझ नहीं है और वे किसी भी काम को बिना सोचे-समझे करते हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि कुछ युवा इस गलतफहमी में जी रहे हैं कि बिना कठोर परिश्रम किए भी उनके पास लगातार धन आता रहेगा और वे आराम की जिंदगी बिता सकेंगे। इसके अतिरिक्त, सुदेश बेरी ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर उनके इन बयानों को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है, जहां कई लोग उनके विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।



















