रिया चक्रवर्ती इन दिनों करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' के दूसरे सीजन में प्रतियोगी के रूप में हिस्सा ले रही हैं। इस शो के मंच पर बातचीत के दौरान उन्होंने अभिनेता और अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद जीवन में आए कठिन दौर को याद किया। कई वर्षों तक कानूनी लड़ाइयों, सामाजिक बहिष्कार और संदेह के घेरे में रहने के बाद हाल ही में मिली राहत पर चर्चा करते हुए उन्होंने अपनी बेगुनाही का पक्ष बेबाकी से रखा।
इनोसेंट या ट्रेटर का चुनाव और रिया चक्रवर्ती का बेबाक जवाब
रियलिटी शो के मंच पर जब होस्ट करण जौहर ने प्रतियोगिता के नियम समझाते हुए रिया चक्रवर्ती से एक व्यक्तिगत सवाल पूछा, तो माहौल काफी संजीदा हो गया। करण जौहर ने उनसे जानना चाहा कि वह इस गेम शो के भीतर किस तरह की भूमिका निभाना पसंद करेंगी, क्या वह 'इनोसेंट' (निर्दोष) बनना चाहेंगी या फिर 'ट्रेटर' (गद्दार)। इस सवाल के जवाब में रिया चक्रवर्ती ने बिना किसी झिझक के अपनी बात सामने रखी और कहा, "मैं इनोसेंट ही बनना चाहती हूं।"
रिया चक्रवर्ती ने अपने इस चुनाव के पीछे की गहरी वजह बताते हुए कहा कि इसी साल आखिरकार उन्हें क्लोजर रिपोर्ट के जरिए क्लीन चिट मिली है और दुनिया के सामने यह साबित हुआ है कि वह पूरी तरह बेगुनाह हैं। उन्होंने बयां किया कि एक लंबे समय तक वह लगातार संदेह और आरोपों के घेरे में घिरी रही हैं। इतने वर्षों तक इस तरह के मानसिक दबाव और लांछन को सहने के बाद अब वह किसी भी प्रकार से गद्दार या संदिग्ध कहलाना बिल्कुल पसंद नहीं करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बीते सालों में इस तरह की स्थिति बहुत अधिक झेल चुकी हैं।
कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट
द ट्रेटर्स के मंच पर दिया गया रिया चक्रवर्ती का यह बयान सीधे तौर पर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद उन पर उठी उंगलियों और जटिल कानूनी जांच की ओर इशारा करता है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद मामले ने कई कानूनी मोड़ लिए थे। इस दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद रिया को कई दिन जेल की सलाखों के पीछे बिताने पड़े थे।
लंबे समय तक चली गहन जांच प्रक्रिया के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर रिया चक्रवर्ती को सभी आरोपों से बरी करते हुए क्लीन चिट दे दी। इस फैसले से रिया और उनके परिवार को बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली, जिसके बाद उन पर लगे सभी तरह के गंभीर आरोप समाप्त हो गए।
सामाजिक बहिष्कार और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा असर
सुशांत सिंह राजपूत के निधन के पश्चात रिया चक्रवर्ती को केवल पुलिस और जांच एजेंसियों की कानूनी पूछताछ का सामना ही नहीं करना पड़ा, बल्कि उन्हें भारी सामाजिक बहिष्कार और सार्वजनिक जांच की तल्खी भी सहनी पड़ी। जेल में बिताए गए दिन और सामाजिक नफरत ने उनके जीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया था। सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें इस चौतरफा दबाव से राहत मिल सकी।
इससे पहले भी विभिन्न साक्षात्कारों में रिया चक्रवर्ती ने इस बात का खुलकर जिक्र किया है कि इस दर्दनाक घटनाक्रम ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गहरा और नकारात्मक प्रभाव डाला था। उन्होंने स्वीकार किया था कि इस भयावह दौर से गुजरने के बाद वह पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) जैसी गंभीर मानसिक स्थिति का शिकार हो गई थीं, जिससे उबरने में उन्हें एक लंबा समय और कठिन प्रयास करना पड़ा।
'द ट्रेटर्स सीजन 2' के नियम और गेम शो का फॉर्मेट
रिया चक्रवर्ती इन दिनों जिस रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' के दूसरे सीजन में नजर आ रही हैं, उसका संचालन करण जौहर कर रहे हैं। यह गेम शो पूरी तरह से संदेह, चतुर रणनीति, दिमागी चालों और धोखे के ताने-बाने पर आधारित है। शो में शामिल होने वाले सभी प्रतियोगियों को दो मुख्य समूहों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें 'इनोसेंट' (निर्दोष) और 'ट्रेटर' (गद्दार) कहा जाता है।
इस गेम का मुख्य नियम यह है कि इनोसेंट खिलाड़ियों को आपस में तालमेल बनाकर और रणनीति बनाकर उन खिलाड़ियों की पहचान करनी होती है जो गुप्त रूप से ट्रेटर बने हुए हैं। इनोसेंट का लक्ष्य ट्रेटर्स को बेनकाब करके उन्हें खेल से बाहर का रास्ता दिखाना होता है, इससे पहले कि ट्रेटर खुद इनोसेंट खिलाड़ियों को एक-एक करके गेम से निष्कासित कर दें। दूसरी ओर, ट्रेटर की भूमिका निभा रहे प्रतियोगी बाकी सदस्यों को भ्रमित करते हैं, पर्दे के पीछे गुप्त योजनाएं बनाते हैं और अपनी असली पहचान छिपाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।



















