भारतीय सिनेमा के सबसे महान और बहुमुखी अभिनेताओं में से एक कमल हासन ने अपने फिल्मी करियर के 67 साल पूरे कर लिए हैं। महज छह साल की बाल अवस्था में कैमरे के सामने कदम रखने वाले इस दिग्गज कलाकार ने बहुभाषी फिल्मों के माध्यम से पूरे देश के दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। इस ऐतिहासिक पड़ाव तक पहुंचने के अवसर पर उन्होंने अपने जीवन और अनुभवों पर खुलकर चर्चा की है। उन्होंने अपनी लंबी यात्रा को याद करते हुए एक ऐसा विचार साझा किया है, जिसने उनके प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बाल कलाकार से पैन-इंडिया स्टार बनने का सफर
कमल हासन के सिनेमाई सफर की शुरुआत बेहद कम उम्र में ही हो गई थी। उन्होंने मात्र छह वर्ष की आयु में फिल्म 'कलाथुर कन्नम्मा' से एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। अपनी पहली ही फिल्म में उनके असाधारण अभिनय प्रदर्शन के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार यानी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इतनी कम उम्र में इतना बड़ा राष्ट्रीय सम्मान हासिल करना उनके आने वाले शानदार करियर की एक मजबूत बुनियाद बन गया। इसके बाद उन्होंने बाल कलाकार के रूप में पांच अन्य फिल्मों में भी काम किया और दर्शकों का दिल जीता।
छह भाषाओं और 230 से अधिक फिल्मों का विशाल कैनवास
बाल कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 1962 में कमल हासन ने फिल्म 'कन्नुम करलुम' से मलयालम सिनेमा में अपनी शुरुआत की। यहां से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे देश के हर कोने तक फैल गया। अपने लगभग सात दशक लंबे करियर में उन्होंने तमिल के अलावा तेलुगु, मलयालम, हिंदी, कन्नड़ और बंगाली सिनेमा में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं। अब तक वे 230 से भी ज्यादा फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं और भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है।
'67 में से सिर्फ 20 साल ही असली सीख के रहे'
सिनेमा में 67 साल पूरे होने पर मिले बधाई संदेशों के जवाब में कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उन सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें शुभकामनाएं भेजीं। इस दौरान उन्होंने बेहद विनम्रता के साथ कहा कि यदि वे अपने पूरे सफर को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें महसूस होता है कि इन 67 वर्षों में से लगभग 20 साल ही ऐसे रहे हैं जब वे वास्तव में सीख पाए। उनके अनुसार, बाकी का समय परिस्थितियों के साथ बहते हुए बीत गया।
कमल हासन ने आगे लिखा कि उन्होंने अनुभव के तौर पर अब तक जो कुछ भी हासिल किया है, उसे और बेहतर बनाया जा सकता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहनी चाहिए जब तक लोग इस क्षेत्र में उनके बिताए वर्षों की गिनती करना बंद नहीं कर देते और किसी अन्य स्थान पर बेहतर मानकों की तलाश शुरू नहीं कर देते।
विश्व सिनेमा के इतिहास के आधे से अधिक हिस्से के साक्षी
कमल हासन ने अपनी पोस्ट में सिनेमा के इतिहास से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने उन्हें याद दिलाया कि वे सिनेमा के पूरे इतिहास के आधे से भी ज्यादा समय का हिस्सा रहे हैं। दिसंबर 1895 में लुमियर ब्रदर्स द्वारा आयोजित पहली फिल्म स्क्रीनिंग के बाद से वैश्विक फिल्म उद्योग को लगभग 130 साल और 8 महीने हो चुके हैं। इस पूरे कालखंड में से 67 साल तक खुद कमल हासन इस उद्योग में सक्रिय रहे हैं, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। इसी ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद को मजाकिया अंदाज में 'सिनेमा की दुनिया का सबसे उम्रदराज जेन जी' करार दिया।


















