टेलीविजन धारावाहिक 'देवों के देव...महादेव' में माता पार्वती की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सोनारिका भदौरिया ने पर्दे के किरदार और निजी जिंदगी के फर्क को लेकर एक बार फिर बेबाक राय रखी है। अभिनेता मोहित रैना के साथ इस पौराणिक धारावाहिक में काम करने के बाद दर्शकों ने उन्हें उनके ऑनस्क्रीन अवतार से गहराई से जोड़ लिया था। लेकिन जब उन्होंने असल जिंदगी में अपनी पसंद के कपड़े पहने, तो कुछ लोगों ने उनके धार्मिक किरदार की दुहाई देकर उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। साल 2016 के उसी चर्चित बिकिनी विवाद पर अब अभिनेत्री ने ट्रोलर्स को कड़ा संदेश दिया है।
साल 2016 में मॉरीशस की छुट्टियों से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद उस वक्त सामने आया था जब सोनारिका छुट्टियां मनाने मॉरीशस गई हुई थीं। समुद्र किनारे बिताए पलों की कुछ तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की थीं, जिनमें वह बिकिनी पहने नजर आ रही थीं। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस अभिनेत्री ने छोटे पर्दे पर देवी पार्वती का पावन रूप धारण किया हो, उसे इस तरह के पश्चिमी परिधान पहनकर तस्वीरें साझा नहीं करनी चाहिए। लोगों ने उनके वास्तविक जीवन को उनके निभाए गए धार्मिक किरदार के दायरे में बांधने की कोशिश की।
पॉडकास्ट में अभिनेत्री का बेबाक रुख और तीखा पलटवार
हाल ही में हॉटरफ्लाई के एक पॉडकास्ट में अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए सोनारिका ने उस दौर की आलोचनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर आज भी उनका मन बिकिनी पहनने का होगा, तो वह बिना किसी झिझक के उसे पहनेंगी। ट्रोल करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि वह बिकिनी पहनेंगी और इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि उनके पहनावे को लेकर उनके पिता या पति की क्या राय है, यह जानने की उत्सुकता भला दूसरों को क्यों होनी चाहिए।
कंफर्ट और जगह के अनुसार पहनावे का समर्थन
सोनारिका के अनुसार किसी भी इंसान के लिए सबसे ज्यादा अहमियत उसके खुद के आराम की होती है। यदि कोई व्यक्ति किसी पोशाक में सहज महसूस कर रहा है, तो बाहरी दुनिया को उस पर टीका-टिप्पणी करने या राय बनाने का कोई हक नहीं बनता। तर्क रखते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई इंसान पानी में उतरेगा, तो वह माहौल और जरूरत के मुताबिक ही कपड़े चुनेगा। पानी में उतरने के लिए कोई पारंपरिक सूट नहीं पहनता, इसलिए समुद्र या स्वीमिंग पूल के लिए स्विमसूट अथवा बिकिनी पहनना पूरी तरह स्वाभाविक है। उनका मानना है कि लोगों को किसी महिला के कपड़ों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी संकीर्ण मानसिकता में बदलाव लाना चाहिए।
धारावाहिक खत्म होने के बाद भी झेलने पड़े वही सवाल
सोनारिका ने यह भी बयां किया कि 'देवों के देव...महादेव' का प्रसारण समाप्त होने और अन्य धारावाहिकों में अभिनय शुरू करने के बाद भी इस विवाद ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। अलग-अलग साक्षात्कारों में उनसे बार-बार यही सवाल पूछा जाता रहा कि माता पार्वती की भूमिका निभाने के बाद उन्होंने ऐसी तस्वीरें क्यों साझा कीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि दर्शक किसी एक ऑनस्क्रीन किरदार को किसी कलाकार के समूचे निजी जीवन पर क्यों थोप देते हैं।
किरदार के प्रति सम्मान, लेकिन निजी स्वतंत्रता से समझौता नहीं
बातचीत के आखिर में सोनारिका ने साफ किया कि माता पार्वती की भूमिका के लिए दर्शकों से मिले असीम स्नेह को वह जीवन भर संजोकर रखेंगी। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी धार्मिक या संजीदा किरदार में काम करने का अर्थ यह कतई नहीं है कि कलाकार अपनी व्यक्तिगत जिंदगी जीने का तौर-तरीका बदल दे या वास्तविक दुनिया में भी उसी भूमिका में जीने को विवश हो जाए। वर्तमान समय में सोनारिका अभिनय की व्यस्त दुनिया से दूरी बनाकर अपने परिवार के साथ सुकून भरा समय बिता रही हैं।



















