आगामी दीपोत्सव और इसके बाद आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक ठिकानों पर सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आमजन और खरीदारी के लिए उमड़ रहे लोगों की संरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है, साथ ही यातायात प्रबंधन को भी चुस्त-दुरुस्त किया गया है।
सदर बाजार में पुलिस की सघन पेट्रोलिंग और विशेष इंतजाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार में सुरक्षा प्रबंधों का स्थलीय जायजा लेने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सोनू कुमार और स्थानीय थाना प्रभारी सहदेव सिंह ने दल-बल के साथ गश्त की। इलाके की संकरी गलियों और मुख्य मार्गों पर भारी संख्या में पहुंच रहे खरीदारों को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के कारण यहां देश के कोने-कोने से लोग जरूरी सामान लेने पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिल रही है।
बाजार के माहौल और तैयारियों को रेखांकित करते हुए एसीपी सोनू कुमार ने कहा, “हम स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” उन्होंने आगे जानकारी दी कि बाजार से जुड़े सभी रास्तों और मुख्य प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा सके।
पैदल खरीदारों को चलने-फिरने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए मोटर वाहनों की एंट्री को नियंत्रित किया जा रहा है। सड़कों और पटरियों पर किए गए गैरकानूनी कब्जों को हटाने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए हवा में ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। इसके अलावा संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले मुख्य हिस्सों में ऊंचे वॉच टॉवर अथवा मचाननुमा प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां से जवान दूर तक स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
फेशियल रिकग्निशन तकनीक और खोजी दस्तों की तैनाती
सदर बाजार के कुतुब चौक और आसपास के प्रमुख चौराहों पर आधुनिक तकनीक से युक्त विशेष वैन खड़ी की गई हैं, जिनमें चेहरों की पहचान करने वाली अत्याधुनिक प्रणाली लगी हुई है। संदिग्ध गतिविधियों या संदिग्ध व्यक्तियों की तुरंत पहचान करने में यह तकनीक काफी मददगार साबित हो रही है। अधिकारियों का मुख्य जोर इस बात पर है कि संकरी जगहों पर लोगों का भारी जमावड़ा देर तक न टिके और भीड़ लगातार आगे बढ़ती रहे।
सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों के दलों (डॉग स्क्वॉड) को भी मैदान में उतारा गया है। ये टीमें लावारिस वस्तुओं, पार्सलों और संवेदनशील कोनों की लगातार गहन जांच कर रही हैं। त्योहारी मौसम की शुरुआत से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की थीं। व्यापारियों को हिदायत दी गई थी कि वे दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त और चालू हालत में रखें, जबकि निगरानी को चाक-चौबंद बनाने के लिए कई चिन्हित स्थानों पर नए अतिरिक्त कैमरे भी लगवाए गए हैं।
रेलवे स्टेशनों पर चौकसी और वर्दीधारी जवानों का पहरा
मार्केट परिसरों में खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ विशेष अभियानों में उपयोग की जाने वाली कैमोफ्लाज वर्दी पहने सुरक्षा बल भी गश्त कर रहे हैं। अलग-अलग टुकड़ियों को यातायात संचालन और पैदल यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है। दूसरी ओर, दीपावली के साथ-साथ भाई दूज और छठ महापर्व के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों की विशाल संख्या को देखते हुए रेल परिसरों में भी पहरा कड़ा किया गया है।
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा तंत्र ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं लागू की हैं। ट्रेनों में चढ़ने-उतरने वाले यात्रियों की कतारों को व्यवस्थित करने और प्लेटफॉर्मों पर अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष चैनल बनाए गए हैं, ताकि रेल यात्रियों का सफर शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना रहे।
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में भी चाक-चौबंद सुरक्षा
सुरक्षा का यह सख्त चक्रव्यूह केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत के शहरों में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा रही है। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में सिटी पुलिस कमिश्नर शेखर देशमुख ने बताया कि दीपोत्सव का पर्व शांति और सौहार्द से संपन्न कराने के लिए कानून-व्यवस्था, यातायात नियमन और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
स्थानीय बाजारों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की तादाद में खरीदार पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने निगरानी नेटवर्क को और मजबूत कर दिया है। भीड़भाड़ के दौरान सक्रिय रहने वाले जेबकतरों, उचक्कों और अन्य असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए अपराध निरोधक विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो सादे कपड़ों और वर्दी में बाजार में मौजूद रहेंगी। संवेदनशील रास्तों पर वाहनों की औचक जांच के लिए बैरिकेडिंग और सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि रोजमर्रा के आवागमन को बाधित होने से बचाने के लिए व्यवस्थाओं का लगातार पुनरीक्षण किया जा रहा है।
आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने नागरिकों से सतर्क रहने और सहयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय परिस्थिति, संदिग्ध गतिविधि या आपातकालीन आवश्यकता के समय आम लोग तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या 112 पर कॉल करके सूचना दें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आपातकालीन सेवा चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के संचालित हो रही है और कॉल मिलने पर पुलिस फौरन मौके पर पहुंचकर उचित कानूनी कदम उठाएगी। आगामी दिनों में ट्रांसपोर्ट हब, बस अड्डों, बाजारों और व्यावसायिक ठिकानों पर आवाजाही चरम पर रहने का अनुमान है। इसी कारण नागरिक पुलिस और रेलवे प्रशासन आपसी समन्वय स्थापित कर चौबीसों घंटे सक्रिय हैं, ताकि त्योहारों की खुशियां बिना किसी बाधा के सुरक्षित माहौल में मनाई जा सकें।



















