पौराणिक गाथा पर आधारित फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ में माता सीता का रोल निभा रहीं अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा ने भक्ति, मानवता और सामाजिक सोच को लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं। उनका मानना है कि वास्तविक निष्ठा और इंसानियत किसी खास मजहब की सीमाओं में कैद नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने उन प्रवृत्तियों पर भी सवाल उठाए जो सनातन मूल्यों को मानने वालों या अपनी धार्मिक आस्था पर गर्व जताने वालों को कमतर आंकने की कोशिश करते हैं।
सच्चे विश्वास का पैमाना है दूसरों के साथ व्यवहार
सार्वजनिक रूप से धार्मिक पहचान व्यक्त करने पर इंटरनेट पर होने वाली टीका-टिप्पणियों को लेकर अंजलि अरोड़ा ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची श्रद्धा केवल रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि यह व्यक्ति के आचरण और दूसरों के प्रति उसके व्यवहार में झलकनी चाहिए।
अंजलि का कहना है कि जो लोग केवल औपचारिक मजहबी पहचान को पकड़ कर बैठते हैं, वे अक्सर इंसानियत के मूल मर्म को पीछे छोड़ देते हैं। ईश्वर पर सच्चा विश्वास रखने वाला व्यक्ति सभी आस्थाओं का आदर करता है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि एक हिंदू होने के नाते जब उनके सामने कोई मुस्लिम व्यक्ति बैठता है, तो वे उसे किसी पूर्वाग्रह के बिना एक सामान्य और सम्माननीय इंसान की नजर से देखती हैं।
फिल्म सेट पर दिखा साझा समर्पण और संगीत
अंजलि अरोड़ा ने अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान के माहौल को याद करते हुए बताया कि निर्माण दल में विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मिलकर काम कर रहे थे। उन्होंने रेखांकित किया कि सेट पर स्पॉट बॉय, लाइट विभाग के कर्मी और संगीत निर्देशक सहित कई सहयोगी मुस्लिम समुदाय से थे, जिन्होंने पूरे मन और लगन से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
इन कलाकारों और तकनीशियनों ने भगवान राम की महिमा से जुड़े गीतों को गाने, उन्हें संवारने और संगीतबद्ध करने में भी भरपूर योगदान दिया। अंजलि के अनुसार किसी भी व्यक्ति की आस्था यह निर्धारित नहीं करती कि वह किसी रचनात्मक या आध्यात्मिक काम में हिस्सा ले सकता है या नहीं। उनके मुताबिक सबसे अहम बात वह आत्मानुशासन और आचरण है, जिसकी सीख हमारे ग्रंथ और शास्त्र हमेशा से देते आए हैं।
फिल्म से जुड़े कलाकार और रिलीज का विवरण
फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है, जबकि इसके निर्माण की बागडोर प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने संभाली है। इस बड़े प्रोजेक्ट में कई जाने-माने कलाकारों ने प्रमुख पौराणिक किरदारों को पर्दे पर जीवंत किया है।
कास्ट की बात करें तो अंजलि अरोड़ा ने जहां माता सीता की भूमिका अदा की है, वहीं देव शर्मा भगवान राम के मुख्य किरदार में दिखाई दे रहे हैं। उनके अलावा शील वर्मा ने लक्ष्मण, निर्भय वाधवा ने हनुमान और रजनीश दुग्गल ने रावण की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई है। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में हिंदी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में दर्शकों के सामने आ चुकी है।

















