आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन प्रसंगों से प्रेरित सिनेमाई रचना 'हनुमान अंश' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ विदेशी सिनेमाघरों में भी व्यापक दर्शकों का ध्यान खींचा है. सिर्फ 2 करोड़ रुपये की सीमित निर्माण लागत में तैयार की गई इस परियोजना ने टिकट खिड़की पर मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया. परियोजना से जुड़े रचनाकारों का मानना है कि बेहद सादगीपूर्ण शुरुआत के बावजूद फिल्म का यह व्यापक प्रसार नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक कृपा का प्रतिफल है. इस व्यावसायिक और सांस्कृतिक सफलता के बीच फिल्म की मुख्य कर्ताधर्ता अनुप्रिया नागर ने वैश्विक पटल पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवा ली है. महज 21 वर्ष की आयु में इस मुकाम तक पहुंचने वाली युवा निर्माता को आधिकारिक तौर पर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्रदान किया गया है.
कैंची धाम में मत्था टेककर जताया आभार
फिल्म को दर्शकों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया और व्यावसायिक स्वीकार्यता के उपरांत अनुप्रिया नागर रविवार को नैनीताल स्थित सुप्रसिद्ध कैंची धाम आश्रम पहुंचीं. उन्होंने नीम करौली बाबा के समाधि स्थल और मंदिर परिसर में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और परियोजना को मिली सफलता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. आश्रम का यह शांत और आध्यात्मिक परिवेश उस समय एक गौरवपूर्ण क्षण का गवाह बन गया जब युवा फिल्मकार को उनकी इस असाधारण यात्रा के लिए औपचारिक सम्मान भेंट किया गया.
भारत की सबसे कम उम्र की फिल्म निर्माता का खिताब
कैंची धाम में दर्शन-पूजन के तुरंत बाद आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कार्तिक पालीवाल ने अनुप्रिया नागर को आधिकारिक सम्मान पत्र सौंपा. 21 वर्ष की आयु में एक पूर्ण फीचर फिल्म का सफल निर्माण करने के उपलक्ष्य में उन्हें भारत की सबसे युवा फिल्म निर्माता के रूप में मान्यता दी गई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस रिकॉर्ड के दर्ज होने के बाद अनुप्रिया नागर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके स्वयं के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड के लिए एक बड़ा गौरव है. उनके अनुसार यह कीर्तिमान उन तमाम युवा प्रतिभाओं के भीतर नया आत्मविश्वास भरेगा जो मुख्यधारा के फिल्म उद्योग में लीक से हटकर स्वतंत्र पहचान बनाने की आकांक्षा रखते हैं.
सीक्वल में दिखेगी उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों की महिमा
शुरुआती उद्यम की भारी कामयाबी के बाद अब इसके अगले अध्याय को लेकर भी रूपरेखा सामने आने लगी है. निर्माता अनुप्रिया नागर ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कहानी के अगले विस्तार पर विचार शुरू हो चुका है. प्रस्तावित दूसरे भाग में नीम करौली बाबा के सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े उत्तराखंड के पावन तीर्थ स्थलों को केंद्रीय कथावस्तु में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके तहत कैंची धाम की अलौकिक आभा, आश्रम के ऐतिहासिक संदर्भों और हिमालयी अंचल की आध्यात्मिक धरोहर को बड़े पर्दे पर और अधिक गहराई के साथ प्रस्तुत करने की योजना बनाई जा रही है.

















