तेलुगु सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्में आई हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। ऐसी ही एक पारिवारिक और भावनात्मक कहानी दर्शकों के सामने 6 जुलाई को आई थी। डॉ. राजशेखर की यह फिल्म केवल एक घरेलू ड्रामा नहीं थी, बल्कि रिश्तों की गहराइयों को छूने वाली एक ऐसी प्रस्तुति थी जिसने देखने वालों को भावुक कर दिया।
वी. समुद्र का निर्देशन और रीमेक की कहानी
इस प्रोजेक्ट के जरिए निर्देशक वी. समुद्र ने अपने करियर की शुरुआत की थी। यह फिल्म किसी मौलिक कथा पर आधारित नहीं थी, बल्कि यह तमिल सिनेमा की सुपरहिट फिल्म ‘माई’ का पुनर्निर्माण थी। मूल तमिल फिल्म में मुख्य भूमिकाएं शरत कुमार और मीना ने निभाई थीं और वहां यह एक बड़ी कमर्शियल हिट साबित हुई थी। निर्देशक ने उसी सफलता को तेलुगु दर्शकों के मिजाज के अनुसार पर्दे पर उतारने का प्रयास किया था।
मुख्य कलाकार और कलाकारों का अभिनय
तेलुगु संस्करण में डॉ. राजशेखर के साथ अभिनेत्री साक्षी शिवानंद ने स्क्रीन साझा की थी। कहानी का ताना-बाना परिवार और आपसी रिश्तों के इर्द-गिर्द बुना गया था, जहां हर एक पात्र की अपनी विशेष उपयोगिता थी। इन सब कलाकारों के बीच एक नन्हे से कलाकार के अभिनय ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और फिल्म की पटकथा को भावनात्मक रूप से मजबूती प्रदान की।
नन्हे कलाकार का दमदार अभिनय
वह भूमिका मुख्य अभिनेता के बचपन के दिनों की थी, जिसे उस समय महज़ 3 से 4 वर्ष के एक छोटे से बच्चे ने निभाया था। इतनी कम उम्र में कैमरे के सामने उसके हाव-भाव और सहजता को देखकर दर्शक अचंभित रह गए थे। उसके मासूम चेहरे के भाव और संजीदा दृश्यों में अदायगी इतनी असरदार थी कि स्क्रीन पर उसे देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
बाल कलाकार से मुख्य अभिनेता तक का सफर
जब भी उस पुरानी फिल्म के सबसे लोकप्रिय हिस्सों की चर्चा होती है, तो उस नन्हे कलाकार की अदाकारी का जिक्र जरूर होता है। बहुत कम लोगों को यह बात ज्ञात होगी कि वह छोटा सा बच्चा आगे चलकर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग का एक स्थापित और चर्चित चेहरा बन गया। इस बाल कलाकार का वास्तविक नाम मास्टर महेंद्रन है, जिन्होंने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था।
कई बड़ी फिल्मों में अभिनय और पहचान
मास्टर महेंद्रन ने केवल उसी फिल्म तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने शुरुआती दौर में कई बड़ी परियोजनाओं में काम किया। उन्होंने ‘पेद्दारायुडु’, ‘पेल्ली चेसुकुंदाम’, ‘आहा!’, ‘देवी’, ‘अम्मायिकी कोसम’, ‘नी स्नेहम’ और ‘सिंहाद्रि’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। समय के साथ उन्होंने अपनी बाल कलाकार की छवि से बाहर निकलकर मुख्य भूमिकाओं में अपनी किस्मत आजमाई।
मुख्य भूमिकाएं और टर्निंग पॉइंट
उन्होंने ‘फर्स्ट लव’ और ‘असलेंम जरुगुतुंदंते’ जैसी फिल्मों में बतौर मुख्य नायक काम किया। हालांकि, उनके अभिनय जीवन में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी। यह फिल्म ‘मास्टर’ थी, जिसमें उन्होंने अभिनेता विजय सेतुपति के युवा संस्करण की भूमिका निभाई थी और इस किरदार ने उन्हें एक अलग ही पहचान दिलाई।



















