दिग्गज फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी के सिनेमाई सफर और उनके दमदार संवादों का जादू आज भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। हिंदी सिनेमा के पर्दे पर घायल, घातक और दामिनी जैसी शानदार फिल्मों ने अपनी एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी है जिसके कई संवाद आज भी सिनेप्रेमियों की जुबान पर आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे वक्त में जब अभिनेता रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म धुरंधर में उनकी इन्हीं पुरानी और चर्चित फिल्मों का संदर्भ देखने को मिला, तो यह पल निर्देशक के लिए भी काफी भावुक और खास बन गया।
फिल्म में संवाद का अनूठा प्रयोग
हाल ही में सामने आए इस प्रोजेक्ट में रणवीर सिंह का किरदार एक खास अंदाज में यह कहता हुआ नजर आता है कि वह घायल है इसलिए घातक है। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान राजकुमार संतोषी ने खुलकर साझा किया कि जब उन्होंने परदे पर अपनी फिल्मों के इस प्रसिद्ध संदर्भ को महसूस किया, तो उन्हें अंदर से बेहद अच्छा लगा। निर्देशक के अनुसार यह पल उनके लिए सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सिनेमाई सम्मान की तरह था।
फिल्ममेकर को मिली दिली खुशी
अपनी कला और पुराने काम को लेकर बात करते हुए निर्देशक ने कहा कि एक निर्देशक के लिए इससे बड़ा सुख कुछ नहीं हो सकता कि इतने बरस बीत जाने के बाद भी लोग उनके योगदान को दिलों में संजोए रखें। उन्होंने माना कि उनकी फिल्मों के शब्द आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा हैं और यह इस बात की तस्दीक करता है कि उन्होंने अपने सफर में कितनी मेहनत से काम किया है। इस तरह के सम्मान से उनके भीतर एक गहरा संतोष पैदा होता है।
आदित्य धर की टीम की सराहना
धुरंधर फिल्म में जिस शालीनता और प्रासंगिकता के साथ इस पुरानी विरासत को जगह दी गई, उस पर संतोषी ने निर्देशक की पीठ थपथपाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल शब्दों का दोहराव नहीं बल्कि अगली पीढ़ी तक उनकी फिल्मों की विरासत को सम्मान के साथ ले जाने का एक जरिया था। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशक आदित्य धर और उनकी पूरी कार्यशाला को इस कलात्मक सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह आगे भी ऐसे ही बेहतरीन प्रोजेक्ट्स दर्शकों के सामने लाते रहेंगे।
डायलॉग के सटीक इस्तेमाल पर मुहर
निर्देशक ने इस बात का भी जिक्र किया कि उन्हें इस बात की जानकारी फौरन मिल गई थी कि उनकी फिल्मों के लोकप्रिय बोल इस नई कहानी का हिस्सा बन रहे हैं। उन्हें सबसे ज्यादा सुकून इस बात से मिला कि इन पंक्तियों को पूरी गरिमा और सटीकता के साथ कहानी के अंदर पिरोया गया, जिससे इसका प्रभाव और अधिक गहरा हो गया।
सिनेमा में संतोषी का ऐतिहासिक योगदान
भारतीय फिल्म जगत में राजकुमार संतोषी का नाम एक ऐसे हस्ताक्षर के रूप में दर्ज है जिन्होंने हमेशा लीक से हटकर सिनेमा बनाया। घायल फिल्म में अभिनेता सनी देओल के साथ उनकी जुगलबंदी ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था, जिसमें एक्शन और जज्बात का बेजोड़ मिश्रण देखने को मिला था। इसके बाद दामिनी के जरिए उन्होंने समाज की एक ऐसी कड़वी सच्चाई को परदे पर उतारा, जिसने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया था।



















