चेन्नई में राजकुमार पेरियासामी की आने वाली फिल्म ‘ओएम – चैप्टर 1: उधिरम – द ब्लड वुड’ के प्री-रिलीज कार्यक्रम में सिनेमा जगत के कई जाने-माने सितारे नजर आए। इस भव्य आयोजन में मुख्य रूप से धनुष, साई पल्लवी और ममूटी ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मंच पर तब एक दिलचस्प माहौल बन गया जब साई पल्लवी ने अपने सह-कलाकार के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए उनके राजनीतिक सफर को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने अभिनेता से गुजारिश की कि वे फिल्मों से दूर न जाएं।
राजनीतिक चर्चाओं पर साई पल्लवी की अपील
कार्यक्रम के दौरान साई पल्लवी ने अपने संबोधन में कहा कि वे रास्ते में भारी भीड़ और झंडे देखकर हैरान रह गईं, जिससे उन्हें किसी राजनीतिक सभा का अहसास हुआ। उन्होंने कहा कि वे अभिनेता के हर फैसले में उनके साथ हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का हवाला दिया जो फिल्मों से राजनीति में आने के बाद अभिनय छोड़ चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अभिनेता हमेशा सिल्वर स्क्रीन पर सक्रिय बने रहेंगे और अपने दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे।
अटकलों पर अभिनेता का स्पष्टीकरण
राजनीति में प्रवेश करने को लेकर बाजार में गर्म चर्चाओं पर विराम लगाते हुए अभिनेता ने खुद इस पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके भविष्य को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं और यह कहा जा रहा है कि उन्हें कोई बाहरी ताकत या शक्ति निर्देश दे रही है, वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में मार्गदर्शन केवल ईश्वर का होता है और उनके साथ उनके चाहने वाले प्रशंसक तथा आम जनता खड़ी है।
ऑडियो लॉन्च के दौरान मची अफरातफरी
फिल्म ‘ओएम: चैप्टर 1 – उधिरम: द ब्लड वुड’ का यह ऑडियो लॉन्च 6 नवंबर को आयोजित किया गया था। इस बड़े जलसे में अभिनेता की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में फैंस पहुंचे थे, जिससे कार्यक्रम स्थल के बाहर भारी उत्साह का माहौल था। हालांकि, जब ऑडिटोरियम अपनी पूरी क्षमता से भर गया, तो स्थिति असहज हो गई। कई ऐसे प्रशंसक जिनके पास वैध टिकट थे, वे अंदर प्रवेश पाने से वंचित रह गए, जिसके चलते बाहर खड़े लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
घटना की पूरी जिम्मेदारी
ऑडिटोरियम के बाहर हुई इस घटना और प्रशंसकों को हुई असुविधा पर अभिनेता ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक आधिकारिक नोट साझा करते हुए इस पूरी स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी अपने सिर ली। उन्होंने लिखा कि वे इस बात से बेहद दुखी हैं कि वैध टिकट होने के बावजूद उनके कई शुभचिंतक अंदर नहीं आ सके और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
















