उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा बयान जारी करते हुए वंशवादी राजनीतिक दलों पर कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि जो लोग हमेशा सिर्फ अपने निजी और पारिवारिक हितों के दायरे में सोचते आए हैं, उनसे यह उम्मीद करना ही बेमानी है कि वे समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े गरीबों, दलितों और वंचित तबके के कल्याण के लिए कोई गंभीर प्रयास करेंगे। इस तरह की अपेक्षा रखना किसी दिवास्वप्न के समान है।
2017 से पहले के हालात और बदलाव
अपने आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए संदेश में योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था में यह उदासीन रवैया मुख्य रूप से वर्ष 2017 से पहले आम बात हुआ करती थी। उस दौर में वंचित समुदायों और उपेक्षित वर्गों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। सत्ता में बैठे लोग केवल अपने करीबियों और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते थे, जिसके कारण समाज का एक बड़ा हिस्सा दशकों तक बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रखा गया।
वनटांगिया समाज का उत्थान और संकल्प
बयान में आगे कहा गया कि वर्तमान सरकार ने दशकों से उपेक्षित रहे वनटांगिया समाज के उत्थान और उनके जीवन में वास्तविक खुशहाली लाने का दृढ़ संकल्प लिया है। इसी संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि समाज के इन अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा सके। सरकार की प्राथमिकता में वे लोग हमेशा रहे हैं जिन्हें पिछली व्यवस्थाओं में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया था।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कई लोगों ने सरकार के विकास कार्यों और दीपावली की शुभकामनाओं का समर्थन किया, तो वहीं कुछ नागरिकों ने अपनी स्थानीय समस्याओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित कराया।

























