दीवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को सुचारू रूप से संभालने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने करीब पचास विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन सभी गाड़ियों का संचालन एक नवंबर से तीस नवंबर के बीच अलग-अलग तिथियों पर किया जाएगा। ये रेल सेवाएं प्रयागराज, कानपुर, झांसी, आगरा और मथुरा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी और विभिन्न गंतव्यों के लिए रवाना होंगी।
प्रमुख रूटों और गाड़ियों का शेड्यूल
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज से उधना के बीच ट्रेन नंबर 04105 का संचालन एक से उनतीस नवंबर तक सप्ताह में दो दिन तय किया गया है। वापसी की दिशा में ट्रेन नंबर 04106 दो से तीस नवंबर तक पटरियों पर दौड़ेगी। इसके अलावा प्रयागराज और हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन नंबर 04123 भी चार से उनतीस नवंबर के दौरान हफ्ते में दो बार अपनी सेवाएं देगी।
अन्य गंतव्यों के लिए विशेष रेल सेवाएं
प्रयागराज से उधमपुर जाने वाली ट्रेन नंबर 04113 का संचालन तीन नवंबर से बारह दिसंबर तक निर्धारित किया गया है। वहीं प्रयागराज और यशवंतपुर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन नंबर 04149 सात नवंबर से नौ दिसंबर तक यात्रियों को सुविधा मुहैया कराएगी। इन सभी गाड़ियों की वापसी के लिए भी अलग-अलग तारीखों पर स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल तय किया गया है। रेलवे की इस व्यापक सूची में प्रयागराज से सीकर के लिए ट्रेन नंबर 04161 और वापसी के लिए ट्रेन नंबर 04162 भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रयागराज से सूबेदारगंज, डीडीयू और अहमदाबाद जैसे अन्य महत्वपूर्ण रूटों पर भी विशेष ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है।
स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और टिकट व्यवस्था
त्योहारों के इस सीजन के दौरान स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। टिकट खिड़कियों की संख्या में इजाफा किया जाएगा और अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि यात्रियों को टिकट लेने में असुविधा न हो। इसके साथ ही परिसर में लगातार अनाउंसमेंट के जरिए सूचनाएं दी जाती रहेंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट बुकिंग के वास्ते रेल वन ऐप का इस्तेमाल करें।
सुरक्षा और चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम
महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेरी सहेली टीम पूरी तरह सक्रिय रहेगी। इसके अलावा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी चिकित्सीय आपातकाल से निपटने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखने के लिए चौबीस घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।


















