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सिंगापुर में हुए हादसे के एक साल बाद पत्नी गरिमा ने मांगा इंसाफ, असम में मनाया गया तीन दिवसीय जुबिन दिवसमनोरंजन
19 सित॰ 2026, 3:56 pm (39 दिन पहले)· 0

सिंगापुर में हुए हादसे के एक साल बाद पत्नी गरिमा ने मांगा इंसाफ, असम में मनाया गया तीन दिवसीय जुबिन दिवस

गायक जुबिन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर असम के कामरकुची में प्रशंसकों का भारी जमावड़ा लगा, जबकि उनकी पत्नी गरिमा ने मौत की असल वजह सामने लाने और त्वरित न्याय की गुहार लगाई है।

प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के असामयिक निधन को एक पूरा साल बीत चुका है, लेकिन उनके प्रशंसकों और परिवार के दिलों में उनकी यादें आज भी उतनी ही गहरी हैं। असम के कामरकुची स्थित जुबिन क्षेत्र में उनकी पहली पुण्यतिथि के मौके पर तीन दिवसीय विशेष स्मरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों का भारी जमावड़ा देखने को मिला, जहां समुदाय ने अपने चहेते कलाकार की संगीत यात्रा और जीवन दर्शन को एक अनूठे अंदाज में नमन किया।

जाति और मजहब की दीवारें लांघकर एकजुट हुए चाहने वाले

गायक की पत्नी गरिमा गर्ग ने इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पति का हमेशा से यह दृष्टिकोण रहा था कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि, धर्म और जातिगत पहचान से परे उठकर सबसे पहले एक इंसान के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने महसूस किया कि श्रद्धांजलि देने उमड़े अपार जनसमूह ने इस विचार को सच कर दिखाया है, क्योंकि हर तबके के लोग बिना किसी भेदभाव के सिर्फ प्रेम और आदर के साथ वहां उपस्थित हुए। गरिमा के अनुसार, अपने चारों तरफ मौजूद इस स्नेह और समर्थन के रूप में वह अपने पति की मौजूदगी को प्रत्यक्ष तौर पर महसूस कर पा रही हैं।

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शोक के स्थान पर जीवन और सृजन का उत्सव

इस स्मरण सभा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशंसकों ने इसे मातम या अवसाद के रूप में नहीं, बल्कि जीवन और कला के उत्सव के रूप में रूपांतरित कर दिया। गरिमा ने उल्लेख किया कि जुबिन के अंदर यह असाधारण क्षमता थी कि वे जीवन के बड़े से बड़े संकट, मानसिक तनाव और विपरीत परिस्थितियों को अपनी रचनात्मक ऊर्जा में बदल देते थे। उनके अनुसार, गायक का दृढ़ विश्वास था कि ऊर्जा का कभी नाश नहीं होता, बल्कि वह केवल एक व्यक्ति से दूसरे में स्थानांतरित होती है। यही सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा आज असम तथा देश-विदेश में बसे उनके लाखों प्रशंसकों के दिलों में जीवंत है। उनके जीवन में जो भी परेशानियां आईं, उन्होंने उन्हें कभी अपने कलात्मक उत्साह पर हावी नहीं होने दिया।

सिंगापुर घटना पर जांच और इंसाफ की गुहार

पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान जुबिन गर्ग का देहांत हो गया था। उस घटना के बाद से ही यह सवाल बना हुआ है कि वह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी अथवा उसके पीछे कोई पूर्व-नियोजित साजिश थी। असम सरकार की ओर से मामले की गहन पड़ताल के आदेश दिए गए थे और यह प्रकरण वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत अदालत में विचाराधीन है।

कानूनी स्थिति पर बात करते हुए गरिमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

"हमें न्याय चाहिए."
उन्होंने आगे जोर दिया कि परिवार और चाहने वाले केवल यह जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर को सिंगापुर के उस कॉन्सर्ट में वास्तव में क्या घटित हुआ था। उन्होंने कहा कि जब मामला अदालत के समक्ष है, तो सच निष्पक्षता से सामने आना चाहिए ताकि दिवंगत गायक को पूरा न्याय मिल सके।

सवाल-जवाब

जुबिन गर्ग का निधन कब और कहां हुआ था?
सिंगर जुबिन गर्ग का निधन पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान हुआ था।
असम में उनकी पहली पुण्यतिथि पर क्या आयोजित किया जा रहा है?
असम के कामरकुची स्थित जुबिन क्षेत्र में उनकी स्मृति में तीन दिवसीय 'जुबिन दिवस' मनाया जा रहा है।
गायक की पत्नी गरिमा ने क्या मांग उठाई है?
उनकी पत्नी गरिमा ने मामले में त्वरित न्याय की मांग की है ताकि 19 सितंबर को सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था, इसका सच सामने आ सके।
क्या जुबिन गर्ग की मृत्यु के मामले में कानूनी जांच चल रही है?
हां, असम सरकार के आदेश के बाद यह मामला अदालत में न्यायिक प्रक्रिया और कानूनी कार्यवाही के तहत विचाराधीन है।
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