राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक कार्रवाई के दौरान 22 वर्षीय बीकॉम छात्र को पकड़ा है, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध पदार्थ बरामद किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्ध के कब्जे से 101 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध कारोबार के तार अंतरराज्यीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिसकी पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है।
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक की पहचान रोहित के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम जिले का रहने वाला है। उसे 24 अक्टूबर को द्वारका के सेक्टर-1 में स्थित हरसुख अपार्टमेंट्स के पास एक विशेष खुफिया सूचना के आधार पर दबोचा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे मामले की तह तक जाने के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है ताकि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
विदेशी नागरिक और नेटवर्क की तलाश
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने कई अहम खुलासे किए हैं। रोहित ने कथित तौर पर बताया कि वह हरियाणा से विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में हेरोइन की खेप लेने आया था। उसने यह भी कबूल किया कि जैविंदर नाम के एक व्यक्ति के निर्देश पर उसने जनकपुरी क्षेत्र में रहने वाले एक अज्ञात विदेशी नागरिक से यह हेरोइन प्राप्त की थी। पुलिस का मानना है कि जैविंदर ही इस पूरी चेन में मुख्य कड़ी है जो सीधे तौर पर उस विदेशी सप्लायर के संपर्क में था। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि इस सिंडिकेट में और भी कई स्थानीय और बाहरी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका साउथ थाने में 24 अक्टूबर को एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अब उन सभी रास्तों और स्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है जहां आरोपी ने आवाजाही की थी, ताकि उसकी गतिविधियों के हर पहलू की पुष्टि की जा सके। इसके अलावा संदिग्ध विदेशी नागरिक और जैविंदर की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रोहित हरियाणा के एक प्रतिष्ठित संस्थान से बीकॉम के फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है और अब तक उसका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि एक छात्र इस दलदल में कैसे फंसा और इस रैकेट के जरिए यह खेप किसे सौंपी जानी थी।























