उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेनिश एन्क्लेव सेउटा के समुद्र तटों पर कई हफ्तों से खुले आसमान के नीचे रह रहे सैकड़ों प्रवासियों को पुलिस ने बंदरगाह इलाके में बने एक नए तंबू शिविर में स्थानांतरित करने की बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार को सुबह लगभग 07:00 बजे (05:00 जीएमटी) जब यह अभियान आरंभ हुआ, तो नए कैंप में जगह पाने को लेकर लोगों के बीच भारी आपाधापी मच गई। समुद्र तटों की कठिन परिस्थितियों से निकलकर आश्रय हासिल करने की होड़ के बीच कई प्रवासियों की स्पेनिश सिविल गार्ड के जवानों के साथ तीखी धक्का-मुक्की हुई। भीड़ के अनियंत्रित होने पर हवा में गोलियों की आवाजें भी सुनी गईं, जहां सुरक्षा बलों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हवाई फायर किए जाने की बात सामने आई।
बंदरगाह के तंबू शिविर में व्यवस्था और सुरक्षा बलों की तैनाती
बंदरगाह क्षेत्र में तैयार किए गए इस नए तंबू शिविर की कुल क्षमता 1,700 लोगों की है। अभियान की शुरुआत के बाद अब तक कई सौ प्रवासी इस केंद्र में पहुंच चुके हैं, जबकि कुल मिलाकर 3,000 से अधिक लोगों को यहां स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। समुद्र तट से बंदरगाह तक तय किए गए 2 किलोमीटर (1.2 मील) लंबे सुरक्षा मार्ग पर स्थानांतरण के दौरान कई युवाओं ने पुलिस घेरा तोड़ दिया। अंधेरे के बीच सुरक्षा घेरा तोड़कर भागते युवकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति को संभालने के लिए ड्रोन तकनीशियनों सहित 170 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था। अतिरिक्त बल के दखल के बाद हालात पर तेजी से काबू पा लिया गया और स्थानांतरण का काम दोबारा शुरू कराया गया।
पहचान प्रक्रिया और प्रशासनिक स्थिति का निर्धारण
स्पेन सरकार के अनुसार इस पूरे अभियान का प्राथमिक उद्देश्य प्रवासियों को बिखरी हुई जगहों से हटाकर एक निश्चित और सुरक्षित केंद्र में एकत्र करना है। खुले समुद्र तटों पर बुनियादी सुविधाओं और निगरानी का अभाव था। अब इस नए केंद्र में सभी व्यक्तियों को प्राथमिक देखभाल और भोजन जैसी मानवीय सुविधाएं दी जा सकेंगी। इसके साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक प्रवासी की औपचारिक पहचान करने और उनके प्रशासनिक दर्जे का अलग-अलग मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया के जरिए यह तय किया जाएगा कि नियमों के तहत किन प्रवासियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है और किनके मामले में अन्य कदम उठाए जाएंगे।
जुलाई की घुसपैठ और एन्क्लेव में प्रवासियों का दबाव
सेउटा में मौजूदा संकट की जड़ें जुलाई के महीने में हुए बड़े सीमा उल्लंघन से जुड़ी हैं। उस समय मोरक्को की सीमा पार करके लगभग 72,000 प्रवासी इस स्पेनिश क्षेत्र में दाखिल हो गए थे। हालांकि उनमें से अधिकांश लोग वापस लौट चुके हैं, लेकिन अनुमान के अनुसार अब भी 13,000 से अधिक प्रवासी इस 18.5 वर्ग किलोमीटर (7.2 वर्ग मील) वाले छोटे से इलाके में मौजूद हैं। सीमित क्षेत्रफल और भारी संख्या के कारण स्थानीय संसाधनों पर भारी दबाव बना हुआ है, जिसके चलते प्रशासन को चरणबद्ध तरीके से लोगों को व्यवस्थित करने का रास्ता चुनना पड़ा है।
स्थानीय नागरिकों की नाराजगी और आंतरिक तनाव
प्रवासियों की भारी आमद के बाद से सेउटा के स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं पैदा हो गई हैं। सीमित भूभाग वाले इस शहर में अचानक आबादी का दबाव बढ़ने से रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय स्तर पर तनाव इतना बढ़ गया कि कुछ नागरिकों ने प्रवासियों द्वारा बनाए गए अस्थायी तंबुओं और आश्रयों को तोड़ दिया, जबकि कई मौकों पर प्रवासियों तक राहत सामग्री पहुंचाने के रास्तों को भी अवरुद्ध करने की कोशिश की गई। नागरिक प्रशासन और आम लोग दोनों ही इस अप्रत्याशित भीड़ के सामने खुद को असहज पा रहे हैं।
राजनीतिक तकरार और पेड्रो सांचेज़ सरकार पर हमले
इस पूरे घटनाक्रम ने स्पेन की राष्ट्रीय राजनीति में भी भारी उबाल ला दिया है। सेउटा के मेयर जुआन जीसस विवास ने इस महीने की शुरुआत में यूरोपीय संसद के सांसदों के सामने शहर के हालात बयां करते हुए कहा था कि प्रवासियों ने सेउटा को एक प्रेशर कुकर बना दिया है। कंजर्वेटिव मेयर का कहना था कि यह शहर इस घटना से पहले जैसा था, अब उससे पूरी तरह बदल चुका है, सेउटा के लोगों की खुशियां छिन गई हैं और उनकी जीवनशैली पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
दूसरी ओर, विपक्षी दल सरकार की नीतियों पर लगातार हमलावर हैं। कंजर्वेटिव पीपुल्स पार्टी की एस्टर मुनोज़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सेउटा में हुए इस प्रवेश और इस दौरान जान गंवाने वालों के लिए सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ को इस पूरे संकट से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पेड्रो सांचेज़ ने पहले से इस तरह के बड़े पैमाने पर सीमा पार आवागमन की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।
अदालती फैसला, अफवाहें और घातक समुद्र पार यात्रा
यह संकट स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद गहराया। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में व्यवस्था दी थी कि सेउटा पहुंचने की कोशिश में समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत या सरसरी तौर पर वापस मोरक्को नहीं भेजा जा सकता। इस कानूनी निर्णय के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां फैलने लगीं। कुछ सोशल मीडिया खातों ने सैकड़ों पाउंड लेकर प्रवासियों को स्पेन की सीमा पार कराने के झूठे वादे और पेशकश करनी शुरू कर दी।
इन दावों के झांसे में आकर हजारों लोग सीमा पर लगी बाड़ की ओर उमड़ पड़े और कई लोगों ने समुद्री बाधाओं के चारों ओर तैरकर एन्क्लेव में घुसने का जोखिम उठाया। इस खतरनाक और अनियंत्रित कोशिश के दौरान बड़ा मानवीय नुकसान भी हुआ। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, समुद्र और बाड़ के रास्ते सीमा पार करने की इस खतरनाक जद्दोजहद में कम से कम 100 लोगों की डूबने या अन्य कारणों से मौत हो गई। इस त्रासदी और कानूनी बाधाओं ने सरकार के सामने प्रशासनिक के साथ-साथ कूटनीतिक चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।



















