हेग स्थित विशेष अदालत ने कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को 1990 के दशक के संघर्ष के दौरान गंभीर युद्ध अपराधों का दोषी ठहराते हुए 25 साल जेल की सजा सुनाई है। बुधवार को आए इस ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने 58 वर्षीय नेता को उस दौर में हुए अत्याचारों के लिए जवाबदेह माना जब कोसोवो ने सर्बिया से अलग होने के लिए सशस्त्र संघर्ष छेड़ा था। तीन साल तक चले सघन ट्रायल के बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया, जिसमें थाची पर हत्या, गैरकानूनी हिरासत, यातना और क्रूर व्यवहार के गंभीर अभियोग सिद्ध पाए गए।
हेग में तीन साल चला ऐतिहासिक मुकदमा
द हेग में चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया में दोनों पक्षों की दलीलों और पेश किए गए साक्ष्यों की गहन समीक्षा की गई। अभियोजन पक्ष ने थाची पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लगभग 100 नागरिकों की जान लेने और लोगों को जबरन गायब करने जैसी अमानवीय वारदातों में सीधी भूमिका निभाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में यह स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगाए गए कई अन्य आरोप पर्याप्त प्रमाण न होने के कारण साबित नहीं हो सके। इसके बावजूद, सिद्ध हुए अपराधों की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीशों ने उन्हें 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा मुकर्रर की।
कोसोवो लिबरेशन आर्मी के शीर्ष कमांडर रहे हैं थाची
हाशिम थाची 1990 के शुरुआती दशक में गठित कोसोवो लिबरेशन आर्मी (केएलए) के सह-संस्थापक और प्रमुख सैन्य कमांडर थे। उस समय यह संगठन सर्बिया के एक प्रांत के रूप में मौजूद कोसोवो में रहने वाले जातीय अल्बानियाई समुदाय के लोगों का एक गुरिल्ला गुट था। इस संगठन ने बेलग्रेड के शासन से मुक्ति पाने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करते हुए हथियार उठाए थे। इस सशस्त्र विद्रोह और उसके बाद भड़के पूरे युद्ध में 10,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। युद्ध के दौरान केएलए पर क्षेत्र में रहने वाले अल्पसंख्यक जातीय सर्ब नागरिकों और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और उन पर हमले करने के आरोप लगे थे।
समान आरोपों में तीन अन्य पूर्व कमांडर भी कटघरे में
अदालत की इस कानूनी कार्यवाही में हाशिम थाची अकेले नहीं थे। उनके साथ केएलए के तीन अन्य पूर्व शीर्ष कमांडरों पर भी समानांतर रूप से मुकदमा चलाया गया। इन तीनों पूर्व कमांडरों पर भी 1990 के संघर्ष के दौरान सामूहिक हिंसा, अत्याचार, नागरिकों को बंधक बनाने और युद्ध अपराधों को अंजाम देने के ऐसे ही आरोप तय किए गए थे। विशेष अदालत ने इन सभी पूर्व सैन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की, जिन्होंने उस खूनी संघर्ष में गुरिल्ला बल का नेतृत्व किया था।
गुरिल्ला कमांडर से राष्ट्रपति बनने का सफर
युद्ध समाप्त होने और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बाद जब कोसोवो ने 2008 में सर्बिया से अपनी स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा की, तब हाशिम थाची देश के पहले प्रधानमंत्री चुने गए। बाद के वर्षों में वे पदोन्नत होकर कोसोवो के राष्ट्रपति बने। गृहक्षेत्र में उन्हें लंबे समय तक स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नायक के रूप में देखा जाता रहा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा युद्ध अपराधों के औपचारिक अभियोग तय किए जाने के बाद उन्होंने वर्ष 2020 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे हेग जाकर कानूनी प्रक्रिया और आरोपों का सामना कर सकें।
राजधानी प्रिस्टिना में सन्नाटा और मायूसी
फैसला सुनाए जाने के दौरान कोसोवो भर में सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ जमा हुई। राजधानी प्रिस्टिना सहित कई शहरों में अदालत की सीधी कार्यवाही दिखाने के लिए विशाल स्क्रीन लगाई गई थीं। जैसे ही न्यायाधीशों ने 25 साल के कारावास का आदेश पढ़ा, वहां मौजूद हजारों समर्थकों में गहरा शोक छा गया। सार्वजनिक चौराहों पर लोग फफक-फफक कर रोते देखे गए। कोसोवो के अधिकांश नागरिकों के लिए, जो थाची को एक संप्रभु राष्ट्र के निर्माता और नायक के रूप में पूजते रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय अदालत का यह फैसला एक अत्यंत दर्दनाक झटका साबित हुआ है।



















