उत्तर अफ़्रीका के तट पर स्थित स्पैनिश शहर सेउटा में प्रवासी संकट बेहद हिंसक रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों और हाल ही में आए प्रवासियों के बीच बढ़ता तनाव अब खुली झड़पों और आगजनी में बदल गया है। लगभग एक महीना पहले पड़ोसी देश मोरक्को से हजारों प्रवासियों ने समुद्र के रास्ते स्पेन के इस स्वायत्त क्षेत्र में घुसपैठ की थी। इसके बाद से ही शहर में आक्रोश का माहौल बना हुआ था, जो अब सड़कों पर हिंसा, निजी संपत्तियों को नुकसान और पुलिस के साथ हिंसक झड़पों के रूप में सामने आ रहा है। इस बिगड़ती स्थिति ने शहर की सार्वजनिक सेवाओं, मानवीय राहत कार्यों और स्पेन की राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा उथल-पुथल पैदा कर दिया है।
गुरुवार को स्थिति उस समय अत्यंत तनावपूर्ण हो गई जब दर्जनों स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने रेड क्रॉस के राहत कार्यकर्ताओं को प्रवासियों के बीच भोजन और पीने का पानी बांटने से जबरन रोक दिया। राहत कार्य रोकने के बाद प्रदर्शनकारियों का समूह ट्रैम्पोलिन बीच पर पहुंच गया, जहां सैकड़ों प्रवासी खुले आसमान के नीचे शरण लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रवासियों के अस्थायी तंबुओं, बिस्तरों और कपड़ों में आग लगा दी। इस आगजनी के कारण समुद्र तट पर अफ़रातफ़री मच गई, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए दंगा नियंत्रण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच हिंसक धक्का-मुक्की और झड़पें हुईं।
सड़कों पर हिंसक झड़पें और निगरानी समूहों का खौफ
समुद्र तट पर हुई यह हिंसा उस घटना के कुछ ही घंटों बाद देखने को मिली, जब पुलिस ने 12 प्रवासियों को गिरफ्तार किया था। इन प्रवासियों पर शहर में गश्त कर रहे एक सैन्य वाहन पर पत्थरों और भारी मलबे से हमला करने का आरोप है। इस पथराव में सैन्य वाहन की खिड़कियां टूट गईं और वाहन के भीतर सवार 4 सैनिक घायल हो गए थे। इस घटना के बाद शहर के निवासियों का गुस्सा भड़क उठा और स्थानीय लोगों के समूहों ने सड़कों पर उतरकर प्रवासियों की तलाश शुरू कर दी। शहर के बिगड़ते माहौल के बीच पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को भी धमकियां मिलने की खबरें सामने आई हैं, जहां रिपोर्टिंग कर रहे कैमरामैन और संवाददाताओं को डराया-धमकाया गया।
सेउटा में इस समय कई हजार प्रवासी बुनियादी सुविधाओं के बिना रहने को मजबूर हैं। ये प्रवासी सड़कों, फुटपाथों और समुद्र तटों पर रात बिता रहे हैं। इस भीड़ में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे भी शामिल हैं जो बिना किसी अभिभावक के सीमा पार करके स्पेन आए थे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों पर घूमते इन समूहों के कारण वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अस्पतालों, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे दैनिक व्यवस्था चरमरा गई है।
सीमा पर मास क्रॉसिंग और मौतों का दर्दनाक आंकड़ा
सेउटा में जारी यह तनाव 30 और 31 जुलाई को हुई उस ऐतिहासिक घटना का परिणाम है, जब 48 घंटों के भीतर मोरक्को से कम से कम 72,000 प्रवासियों ने स्पैनिश सीमा में प्रवेश किया था। इनमें से अधिकांश लोगों ने मोरक्को और सेउटा को अलग करने वाली तटीय बाड़ के चारों ओर तैरकर सीमा पार की थी। सेउटा के मेयर जुआन जेसुस विवाश द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, समुद्र के रास्ते की गई इस खतरनाक घुसपैठ के दौरान कम से कम 100 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी। यद्यपि स्पैनिश अधिकारियों ने अधिकांश प्रवासियों को कुछ ही घंटों के भीतर वापस मोरक्को भेज दिया था, लेकिन कई हजार प्रवासी शहर के भीतर छिपने में सफल रहे और तब से वहीं रह रहे हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर हजारों प्रवासियों की मौजूदगी से शहर में सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है। स्पेन की केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रवासियों को खुले तटों से हटाकर खेल परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है ताकि उनके कानूनी दस्तावेजों की जांच की जा सके और शरण के अयोग्य पाए गए लोगों को वापस मोरक्को भेजा जा सके। हालांकि, मेयर जुआन जेसुस विवाश और स्थानीय नागरिक इस योजना का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि आवासीय क्षेत्रों के पास प्रवासी केंद्र बनाने से स्थानीय परिवारों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगा।
मैड्रिड में राजनीतिक घमासान और हेट क्राइम की जांच
सेउटा के इस मानवीय और सुरक्षा संकट ने मैड्रिड की राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। सेउटा के कंजर्वेटिव मेयर जुआन जेसुस विवाश ने एंटिना 3 टेलीविज़न को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उनका शहर लंबे समय से अत्यधिक दबाव में है और यहां के नागरिकों को सामान्य जीवन जीने का पूरा अधिकार है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि इस समय सेउटा में पूरे स्पेन की प्रतिष्ठा और सम्मान दांव पर लगा हुआ है, इसलिए केंद्र सरकार को शहर की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
विरोधियों के बढ़ते हमलों के बीच, प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार ने इस सप्ताह संकट प्रबंधन की कमान पूरी तरह से अपने हाथों में ले ली। केंद्र सरकार ने स्थानीय प्राधिकरण के अधिकारों को दरकिनार करते हुए सीमा नियंत्रण और राहत कार्यों का संचालन सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया। विपक्षी दलों ने सरकार पर सीमा संकट से निपटने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और विपक्षी दलों पर समाज में नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ की सरकार ने आरोप लगाया कि पीपुल्स पार्टी और सुदूर-दक्षिणपंथी वोक्स पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए प्रवासी विरोधी भावनाओं को भड़का रही हैं। मास क्रॉसिंग के तुरंत बाद वोक्स पार्टी के सांसद जोस मारिया फिगारेडो के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि आए हुए प्रवासियों का एक-एक करके शिकार किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद उनके खिलाफ संभावित हेट क्राइम की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रान्ड-मारलास्का ने संसदीय समिति के सामने इस तरह की भाषा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संकट के समय ऐसी भड़काऊ बयानबाजी अप्रवासियों का अपमान करती है और सामाजिक विभाजन को गहरा करती है, जबकि इस समय देश को ज़िम्मेदारी और परिपक्व नेतृत्व की आवश्यकता है।
दूसरी ओर, पीपुल्स पार्टी की ओर से सेउटा का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद जेवियर सेलाया ने संसद में सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अवैध घुसपैठियों को पीड़ितों की तरह देख रही है, जबकि असली पीड़ित सेउटा के आम नागरिक हैं जो इस संकट को झेल रहे हैं। मैड्रिड में जारी इस राजनीतिक तकरार के बीच, सेउटा की स्थानीय असेंबली में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों ने शुक्रवार को एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें शहर में हो रही हर तरह की हिंसा और उपद्रव की एक स्वर में निंदा की गई।
मोरक्को के साथ कूटनीतिक तनाव और संप्रभुता का विवाद
घरेलू राजनीति के अलावा, इस संकट ने मोरक्को और स्पेन के बीच क्षेत्रीय संप्रभुता के पुराने विवाद को एक बार फिर से हवा दे दी है। स्पेन के दक्षिणपंथी और सुदूर-वामपंथी दलों के नेताओं ने मोरक्को सरकार पर सीमा घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मोरक्को अतीत में भी स्पेन के साथ कूटनीतिक वार्ताओं में बढ़त हासिल करने के लिए अपनी सीमाओं का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करता रहा है।
हालांकि, प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ और उनकी सोशलिस्ट पार्टी ने मोरक्को सरकार पर लगे आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि इस सामूहिक घुसपैठ के पीछे मानव तस्करों का गिरोह सक्रिय था और मोरक्को स्पेन का एक विश्वसनीय सहयोगी है, जिसने हजारों प्रवासियों की तत्काल वापसी में पूर्ण सहयोग दिया है। इसके बावजूद, इस घटनाक्रम ने उत्तरी अफ़्रीका में स्पेन के दो स्वायत्त शहरों, सेउटा और मेलिला की संप्रभुता को लेकर बहस तेज कर दी है, क्योंकि मोरक्को ने हाल के हफ्तों में इन क्षेत्रों पर अपने ऐतिहासिक दावों को दोहराया है।
मोरक्को के इन दावों का स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कड़ा विरोध किया है। संसदीय समिति को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री अल्बारेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्पेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे पर किसी भी देश से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वे मोरक्को या दुनिया के किसी भी अन्य देश के साथ स्पेन की संप्रभुता और सीमाओं पर न तो बात करते हैं और न ही कभी बात करेंगे।



















