रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 1700 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं लेकिन युद्ध के रुकने की कोई संभावना अब तक नजर नहीं आ रही है। जैसे ही दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू होती है, उसी दिन व्लादिमीर पुतिन या वोलोदिमीर जेलेंस्की की तरफ से हमले की खबरें सामने आने लगती हैं। इस विनाशकारी संघर्ष में न तो व्लादिमीर पुतिन पीछे हट रहे हैं और न ही वोलोदिमीर जेलेंस्की झुकने को तैयार हैं। दोनों पक्षों की तरफ से लगातार एक दूसरे के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के बीच यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सीधे तौर पर निशाना बनाने की कोई बड़ी योजना तैयार की जा चुकी है। यह चिंता तब और गहरी हो गई जब व्लादिमीर पुतिन के प्रमुख आवास वाल्दाई पैलेस में हाल ही में 15 नए एयर डिफेंस टावर खड़े कर दिए गए हैं।
वाल्दाई पैलेस की बढ़ाई गई अभेद्य सुरक्षा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर प्रमख रूप से या तो मॉस्को में रहते हैं या फिर अपने सुरक्षित वाल्दाई पैलेस में निवास करते हैं। लेकिन यह मामला तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में छा गया जब व्लादिमीर पुतिन के वाल्दाई पैलेस के आसपास 15 नए एयर डिफेंस टावर स्थापित किए जाने की बात सामने आई। ये तमाम नए एयर डिफेंस टावर दक्षिण दिशा में लगाए गए हैं, यानी उस तरफ से जिधर से यूक्रेन की सीमा पड़ती है। इन नए टावरों के लगने के बाद अब वाल्दाई पैलेस की सुरक्षा में तैनात डिफेंस टावरों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो चुकी है। इन सभी टावरों पर पैंटसिर-टोर डिफेंस सिस्टम को तैनात किया जा रहा है, जिन्हें आसमान से आने वाले ड्रोन हमलों को रोकने में खासी महारत हासिल है।
कहां स्थित है वाल्दाई पैलेस और क्या है ताजा स्थिति
सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वाल्दाई पैलेस का सुरक्षा घेरा पहले से कहीं अधिक कड़ा और सख्त कर दिया है। व्लादिमीर पुतिन का यह आलीशान पैलेस उत्तर-पश्चिमी रूस में वाल्दाई झील के बिल्कुल किनारे पर मौजूद है। इन नए टावरों की सटीक लोकेशन सामने आने के बाद से ही व्लादिमीर पुतिन की निजी सुरक्षा को लेकर तमाम तरह के कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। वाल्दाई पैलेस के ठीक पास 15 डिफेंस टावर एक लंबी कतार में सजाकर लगाए गए हैं। ये सभी नए टावर पूरी तरह से यूक्रेन की दिशा की तरफ मुंह करके खड़े किए गए हैं। वाल्दाई पैलेस के 50 किलोमीटर के दायरे के भीतर अब एयर डिफेंस टावरों की कुल तादाद 50 से अधिक हो गई है। आपको यह भी याद दिला दें कि हाल ही में व्लादिमीर पुतिन ने बातचीत के लिए तैयार होने और शांतिपूर्ण समाधान की तलाश करने की बात कही थी, साथ ही उन्होंने यूक्रेन पर ही इस युद्ध को शुरू करने के गंभीर आरोप मड़े थे।
खुफिया इनपुट और मॉस्को से तुलना
विशेषज्ञों के बीच ऐसा माना जा रहा है कि रूसी खुफिया एजेंसी को इस बात के बहुत पुख्ता इंटेलिजेंस इनपुट हाथ लगे हैं कि यूक्रेन सीधे तौर पर व्लादिमीर पुतिन के वाल्दाई पैलेस को बड़ा निशाना बना सकता है। रूसी एजेंसी को मॉस्को शहर की तुलना में वाल्दाई पैलेस पर हमले का खतरा ज्यादा मंडराता हुआ नजर आ रहा है। यह बात इसलिए भी पूरी प्रबलता से कही जा रही है क्योंकि वाल्दाई पैलेस के डिफेंस सिस्टम को राजधानी मॉस्को से भी ज्यादा सुरक्षित और कड़े कवच के अंदर रख दिया गया है। मॉस्को में व्लादिमीर पुतिन के घर की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर डालें तो वहां करीब 2 करोड़ की आबादी के लिए कुल 98 एयर डिफेंस टावर लगाए गए हैं, जिसका सीधा मतलब है कि हर 2 लाख की आबादी पर वहां 1 टावर मौजूद है। इसके विपरीत, वाल्दाई में व्लादिमीर पुतिन के पैलेस वाले इलाके में 1 लाख से भी कम आबादी होने के बावजूद वहां कुल 50 टावर खड़े किए गए हैं, यानी वहां हर 2,000 लोगों पर 1 एयर डिफेंस टावर तैनात किया गया है।
यूक्रेन के बढ़ते हमलों का खौफ
गौरतलब है कि यूक्रेन के ड्रोन और मिसाइलें भले ही सीधे तौर पर व्लादिमीर पुतिन के पैलेस की इमारतों पर नहीं गिरी हैं, लेकिन वे लगातार इसके बेहद पास आकर गिरती रही हैं। अब जिस आक्रामक तरीके से यूक्रेन ने अपने हमलों को और ज्यादा तेज कर दिया है और जिस अंदाज में यूक्रेनी ड्रोन तथा मिसाइलें साइबेरिया तक लंबी मार करने में कामयाब हो रही हैं, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए रूस अब किसी भी प्रकार का कोई जोखिम उठाने के मूड में बिल्कुल नहीं है। यही मुख्य वजह है कि पिछले 6 महीनों के भीतर व्लादिमीर पुतिन के वाल्दाई पैलेस को पूरी तरह से एक अचूक सुरक्षा कवच से ढक दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते हवा में ही नाकाम किया जा सके।
























