एनटीए ने जारी किया जेईई मेन 2027 का विस्तृत पाठ्यक्रम, तीनों विषयों की 54 यूनिट्स से तय होगी परीक्षा की दिशामाउंट आबू यात्रा के दौरान हनुमान भक्तों के लिए ये पांच स्थान हैं बेहद खासमूलांक 4 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: हर बात साबित करने की जिद और बेकार की बहस से बचेंमूलांक 3 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: अटके काम पकड़ेंगे रफ्तार और गलतियों से मिलेगा छुटकाराग्रेस्केल ईटीएफ में निवेश लौटने के बाद भी 1200 डॉलर पर अटका ज़ीकैश, क्या एनयू7 अपग्रेड से बदलेगी दिशाफरीदाबाद में एयरफोर्स जवान की पत्नी ने बच्चों को दिया जहर, पति पर लगाया टॉर्चर का आरोपमूलांक 5 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा अपनापन, लेनदेन में साफ रखें हिसाबउत्तर प्रदेश के पुरा महादेव मंदिर में सावन पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, सुरक्षा के कड़े इंतजामझुंझुनूं के जीतू फौजी ने दिखाया अनूठा जज्बा, मुफ्त ट्रेनिंग देकर 25 युवाओं को दिलाई सेना की नौकरीग्रेटर नोएडा में फ्लैट या मकान खरीदते समय इन छह बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
फ्रांस की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन, इमैनुएल मैक्रों की अपील का नहीं हो रहा असरयूरोप
26 अक्तू॰ 2026, 8:22 am (1 घंटे पहले)· 2

फ्रांस की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन, इमैनुएल मैक्रों की अपील का नहीं हो रहा असर

फ्रांस में छात्रों की मांगों से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में हिंसक झड़पें, आगजनी और तोड़फोड़ जारी है, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

फ्रांस में पिछले दो हफ्तों से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है। छात्रों की बुनियादी मांगों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब विकराल रूप धारण कर चुका है और पूरे देश में फैल गया है। राजधानी पेरिस सहित फ्रांस के तमाम प्रमुख शहरों की सड़कों पर लाखों की संख्या में प्रदर्शनकारी उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान जमकर नारेबाजी हो रही है, सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाकर आगजनी की जा रही है और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों पर सीधे हमले कर रहे हैं, जिससे पूरे देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन

शनिवार को हालात को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को कड़े कदम उठाने पड़े। पेरिस के साथ-साथ लियोन, क्लेरमोंट-फेरां और स्ट्रासबर्ग जैसे प्रमुख शहरों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके अलावा नीस और नांतेस में भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए वॉटर कैनन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इन तमाम सख्त प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाइयों के बावजूद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरफ से आंदोलन समाप्त करने की जो अपील की गई थी, उसका प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं दिखा है और वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

ये भी पढ़ें

शिक्षकों की कमी से शुरू हुआ था विवाद

इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मूल रूप से शनिवार को हजारों छात्रों के सड़कों पर उतरने के साथ हुई थी। शुरुआती दौर में यह आंदोलन पेरिस के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी और बदतर होते बुनियादी हालातों से जुड़ा हुआ था। लेकिन समय के साथ यह मुद्दा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बढ़कर वेतन, पेंशन और बढ़ती आर्थिक असमानता के खिलाफ एक बड़े और व्यापक राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तब्दील हो गया है, जिसमें समाज के अन्य वर्ग भी जुड़ते चले गए हैं।

छात्रों ने रखी अपनी 10 सूत्रीय मांगें

इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रियाद रानी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज भी वे अपनी कुल 10 प्रमुख मांगों पर अडिग हैं और प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। रियाद रानी ने कहा, "आज भी हम अपनी 10 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि पारकोर्सअप को रद्द किया जाए और यूनिवर्सिटीज और अन्य कार्यक्रमों में हजारों सीटें बढ़ाई जाएं। इसके अलावा शिक्षकों की बड़े पैमाने पर स्थायी पदों पर भर्ती की जाए। उन्हें एक उचित दर्जा दिया जाए। साथ ही इमारतों के नवीनीकरण के लिए एक राष्ट्रीय योजना बनाई जाए। हम शुरुआती घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। कल राष्ट्रपति ने हमें अच्छी-अच्छी बातें कही और बड़े-बड़े वादे किए। ठीक वैसे ही जैसे पहले मिस्टर बैप्टिस्ट या मिस्टर गेफ्रे ने किए थे। हमने उनसे कह दिया है कि अब बड़े-बड़े भाषणों का दौर खत्म हो चुका है। आज हमें ठोस कदम चाहिए।"

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की शांति की अपील

देशभर में फैल चुकी इस हिंसा और उथल-पुथल के बीच देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बार फिर जनता से संयम और शांति बनाए रखने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि आम नागरिकों को समाज को बांटने वाली ताकतों और उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए। इमैनुएल मैक्रों ने कहा, "यह तनाव पिछले कुछ सालों से कई वजहों से पनप रहा था। हमने इस तनाव को बढ़ने दिया और हाल के सालों में ऐसी कई घटनाएं हुईं जिन्होंने हमारे गणतंत्र की नींव को हिला दिया है। पहले हुए कुछ हमलों की वजह से अलग-अलग धर्मों को गलत नजरिए से देखा जाने लगा है। इसलिए आज सबसे जरूरी यह है कि हम सब कुछ आपस में मिला न दें।"

राष्ट्रपति ने आगे अपनी बात स्पष्ट करते हुए जोर दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि समाज के किसी एक वर्ग को दूसरे वर्ग के खिलाफ खड़ा करने वाले षड्यंत्रों या जाल में न फंसा जाए। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि सुधार और बदलाव के रास्ते कभी बंद नहीं होते और इस स्थिति में भी स्थिति को संभाला जा सकता है, क्योंकि उनका पूरा गणतंत्र एकता और आपसी सद्भाव के मजबूत सिद्धांतों पर टिका हुआ है।

सवाल-जवाब

फ्रांस में प्रदर्शनों की शुरुआत कहाँ से हुई थी?
यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से पेरिस के स्कूलों में शिक्षकों की कमी और खराब हालातों को लेकर छात्रों द्वारा शुरू किए गए थे।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जनता से क्या अपील की है?
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लोगों से शांति बनाए रखने और समाज को बांटने वाले तत्वों के बहकावे में न आने की अपील की है।
छात्रों द्वारा मुख्य रूप से क्या मांगें रखी गई हैं?
छात्र नेता रियाद रानी के अनुसार, छात्र पारकोर्सअप को रद्द करने, यूनिवर्सिटी में सीटें बढ़ाने और शिक्षकों की स्थायी पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं।
किन शहरों में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है?
पुलिस ने पेरिस के अलावा लियोन, क्लेरमोंट-फेरां, स्ट्रासबर्ग, नीस और नांतेस में आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·42 मिनट पहले

मैक्रों के लिए यह संकट अब संभालना मुश्किल होता जा रहा है, अमेरिका में भी ऐसे प्रदर्शनों से सरकारें हिल जाती हैं।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·41 मिनट पहले

कार्लोस, सही कहा आपने। पर क्या मैक्रों वाकई इस्तीफा देने वाले हैं या कोई बीच का रास्ता निकालेंगे?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp