फॉर्मूला 1 आयोजकों ने मोंज़ा में होने वाले इटालियन ग्रांड प्री को आधिकारिक तौर पर हीट हैज़ार्ड रेस घोषित कर दिया है। यह फैसला समर हीटवेव के बाद इटली में लगातार जारी भीषण गर्मी और उच्च तापमान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रविवार को मुख्य रेस के दौरान ड्राइवरों को अत्यधिक गर्मी से बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं, क्योंकि उस दिन तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंचने का अनुमान है।
मोंज़ा में हीट हैज़ार्ड के नियम और तापमान का अनुमान
फॉर्मूला 1 के नियमों के तहत, हीट हैज़ार्ड की आधिकारिक घोषणा तब की जाती है जब मौसम पूर्वानुमान में रविवार को रेस के दौरान किसी भी समय तापमान 31C से अधिक रहने की संभावना जताई जाती है। मिलान के उत्तर-पूर्व में स्थित ऐतिहासिक मोंज़ा सर्किट के आसपास पूरे ग्रांड प्री वीकेंड में परिवेश का तापमान 30C के मध्य में रहने का अनुमान है। स्थानीय मौसम आंकड़ों के अनुसार, बुधवार दोपहर मिलान के लिनाते हवाई अड्डे के पास तापमान 36C तक पहुंच गया था, जो इस क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी की गंभीरता को दर्शाता है।
मौजूदा रेस सीजन में इटली ऐसी दूसरी रेस है जिसे हीट हैज़ार्ड घोषित किया गया है। इससे पहले समर हीटवेव की शुरुआत में ऑस्ट्रिया ग्रांड प्री को पहली बार यह दर्जा दिया गया था। मोंज़ा में यह घोषणा दर्शाती है कि अत्यधिक तापमान को लेकर आयोजक और टीम बेहद सतर्क हैं, क्योंकि इसका सीधा असर ड्राइवरों की शारीरिक सहनशक्ति और कारों के प्रदर्शन पर पड़ता है।
कूलिंग किट का विकल्प और 5kg बैलास्ट का तकनीकी नियम
हीट हैज़ार्ड लागू होने के बाद अब ड्राइवरों को एक विशेष ड्राइवर कूलिंग सिस्टम का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। यह सिस्टम ड्राइवर की ओवरऑल के नीचे पहने जाने वाले अग्निरोधक (फायरप्रूफ) इनरवियर के अंदर पाइपों के नेटवर्क के जरिए ठंडा तरल, जैसे ग्लाइकोल, प्रवाहित करता है। यह कूलिंग लिक्विड रेस के दौरान ड्राइवर के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और अत्यधिक गर्मी को कम करने में मदद करता है।
हालाँकि, रेस नियमों में इस कूलिंग किट को पहनना अनिवार्य नहीं रखा गया है, बल्कि यह ड्राइवरों की पसंद पर निर्भर करता है। लेकिन किसी भी टीम को कूलिंग किट न लगाकर गाड़ी का वजन कम करने का अनुचित फायदा उठाने से रोकने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। जो भी ड्राइवर इस कूलिंग किट का उपयोग नहीं करने का विकल्प चुनता है, उसे अपनी कार में अतिरिक्त 5kg का बैलास्ट (वजन) रखना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होता है कि किट न पहनने वाले ड्राइवर को रेस में वजन का कोई प्रतिस्पर्धी लाभ न मिले।
कॉकपिट का तापमान और ड्राइवरों के सामने तकनीकी चुनौतियां
विशेष कूलिंग तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद, कई फॉर्मूला 1 ड्राइवर इसे पहनने से बचते हैं। इसके पीछे शारीरिक असहजता और रेस के दौरान तकनीकी समस्याएं मुख्य कारण हैं। ड्राइवरों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि अगर ग्रांड प्री खत्म होने से पहले कूलेंट खत्म हो गया, तो पाइपों में रुका हुआ तरल पदार्थ तेजी से गर्म होकर कार के अंदरूनी तापमान के बराबर पहुंच जाता है। कार का अंदरूनी तापमान परिवेश के तापमान की तुलना में काफी अधिक होता है, जिससे ड्राइवर को और ज्यादा गर्मी लगने लगती है।
फॉर्मूला 1 कार के कॉकपिट के भीतर तापमान नियमित रूप से 40C से ऊपर चला जाता है, जो ड्राइवरों के लिए एक गंभीर चुनौती है। रेस के दौरान ड्राइवरों को अपनी ओवरऑल के अलावा फायरप्रूफ कपड़ों की कई परतें, बैलाक्लावा और हेलमेट पहनना पड़ता है। अत्यधिक बाहरी गर्मी, कॉकपिट के उच्च तापमान, कड़ी शारीरिक मशक्कत और सुरक्षा कपड़ों के इस संयोजन के कारण ओवरहीटिंग एक गंभीर खतरा बन जाती है। इसलिए मोंज़ा में ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए थर्मल मैनेजमेंट अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मोंज़ा का इतिहास और फेरारी का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
मोंज़ा का ऐतिहासिक सर्किट हमेशा से अपने रोमांचक मुकाबलों और कठिन परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। इस मैदान पर फेरारी टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। फेरारी के स्टार ड्राइवर चार्ल्स लेक्लर्क ने इटालियन ग्रांड प्री में दो बार जीत हासिल की है। चार्ल्स लेक्लर्क ने साल 2019 और 2024 में मोंज़ा के मैदान पर अपनी घरेलू टीम फेरारी के लिए ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। अब मोंज़ा में भीषण गर्मी के बीच होने जा रही इस रेस में टीमों और ड्राइवरों को कूलिंग किट, 5kg बैलास्ट नियम और अपनी शारीरिक क्षमता के बीच सही संतुलन बनाना होगा।



















