पोलैंड के दूसरे सबसे बड़े शहर क्राको में उस समय भीषण अफरातफरी मच गई जब एक हथियारबंद हमलावर ने भीड़भाड़ वाले इलाके में लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस दर्दनाक हमले में छह निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके कुछ ही समय बाद सुरक्षाबलों ने जब हमलावर के आवासीय परिसर में तलाशी अभियान चलाया, तो वहां उसके परिवार के तीन सदस्यों के शव बरामद हुए। इस पूरी घटना ने ऐतिहासिक शहर के सुरक्षा तंत्र और पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
पर्यटन केंद्र के मुख्य चौराहे पर अचानक शुरू हुई गोलीबारी
यह हमला स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 15:00 बजे (14:00 जीएमटी) से ठीक पहले शुरू हुआ। घटनास्थल क्राको का मेन मार्केट स्क्वायर था, जो यूरोप के सबसे बड़े मध्यकालीन चौराहों में गिना जाता है और हमेशा पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से खचाखच भरा रहता है। सुरक्षा अधिकारियों के विवरण के मुताबिक, हमलावर अपनी गाड़ी चलाते हुए इस सार्वजनिक चौक के बीचों-बीच दाखिल हुआ। कार के भीतर से ही उसने राहगीरों और आसपास मौजूद निर्दोष लोगों पर बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और जो भी सुरक्षित ठिकाना दिखा, वहीं छिपने की कोशिश करने लगे। उसी दौरान वहां से गुजर रही एक सार्वजनिक ट्राम भी इस हमले की चपेट में आ गई। हमलावर की ओर से चलाई गई गोलियों से ट्राम की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए, हालांकि सौभाग्य से ट्राम के अंदर बैठे किसी भी यात्री को शारीरिक चोट नहीं पहुंची। आसपास की दुकानों की खिड़कियों पर भी गोलियों के गहरे निशान साफ देखे जा सकते हैं और पूरे रास्ते पर कांच के टुकड़े बिखरे पड़े रहे।
तीन मिनट के भीतर पुलिस की कार्रवाई और जवाबी मुठभेड़
घटना की सूचना मिलते ही हथियारों से लैस पुलिस दल अत्यंत तेजी से मौके पर पहुंचा। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही संदिग्ध को ललकारा और दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। हमला शुरू होने के महज तीन मिनट के भीतर ही पुलिस अधिकारियों ने हमलावर को गोली मारकर जमीन पर गिरा दिया, जिससे एक और बड़ा नरसंहार होने से टल गया। इस त्वरित कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी जमीन पर गिरे हमलावर को काबू करने के लिए आगे बढ़ा और उसने संदिग्ध पर कई राउंड फायर किए।
इस साहसिक मुठभेड़ के दौरान वह पुलिस अधिकारी खुद भी गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा। पच्चीस वर्षीय संदिग्ध हमलावर को गोली लगने के बाद पुलिस हिरासत में ले लिया गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि बल ने इतनी तेजी से प्रतिक्रिया न दी होती, तो घनी आबादी और पर्यटकों की भारी मौजूदगी वाले इस चौराहे पर हताहतों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।
विस्फोटक की जांच और शहर में सुरक्षा घेराबंदी
हमले के बाद पुलिस को संदिग्ध की कार डाइटला और स्ट्राडोम्स्का सड़कों के चौराहे पर लावारिस हालत में मिली। यह आशंका जताई गई थी कि वाहन में कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है, इसलिए बम निरोधक दस्ते ने वाहन की गहन पड़ताल की। इस सुरक्षा अभियान के दौरान एहतियात के तौर पर आसपास की सभी इमारतों को तुरंत खाली करा लिया गया और पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाहन से कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, हालांकि कार के भीतर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जरूर जब्त किया गया।
जांच जारी रहने तक नगर प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों से अपील की है कि वे घटनास्थल और आसपास के संवेदनशील इलाकों से पूरी तरह दूर रहें। पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
हताहतों की सूची और अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति
इस गोलीबारी में कुल छह लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जिनमें चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। मृतकों में एक ब्रिटिश नागरिक और तीन पोलिश नागरिक शामिल हैं, जबकि दो अन्य शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसके अलावा, हमलावर और दो पुलिसकर्मियों समेत कुल 16 घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आंतरिक मंत्रालय के विवरण के मुताबिक घायलों में पांच विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन, जर्मनी, पुर्तगाल और रूस के रहने वाले हैं।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप या अन्य नेताओं के बयानों के बीच प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने घायल पुलिस अधिकारियों के नामों की घोषणा की। घायल कर्मियों की पहचान सीनियर कांस्टेबल याकूब कुलिक और सीनियर कांस्टेबल अर्तुर मोरंस्की के रूप में हुई है। पोलिश सरकार के एक मंत्री ने जानकारी दी कि हमलावर को दबोचते वक्त तीन गोलियां लगने के कारण एक पुलिस अधिकारी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनकी आपातकालीन सर्जरी की जा रही है।
हमलावर के घर से मिले परिजनों के शव
इस घटना की सबसे खौफनाक कड़ी तब सामने आई जब पुलिस संदिग्ध के आवासीय ठिकाने पर पहुंची। हमलावर का घर क्राको से लगभग 200 किलोमीटर (125 मील) दूर ओस्त्रोविएत्स श्वेतोक्र्जिस्की शहर में स्थित है। वहां आतंकवाद-रोधी दस्तों की मदद से चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान तीन शव बरामद किए गए, जिनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे।
रविवार को पोलिश पुलिस ने औपचारिक रूप से पुष्टि की कि घर के भीतर मृत पाए गए तीनों लोग कथित हमलावर के ही परिवार के सदस्य थे। इनमें उसके माता-पिता और उसकी 21 वर्षीय बहन शामिल थीं। इस खुलासे से यह संकेत मिलता है कि सार्वजनिक स्थल पर गोलीबारी करने से पहले हमलावर ने अपने ही घर में इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था।
हमलावर की पहचान, हथियार और दक्षिणपंथी विचारधारा का संबंध
अधिकारियों ने हमलावर की पहचान 25 वर्षीय पोलिश पुरुष के रूप में की है, हालांकि उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, उसने सैन्य शैली की पोशाक पहन रखी थी और उसके पास सेना के स्तर का आधुनिक हथियार था, हालांकि जांच में यह साफ हुआ है कि वह सेना का सैनिक नहीं था। उसके पास से आग्नेयास्त्रों का आधिकारिक लाइसेंस होने की बात सामने आई है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उसने ये हथियार अपने पारिवारिक घर से ही जुटाए थे।
एक सरकारी मंत्री ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए बताया कि हमलावर धुर-दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित था और उसे अति-राष्ट्रवादी सोच वाला व्यक्ति माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि क्या वह किसी संगठित समूह से जुड़ा था या अकेले ही इस हिंसक रास्ते पर चला था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
घटना के समय चौराहे पर मौजूद पर्यटकों ने उस भयानक दृश्य को अपनी आंखों से देखा। इप्सविच से अपनी पोलिश प्रेमिका डोमिनिका के साथ पहुंचे जोनाथन बालशॉ चौराहे के कोने पर स्थित सेंट मैरी बेसिलिका के बाहर खड़े थे। जोनाथन ने बताया कि जैसे ही गोलियों की आवाज आई, वे चर्च की बगल से होते हुए साइड के दरवाजे से अंदर भागे और जब तक गोलीबारी शांत नहीं हुई, कई अन्य लोगों के साथ वहीं छिपे रहे। उन्होंने कहा, "वहां 20 से अधिक राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनकी आवाज दो बिल्कुल अलग तरह के हथियारों जैसी लग रही थी।"
न्यूकैसल से अपने दोस्त जॉन के साथ लंबे सप्ताहांत पर क्राको पहुंची कैटिलिन शास्बी ने बताया कि उन्होंने अपने होटल के कमरे से गोलियों की तड़तड़ाहट सुनी थी। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि बाहर क्या चल रहा है, लेकिन जल्द ही होटल प्रबंधन ने फोन करके उन्हें निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक अपने कमरों के भीतर ही सुरक्षित रहें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रियाएं
घटना के बाद क्राको पहुंचे पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कड़े शब्दों में कहा कि पोलैंड में अब तक इस तरह के भीषण आतंकी मामले देखने को नहीं मिले थे और क्राको में निर्दोष लोगों के जीवन पर हुए इस क्रूर हमले को आतंकवाद ही कहा जाना चाहिए। शहर में शोक का माहौल है और क्राको के मेयर लुकास गिबाला ने बुधवार, 11 नवंबर तक पूरे शहर में आधिकारिक शोक घोषित करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस भीषण गोलीबारी से स्तब्ध हैं और उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों तथा प्रभावित लोगों के साथ हैं। उन्होंने दोहराया कि ब्रिटेन इस कठिन समय में पोलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने भी इंटरनेट पर इस भयावह हमले में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया।
पोलैंड में अमेरिकी राजदूत टॉम रोज ने इस घटना को एक क्रूर और जानलेवा हमला करार दिया। वहीं यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी है जिसका दर्द पोलैंड की सीमाओं से कहीं आगे तक महसूस किया जाएगा। पड़ोसी देश यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी इसे दिल दहलाने वाला हमला बताते हुए यूक्रेनी जनता की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।



















