पोलैंड में राजधानी वारसॉ के उत्तर में स्थित एक प्राथमिक स्कूल में गुरुवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब 15 साल का एक पूर्व छात्र हथियारों के साथ इमारत में घुस आया। स्कूल परिसर में दाखिल होते ही उसने वहां तैनात 37 वर्षीय केयरटेकर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हिंसक वारदात के दौरान बीच-बचाव करने और हमलावर को काबू करने की कोशिश में स्कूल की हेडटीचर और एक अन्य शिक्षक भी घायल हो गए।
लेस्ज़िडोल-नोविनी के प्राथमिक स्कूल में सुबह का घटनाक्रम
यह घातक घटना लेस्ज़िडोल-नोविनी स्थित एक प्राथमिक स्कूल में सुबह करीब 09:00 बजे (07:00 GMT) घटी। स्थानीय पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, हमलावर किशोर इसी स्कूल का पूर्व छात्र रह चुका है। जैसे ही उसने स्कूल के भीतर घुसने का प्रयास किया, 37 वर्षीय केयरटेकर ने उसे मुख्य द्वार पर ही रोकने की कोशिश की। इसी दौरान किशोर ने केयरटेकर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले की आवाज सुनते ही स्कूल की हेडटीचर और पास में मौजूद एक शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों ने अदम्य साहस दिखाते हुए हमलावर लड़के को काबू में करने का प्रयास किया। हाथापाई और झड़प के दौरान दोनों शिक्षक भी घायल हो गए, लेकिन उन्होंने आरोपी को धर दबोचा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घायल हेडटीचर और शिक्षक दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है और उनकी जान को कोई जोखिम नहीं है।
हमलावर के पास मिले तीन चाकू, हमले की वजह अस्पष्ट
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता करोलिना गालेका ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वारदात को अंजाम देने वाला 15 वर्षीय लड़का अपने साथ तीन चाकू लेकर स्कूल पहुंचा था। उन्होंने पुष्टि की कि हमलावर पूर्व में इसी प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई करता था। हालांकि, उसने इतने घातक हथियारों के साथ स्कूल पर हमला क्यों किया और केयरटेकर को निशाना क्यों बनाया, इसके पीछे की मंशा और कारण अभी पूरी तरह से अस्पष्ट हैं। पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
सीरपस्क में एक दिन पहले टला था ऐसा ही खूनी षड्यंत्र
लेस्ज़िडोल-नोविनी की इस दर्दनाक घटना से ठीक पहले, माज़ोविया पुलिस ने इसी क्षेत्र में स्कूल पर होने वाले एक अन्य संभावित चाकू हमले को नाकाम करने में कामयाबी हासिल की थी। गृह मंत्री मार्सिन कीरविंस्की ने बताया कि वारसॉ के उत्तर-पश्चिम में स्थित सीरपस्क शहर में पुलिस ने बुधवार को 17 वर्षीय एक लड़के को हिरासत में लिया था।
गृह मंत्री के अनुसार, उस 17 वर्षीय छात्र ने स्कूल परिसर में खुलेआम यह बात कही थी कि वह कुछ खतरनाक करने की योजना बना रहा है और उसका इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का है। उसने स्कूल में कुछ असाधारण और सनसनीखेज करने की मंशा भी जाहिर की थी। स्कूल के शिक्षकों ने उसकी संदिग्ध बातचीत और धमकियों को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सतर्क कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब किशोर की तलाशी ली, तो उसके पास से दो चाकू बरामद हुए। मार्सिन कीरविंस्की ने खुलासा किया कि पकड़ा गया किशोर इंटरनेट पर इस तरह की खूनी और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के तौर-तरीकों के बारे में जानकारियां तलाश रहा था। शिक्षकों की समय रहते दी गई सूचना से सीरपस्क में एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
एक अन्य स्कूल में हुए हमले में 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
पोलैंड के शैक्षणिक संस्थानों में सामने आ रही हिंसा की यह अकेली कड़ी नहीं है। बुधवार को ही एक अन्य पोलिश स्कूल में चाकूबाजी की एक और गंभीर घटना सामने आई थी। उस वारदात में एक 19 वर्षीय युवक पर चाकू से हमला करने का आरोप है, जिसमें सात लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने उस 19 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उस मामले की भी गहन जांच की जा रही है। एक के बाद एक सामने आई इन घटनाओं ने पोलैंड में स्कूलों की सुरक्षा और छात्रों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















