स्पेन में संसद द्वारा आपातकालीन आवास कानूनों को खारिज किए जाने के बाद देश भर के प्रमुख शहरों में किराएदारों और आम नागरिकों का व्यापक गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को राजधानी मैड्रिड, बार्सिलोना और वालेंसिया समेत दर्जनों शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार और सांसदों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। संसद में शुक्रवार को हुए मतदान में गठबंधन सरकार जरूरी संख्या बल जुटाने में नाकाम रही, जिसके बाद किराएदार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी हड़ताल और बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आसमान छूता किराया और घरों से बेदखली अब असहनीय स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि राजनीतिक गतिरोध के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
संसद में दो अहम डिक्री खारिज, सरकार को लगा बड़ा झटका
स्पेन के संसद में शुक्रवार को आवास संकट से निपटने के लिए दो अलग-अलग डिक्री कानून पेश किए गए थे। पहले डिक्री में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले किराएदारों की बेदखली पर वर्ष 2030 तक रोक लगाने का प्रस्ताव शामिल था। इसके साथ ही, वर्ष 2028 से पहले समाप्त होने वाले सभी लीज समझौतों को दो साल का अनिवार्य विस्तार देने, पर्यटकों के लिए संचालित अपार्टमेंट्स पर टैक्स की दरें बढ़ाने और आवासीय संपत्तियों में वित्तीय निवेश फंड्स या तथाकथित वल्चर फंड्स की खरीदारी पर कड़े प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, संसद ने इस पहले डिक्री को 172 के मुकाबले 178 वोटों से खारिज कर दिया।
संसद में पेश किया गया दूसरा डिक्री रेंटल कॉन्ट्रैक्ट्स के ऑटोमैटिक रिन्यूअल यानी स्वत: नवीनीकरण से जुड़ा था। यह वामपंथी दलों और किराएदार यूनियनों की सबसे पुरानी और प्रमुख मांगों में से एक रही है। सांसदों ने इस दूसरे प्रस्ताव को भी 166 के मुकाबले 184 मतों से गिरा दिया। दोनों महत्वपूर्ण कानूनी मसौदों के इस तरह गिर जाने से संसद में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की विधायी कमजोरी खुलकर उजागर हो गई है।
राजनीतिक समीकरणों और विरोध के चलते अटका कानून
सांचेज की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में उनकी सोशलिस्ट पार्टी और जूनियर सहयोगी दल सुमार शामिल हैं। संसद में इस गठबंधन के पास पूर्ण बहुमत नहीं है, जिसके कारण सरकार को हमेशा क्षेत्रीय और छोटे दलों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ता है। इस मतदान से पहले ही मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पीपुल्स पार्टी और दक्षिणपंथी वोक्स पार्टी ने दोनों प्रस्तावों के विरोध में वोट डालने का सार्वजनिक ऐलान कर दिया था। ऐसी स्थिति में सरकार की पूरी निर्भरता कैटालोनिया और बास्क क्षेत्र के छोटे राष्ट्रवादी दलों पर टिक गई थी।
लेकिन संसदीय सत्र से ठीक एक दिन पहले सेंटर-राइट और स्वतंत्रता समर्थक पार्टी टुगेदर फॉर कैटालोनिया ने इन कानूनों का कड़ा विरोध करने का फैसला सुना दिया। इस दल के रुख ने दोनों मसौदों की हार पूरी तरह तय कर दी। संसद में शुक्रवार को मिली इस करारी शिकस्त के बाद स्पेन के राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि प्रधानमंत्री समय से पहले आम चुनाव बुलाने का फैसला ले सकते हैं, जबकि देश में नियमित चुनाव अगले साल गर्मियों से पहले प्रस्तावित नहीं थे।
87 वर्षीय महिला की बेदखली से भड़का था जनआक्रोश
सत्तारूढ़ गठबंधन ने यह आपातकालीन डिक्री कानून हालिया महीनों में भड़के भारी सामाजिक असंतोष को शांत करने की जल्दबाजी में तैयार किए थे। स्पेन में आवास संकट का यह विरोध प्रदर्शन सितंबर महीने में उस समय अचानक उग्र हो गया था, जब 87 साल की बुजुर्ग महिला मारिकार्मेन अबास्कल को उनके किराये के मकान से जबरन बाहर निकाल दिया गया था। बुजुर्ग महिला की बेदखली के मामले ने पूरे देश में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया था।
व्यापक जनविरोध और सामाजिक दबाव के बाद अबास्कल के फ्लैट का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी उरबागेस्तियोन ने बातचीत की और उन्हें बेहद कम किराए पर उसी फ्लैट में दोबारा लौटने की अनुमति दे दी। हालांकि, इस समझौते के बावजूद जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ और लोगों ने आवास को बुनियादी अधिकार बताते हुए आंदोलन जारी रखा। वालेंसिया में किराएदार संघ के एक प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा कि सड़कों पर लोगों के बीच गहरा गुस्सा है। लोग अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के लिए तैयार नहीं हैं।
पुएर्ता देल सोल पर डेरा और बड़े पैमाने पर रैलियां
शनिवार को देश भर में लगभग 50 नियोजित मार्च निकालने की तैयारी की गई थी, जिनमें से कई रैलियां वालेंसिया और अन्य शहरों में सुबह से ही शुरू हो गईं। सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन राजधानी मैड्रिड में देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने शहर के ऐतिहासिक और प्रमुख चौक पुएर्ता देल सोल पर कई दिनों से पक्के तंबू गाड़कर अपना डेरा डाल रखा है। इस चौक पर जुटे नागरिक लगातार रेंटल संकट पर राष्ट्रीय स्तर की आम हड़ताल का आह्वान कर रहे हैं।
मैड्रिड के पुएर्ता देल सोल पर मौजूद प्रदर्शनकारी डेविड ने सार्वजनिक प्रसारक आरटीवीई को अपनी स्थिति बयां करते हुए कहा कि वे यहां किसी आनंद या सुख-सुविधा के लिए नहीं जुटे हैं, बल्कि अपने दृढ़ संकल्प और उसूलों की वजह से डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किराए में बड़ी कटौती करने, किसी भी किराएदार को जबरन बेदखल करने पर पूर्ण रोक लगाने और बड़ी निवेश कंपनियों द्वारा रिहायशी संपत्तियां खरीदने पर कानूनी पाबंदी की मांग पर अड़े हुए हैं।
आवास की भारी किल्लत और तेजी से बढ़ती कीमतें
स्पेन में इस समय आवास संकट गंभीर रूप ले चुका है, जिसका मुख्य कारण मांग और नई निर्माण परियोजनाओं के बीच बढ़ता भारी अंतर है। बैंक ऑफ स्पेन के आधिकारिक आकलनों के मुताबिक देश में लगभग 7,00,000 मकानों की भारी कमी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान आईएनई के वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल की अवधि में ही देश में घरों की कीमतों में 12.2 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
किराए के मकानों की भारी कमी ने किराएदारों की जेब पर सीधा और गंभीर असर डाला है। रियल एस्टेट कंपनी आइडियलिस्टा के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पूरे देश में किराए की लागत में 8.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ। अकेले राजधानी मैड्रिड में किराए में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार बार्सिलोना और मैड्रिड देश के सबसे महंगे शहर बन चुके हैं, जहां बार्सिलोना में औसत किराया 23.80 यूरो प्रति वर्ग मीटर और मैड्रिड में 22.70 यूरो प्रति वर्ग मीटर के स्तर तक पहुंच गया है।



















