यूक्रेन की राजधानी कीव में दिनदहाड़े हुए हवाई हमलों ने शहर के यातायात तंत्र और नागरिक सुरक्षा को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार देर सुबह दो रूसी ड्रोनों ने कीव के प्रमुख पिवदेन्नी पुल, जिसे दक्षिणी पुल भी कहा जाता है, को निशाना बनाया। इस अप्रत्याशित हमले के वक्त पुल के ट्रैक से एक मेट्रो ट्रेन गुजर रही थी। धमाके की प्रचंड तीव्रता के कारण वेंटिलेशन सिस्टम के जरिए धूल और धुआं सीधे मेट्रो के डिब्बों में भर गया। इस घटना के बाद राजधानी में सार्वजनिक परिवहन कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया।
नीपर नदी के मुख्य संपर्क मार्ग पर पहली बार हमला
कीव को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में विभाजित करने वाली नीपर नदी पर स्थित पिवदेन्नी पुल राजधानी की सबसे व्यस्त परिवहन जीवनरेखाओं में से एक है। युद्ध शुरू होने के बाद से गुरुवार के हमलों से पहले तक कीव के किसी भी बड़े पुल को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया था। ड्रोन का एक हिस्सा पुल के मुख्य केंद्रीय खंभे के आधार से टकराया, जिससे वहां जोरदार धमाका हुआ। कीव नगर निगम के अधिकारियों ने घटना के बाद तुरंत ढांचे का प्रारंभिक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, पुल की संरचना को कोई गंभीर या घातक क्षति नहीं पहुंची है, जिसके चलते बाद में सड़क यातायात को सावधानीपूर्वक फिर से शुरू कर दिया गया।
मेट्रो में मची अफरातफरी और प्रत्यक्षदर्शियों का अनुभव
पुल पर हुए इस हमले के समय मेट्रो ट्रेन में सवार यात्रियों ने दहशत का मंजर बयां किया। यूक्रेनी टीवी चैनल 5 कनाल की पत्रकार मारियाना मायकितेन्को भी उस वक्त उसी ट्रेन में मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि ट्रेन के एक यात्री ने अचानक चिल्लाकर शाहेद ड्रोन होने की चेतावनी दी, और उसके तुरंत बाद एक तेज धमाका हुआ। धमाके की हवा के दबाव से बोगी के अंदर तेजी से धूल का गुबार भर गया। राहत की बात यह रही कि उनके डिब्बे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। ट्रेन ने यात्रियों को सुरक्षित नीपर नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित वैदुबिची स्टेशन तक पहुंचाया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर मेट्रो सेवा को वहीं रोक दिया गया।
सुबह स्कूल पर भी गिरा ड्रोन, बंकर में थे बच्चे
पुल पर हुए हमले से कुछ ही देर पहले, गुरुवार को स्थानीय समयानुसार लगभग सुबह 09:00 बजे (10:00 जीएमटी) एक रूसी ड्रोन ने कीव के एक स्कूल की तीसरी मंजिल को निशाना बनाया था। उस समय स्कूल परिसर में 100 से अधिक छात्र मौजूद थे। हालांकि, समय पर हवाई खतरे का सायरन बजने के कारण हमले से ठीक पहले सभी बच्चों और शिक्षकों को भूमिगत आश्रय स्थल में सुरक्षित पहुंचा दिया गया था।
ड्रोन की सीधी टक्कर से स्कूल की एक दीवार और सीढ़ियों का एक हिस्सा ढह गया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका वेलेंटीना चोर्ना ने बताया कि आश्रय स्थल का निर्माण काफी मजबूत था, जिसके चलते किसी भी बच्चे या स्टाफ सदस्य को चोट नहीं आई। उन्होंने यह भी साझा किया कि बंकर के अंदर बच्चों ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। रूस द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने से लगातार इनकार किए जाने के बीच, चोर्ना ने कहा कि उनके देश को मिटाने के लिए बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस को उसकी इन सभी कार्रवाइयों के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
नए जेट चालित ड्रोनों की तैनाती और तकनीकी पहलू
पुल हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन के सटीक प्रकार की जांच की जा रही है, लेकिन यूक्रेनी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बुधवार से रूस ने जेट इंजन से चलने वाले नए डिजाइन के ड्रोनों का इस्तेमाल पहली बार शुरू किया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव, जिन्हें फ्लैश के नाम से भी जाना जाता है, ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस नए ड्रोन में 40 किलोग्राम का विस्फोटक वारहेड लगा हुआ है। इसे विशेष रूप से हाई वोल्टेज बिजली के खंभों और लोहे के पुलों की संरचना को नष्ट करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
यूक्रेन के वायु सेना अधिकारियों के अनुसार, रूस हाल के हफ्तों में जेट चालित ड्रोनों का व्यापक उपयोग कर रहा है और केवल सितंबर के महीने में ही कम से कम 3,177 ऐसे ड्रोन दागे गए हैं। इन ड्रोनों की अत्यधिक तेज रफ्तार यूक्रेन के सीमित और दबाव झेल रहे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।
ऊर्जा ग्रिड और शोध संस्थानों पर लगातार प्रहार
कीव की नागरिक व्यवस्था पर यह दबाव केवल पुल और स्कूल तक ही सीमित नहीं है। पिछली सर्दियों की समाप्ति के बाद पहली बार राजधानी के ऊर्जा ग्रिड पर बुधवार को बड़े पैमाने पर समन्वित हमले किए गए, जिसके परिणामस्वरूप कीव में फिर से बिजली कटौती का दौर शुरू हो गया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने आगामी ठंड के मौसम को देखते हुए छोटे स्तर के बिजली संयंत्र स्थापित किए थे, लेकिन प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने स्पष्ट किया कि वसंत के अंत के बाद से इतने बड़े स्तर का संयुक्त हमला पहले नहीं देखा गया था। इसके अतिरिक्त, बुधवार की रात कीव के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर रिसर्च पर भी ड्रोन हमला हुआ, जबकि इसी हफ्ते की शुरुआत में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी।



















