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हरियाणा के सराफा बाजार में सोने और चांदी की राखियों की भारी मांग, जानिए डिजाइन और रेटत्योहार
26 अग॰ 2026, 9:39 pm (2 घंटे पहले)· 2

हरियाणा के सराफा बाजार में सोने और चांदी की राखियों की भारी मांग, जानिए डिजाइन और रेट

रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच अंबाला के सराफा बाजार में सोने और चांदी की राखियों की बिक्री में जोरदार उछाल देखा जा रहा है। 3 ग्राम से 10 ग्राम वजन की सोने की राखियों के साथ-साथ 'ओम', 'श्रीराम' और स्वास्तिक डिजाइन वाली चांदी की राखियां ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।

रक्षाबंधन के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए अंबाला शहर के प्रसिद्ध सराफा बाजार में खरीदारी की रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के इस त्योहार पर बहनें अपने भाइयों की कलाई के लिए कुछ खास, सुंदर और टिकाऊ उपहार तलाश रही हैं। इसी वजह से पारंपरिक सूती धागों के अलावा सोने और चांदी की राखियां ग्राहकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय कारीगरों ने इन राखियों को इस विशेष अंदाज में तैयार किया है कि ये केवल त्योहार पर बांधने वाला धागा न रहकर भाई की कलाई पर एक खूबसूरत और मूल्यवान आभूषण की तरह नजर आती हैं। इन कीमती राखियों को तैयार करने का कार्य त्योहार से काफी समय पहले ही शुरू कर दिया गया था ताकि हर तरह के मनपसंद डिजाइन बाजार में उपलब्ध कराए जा सकें।

धार्मिक और आधुनिक डिजाइनों की जबरदस्त मांग

अंबाला के सराफा बाजार में इस बार पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों और आधुनिक फैशन डिजाइनों का बेहतरीन संगम देखने को मिल रहा है। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुखी जीवन और समृद्धि की कामना करते हुए धार्मिक चिन्हों वाली राखियों को बेहद शुभ मानकर खरीद रही हैं। बाजार में 'ओम', 'श्रीराम', भगवान गणेश और स्वास्तिक की आकृतियों से सजी राखियों की सबसे अधिक बिक्री हो रही है। इसके साथ ही आधुनिक ट्रेंड को पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए शेर के चेहरे वाले डिजाइन, नगों से जड़े 'ओम', सुंदर फूलों के पैटर्न और बीएमडब्ल्यू कार के लोगो वाली राखियां भी तैयार की गई हैं जो युवाओं को खूब लुभा रही हैं।

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राखियों पर शब्दों और रिश्तों के नाम उकेरने का ट्रेंड भी इस बार काफी लोकप्रिय हो रहा है। विशेष तौर पर 'भाई', 'भैया' और 'ब्रदर' लिखे हुए डिजाइन बहनों द्वारा पसंद किए जा रहे हैं। वहीं छोटे बच्चों के लिए आकर्षक रंग-बिरंगे कार्टून पात्रों और विभिन्न बाल-सुलभ आकृतियों वाली चांदी की राखियां बनाई गई हैं जो बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं।

सोने-चांदी की राखियों का वजन और मूल्य दायरा

सराफा कारोबारी विशाल वर्मा के मुताबिक, सोने की राखियां 3 ग्राम से लेकर 10 ग्राम तक के वजन में उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें हल्की बारीक चेन और स्टाइलिश ब्रेसलेट पैटर्न वाले डिजाइन ग्राहकों को बहुत पसंद आ रहे हैं। ये राखियां आभूषण के साथ-साथ एक बेहतरीन निवेश के रूप में भी देखी जा रही हैं।

वहीं चांदी की राखियों की वैरायटी और कीमतों की जानकारी देते हुए सर्राफा व्यापारी पंकज ने बताया कि चांदी की राखियों की शुरुआती कीमत लगभग 500 रुपये से शुरू होकर 10,000 रुपये तक जाती है। अधिक वजन और भारी नक्काशी वाले डिजाइनों के शौकीन ग्राहकों के लिए 10 ग्राम से अधिक वजन की राखियां भी विशेष रूप से तैयार की गई हैं। व्यापारी पंकज का कहना है कि हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद राखियों की मांग में कोई कमी देखने को नहीं मिली है। ग्राहक अपनी व्यक्तिगत पसंद और तय बजट के अनुसार अलग-अलग डिजाइनों की खरीदारी कर रहे हैं।

पूजा सामग्री और भाइयों के लिए रिटर्न गिफ्ट्स

रक्षाबंधन के दिन भाई का टीका करने और पूजा की थाली को खास बनाने के लिए बहनें केवल राखियों तक ही सीमित नहीं हैं। बाजार में कई बहनें टीका लगाने के पारंपरिक अनुष्ठान के लिए शुद्ध चांदी की कटोरी और चांदी की प्लेट भी खरीद रही हैं ताकि पूजा का अनुभव यादगार बन सके।

दूसरी तरफ, भाई भी अपनी बहनों को रक्षाबंधन पर सरप्राइज देने में पीछे नहीं हैं। बहन के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त करने के लिए भाई सराफा बाजार से चांदी के सुंदर ब्रेसलेट खरीद रहे हैं। अंबाला के सराफा बाजार की प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां तैयार की जाने वाली सोने और चांदी की राखियों की आपूर्ति केवल स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों के बाजारों में भी बड़े पैमाने पर की जाती है।

सवाल-जवाब

अंबाला के बाजार में सोने की राखियां किस वजन में उपलब्ध हैं?
सोने की राखियां 3 ग्राम से लेकर 10 ग्राम तक के वजन में ब्रेसलेट और पतली चेन स्टाइल में उपलब्ध हैं।
चांदी की राखियों की शुरुआती कीमत क्या है?
चांदी की राखियों की शुरुआती कीमत लगभग 500 रुपये है, जो भारी और विशेष डिजाइनों के लिए 10,000 रुपये तक जाती है।
रक्षाबंधन पर किस तरह के धार्मिक डिजाइनों की सबसे ज्यादा मांग है?
'ओम', 'श्रीराम', भगवान गणेश और स्वास्तिक चिन्ह वाले डिजाइनों की बहनों के बीच सबसे ज्यादा मांग है।
क्या चांदी के बढ़े दामों का राखियों की बिक्री पर कोई असर पड़ा है?
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, चांदी की कीमतें बढ़ने के बावजूद राखियों की मांग में कोई कमी नहीं आई है और लोग अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
बहनों को देने के लिए भाई किस तरह के उपहार खरीद रहे हैं?
भाई अपनी बहनों को उपहार देने के लिए चांदी के ब्रेसलेट खरीद रहे हैं।
अंबाला में तैयार सोने-चांदी की राखियों की आपूर्ति कहां-कहां की जाती है?
अंबाला के सराफा बाजार में तैयार की गई राखियों की आपूर्ति स्थानीय बाजार के अलावा कई अन्य राज्यों में भी की जाती है।
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