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दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया संग फिलीपींस के युद्धाभ्यास से भड़का चीन, भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें बढ़ाएंगी बीजिंग की टेंशनदुनिया
26 अग॰ 2026, 10:59 pm (1 घंटे पहले)· 2

दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया संग फिलीपींस के युद्धाभ्यास से भड़का चीन, भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें बढ़ाएंगी बीजिंग की टेंशन

साउथ चाइना सी में फिलीपींस द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ किए गए छह दिवसीय नौसैन्य अभ्यास पर चीनी सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस मिसाइलों की अंतिम खेप हासिल कर अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।

साउथ चाइना सी के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलक्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस ने अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं के साथ मिलकर एक बड़ा बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास संपन्न किया है। वेस्ट फिलीपींस सी में आयोजित इस छह दिवसीय सैन्य अभ्यास पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीनी सेना के साउदर्न थिएटर कमांड ने फिलीपींस पर बाहरी शक्तियों को क्षेत्र में आमंत्रित करके शांति और स्थिरता को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, चीन की इस कड़ी नाराजगी और धमकियों के बावजूद फिलीपींस अपने रक्षा ढांचे को तेजी से मजबूत करने में जुटा हुआ है। भारत से खरीदी गई घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की अंतिम खेप इसी महीने के अंत तक फिलीपींस पहुंचने वाली है, जिससे समंदर में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदलने की संभावना जताई जा रही है।

बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास और तैनात किए गए सैन्य हथियार

फिलीपींस की आर्म्ड फोर्सेज ने वेस्ट फिलीपींस सी में अपने 19वें मल्टीलेटरल मैरीटाइम को-ऑपरेटिव एक्टिविटी का सफल समापन किया। 19 अगस्त से शुरू होकर 25 अगस्त तक चले इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में अमेरिकी पैसिफिक कमांड और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के अग्रिम दस्तों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास के दौरान तीनों देशों की सेनाओं ने जटिल समुद्री और हवाई ऑपरेशन्स को अंजाम दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य नौसैन्य इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना था।

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इस बड़े पैमाने के सैन्य अभ्यास में तीनों देशों ने अपने आधुनिक युद्धपोतों और विमानों को मैदान में उतारा। फिलीपींस की ओर से स्वदेशी और उन्नत एफए-50 फाइटर जेट्स और एडब्ल्यू109 हेलीकॉप्टर्स ने उड़ान भरी। वहीं अमेरिकी नौसेना ने अपने युद्धपोत यूएसएस सांता बारबरा और अत्याधुनिक पी-8ए पोसीडॉन समुद्री गश्ती विमान को तैनात किया। ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने नौसैन्य जहाजों और हेलीकॉप्टर्स के साथ इस ड्रिल में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। अंतरराष्ट्रीय बलों की इतनी व्यापक सैन्य उपस्थिति देखकर चीन को इस इलाके में अपना वर्षों पुराना प्रभुत्व डगमगाता हुआ नजर आने लगा।

चीनी सेना की चेतावनी और समानांतर गश्त का ऐलान

इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास के समाप्त होते ही चीन की तरफ से आक्रामक और कड़े बयान सामने आने लगे। पीएलए के साउदर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता झाई शिचेन ने आरोप लगाया कि फिलीपींस जानबूझकर साउथ चाइना सी में विवाद भड़काने और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है। झाई शिचेन ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि फिलीपींस बाहरी देशों को लाकर शांति भंग कर रहा है।

चीन ने इस अभ्यास के जवाब में अपनी नौसेना और वायुसेना को भी अलर्ट पर रखा और 21 अगस्त से 25 अगस्त के बीच क्षेत्र में अपनी रूटीन गश्त तेज कर दी। प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि चीनी पीएलए अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के आसपास किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि चीन का यह आक्रामक रुख साउथ चाइना सी में एक बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है।

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से समंदर में बदलेगा शक्ति का गणित

फिलीपींस द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ युद्धाभ्यास के अलावा चीन की असली बौखलाहट का एक मुख्य कारण भारत के साथ फिलीपींस की मिसाइल डील भी है। फिलीपींस अपनी तटीय सुरक्षा पंक्ति को अभेद्य बनाने के लिए भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की तैनाती को अंतिम रूप दे रहा है। तीन बैटरी वाली इस ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की तीसरी और आखिरी खेप अगस्त के अंत तक फिलीपींस की धरती पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।

इस मिसाइल सिस्टम के लिए आवश्यक मोबाइल लॉन्चर और ट्रांसपोर्टर गाड़ियां भारत में पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। ब्रह्मोस की यह प्रणाली पूरी तरह से मोबाइल है, जिसे वेस्ट फिलीपींस सी के तटों पर कहीं भी आसानी से तैनात किया जा सकता है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल अपनी अत्यधिक गति और कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता के कारण दुश्मन के रडार सिस्टम को चकमा देने में माहिर है। ब्रह्मोस की मारक क्षमता से वेस्ट फिलीपींस सी में चीनी युद्धपोतों की आवाजाही पर सीधा अंकुश लगेगा, जिससे समंदर में फिलीपींस की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

सवाल-जवाब

साउथ चाइना सी में किन देशों ने संयुक्त नौसैन्य अभ्यास किया?
फिलीपींस ने अमेरिकी पैसिफिक कमांड और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के साथ मिलकर वेस्ट फिलीपींस सी में छह दिवसीय सैन्य अभ्यास किया।
यह बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास कब से कब तक आयोजित किया गया?
यह 19वां मल्टीलेटरल मैरीटाइम को-ऑपरेटिव एक्टिविटी अभ्यास 19 अगस्त से 25 अगस्त तक आयोजित किया गया।
फिलीपींस के अभ्यास पर चीनी सेना ने क्या आरोप लगाया?
पीएलए साउदर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता झाई शिचेन ने कहा कि फिलीपींस बाहरी ताकतों को लाकर क्षेत्र की शांति भंग कर रहा है।
भारत फिलीपींस को कौन सी मिसाइल प्रणाली दे रहा है?
भारत फिलीपींस को तीन बैटरी वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की तीसरी और अंतिम खेप दे रहा है, जो अगस्त के अंत तक पहुंचेगी।
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टिप्पणियाँ 2

Arjun Mehta@arjun-mehta·49 मिनट पहले

दक्षिण चीन Sea में फिलीपींस द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ सैन्य अभ्यास और भारत से ब्रह्मोस मिसाइलों की अंतिम खेप का आगमन इस क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरणों को तेजी से बदल रहा है। बीजिंग की आपत्तियों के बावजूद मनीला का यह रुख स्पष्ट करता है कि छोटे देश अब आक्रामक रणनीतिक मुखरता का जवाब सामूहिक सुरक्षा और आधुनिक रक्षा प्रणालियों से देने लगे हैं, जिससे आने वाले समय में समुद्री कूटनीति और अधिक जटिल होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·49 मिनट पहले

फिलीपींस और मित्र देशों का यह गठजोड़ दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के एकाधिकार को खुली चुनौती दे रहा है। विशेष रूप से भारतीय ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की तैनाती से मनीला की तटीय रक्षात्मक क्षमता में भारी इजाफा होगा, जिससे चीनी नौसेना के पारंपरिक वर्चस्व पर सीधा असर पड़ेगा और क्षेत्रीय कूटनीतिक दबाव और बढ़ेगा।

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