धार्मिक नगरी वाराणसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आमतौर पर 'हर हर महादेव' के उद्घोष से गूंजने वाली शिव नगरी काशी में इस समय चारों तरफ 'जय श्री कृष्ण' की गूंज सुनाई दे रही है। सुबह के समय से ही शहर के सभी प्रमुख कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे भक्त बाबा विश्वनाथ के साथ साथ भगवान लड्डू गोपाल का आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहे हैं। वहीं गुरुधाम स्थित इस्कॉन मंदिर के बाहर भी दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो मध्यरात्रि तक इसी तरह बनी रहने की संभावना है।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में संध्या से विशेष अनुष्ठान
प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में देर शाम से जन्मोत्सव के कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। सबसे पहले मंदिर चौक परिसर में एक सुरम्य भजन संध्या का आयोजन रखा गया है, जिसके माध्यम से भक्तिमय वातावरण तैयार होगा। इसके बाद ठीक मध्यरात्रि में भगवान कान्हा के प्राकट्य दिवस का उत्सव मनाया जाएगा। जन्म के पावन अवसर पर विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से बाल गोपाल का पवित्र अभिषेक संपन्न होगा। इस पूजन विधि के पश्चात लड्डू गोपाल को भगवान शिव के मुख्य गर्भगृह में विराजित किया जाएगा। अगले दिन तड़के होने वाली मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के साथ कान्हा के विशेष संयुक्त दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
इस्कॉन मंदिर में 51 द्रव्यों से महाभिषेक और 108 भोग
वाराणसी के गुरुधाम क्षेत्र में स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर्व के लिए बेहद भव्य और खास प्रबंध किए गए हैं। शुक्रवार की मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह का भव्य महाभिषेक आयोजित होगा। इस विशेष अनुष्ठान के लिए 51 अलग-अलग तरह के द्रव्यों का प्रयोग किया जा रहा है। इन द्रव्यों में मुख्य रूप से गाय का शुद्ध दूध, पवित्र गंगाजल, ताजा दही, गोमूत्र और विविध तरह के फल और फूलों के रस शामिल किए गए हैं। रात 10 बजे से ही चांदी के विशेष कलशों से महाभिषेक की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी, जो मध्यरात्रि कान्हा के जन्म तक अनवरत चलेगी।
महाभिषेक की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत लड्डू गोपाल का मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। तत्पश्चात उन्हें 108 विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। उत्सव की पूर्व संध्या से ही समूचे इस्कॉन मंदिर प्रांगण को दुर्लभ देशी-विदेशी फूलों की आकर्षक झांकियों से सजाया गया है, जो आने वाले हर दर्शनार्थी का मन मोह रही हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में बीते देर रात से 24 घंटे का निरंतर अखंड कीर्तन जारी है, जो आज आधी रात तक बिना रुके चलेगा। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी आधुनिक विद्युत लाइटों से भव्य रूप से जगमगाया गया है।
शहर भर में सजीं मनमोहक झांकियां
केवल मंदिरों तक ही यह उत्सव सीमित नहीं है, बल्कि वाराणसी के हर घर और मोहल्ले में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव की जोरदार तैयारियां की गई हैं। शहर के अलग-अलग चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों से जुड़ी आकर्षक झांकियां स्थापित की गई हैं, जो स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। लोग अपने-अपने घरों के पूजा घरों में भी कान्हा के स्वागत के लिए विशेष सजावट और पालने तैयार कर रहे हैं।



















