असम और मिज़ोरम को जोड़ने वाले रेल मार्ग पर मूसलाधार बारिश के बाद मिट्टी धंसने से ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने असम के जमीरा और मिज़ोरम के बैराबी के बीच क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया है। पटरियों को नुकसान पहुंचने की वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कुछ के रूट में बदलाव या उन्हें बीच में ही रोकना पड़ा है।
कटखल-बैराबी रेल खंड पर पटरियों को नुकसान
3 सितंबर की शाम को हुई भारी बारिश के कारण कटखल-बैराबी सेक्शन में जमीरा और बैराबी के बीच पटरियों के नीचे से मिट्टी बह गई। इससे रेल लाइन के नीचे का आधार कमजोर हो गया और ट्रेनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया। रेलवे प्रशासन ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य के लिए तकनीकी टीमों, कर्मियों और आवश्यक सामग्रियों को मौके पर भेजा है।
यात्रियों के लिए बसों का प्रबंध और प्रभावित ट्रेनें
इस व्यवधान के कारण सैरंग से आइज़ोल की ओर यात्रा कर रहे लगभग 900 यात्री फंस गए। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने त्वरित कदम उठाते हुए सड़क परिवहन की व्यवस्था की और सैरंग से 16 बसें चलाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। वहीं सैरंग-गुवाहाटी एक्सप्रेस को बैराबी में ही रोक दिया गया और बाद में इसे वापस सैरंग भेज दिया गया।
इसके अतिरिक्त, सिलचर-बैराबी पैसेंजर ट्रेन को जमीरा स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया गया। यहां से बैराबी जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक सड़क परिवहन का इंतजाम किया गया। गुवाहाटी-सैरंग ट्रेन को हैलाकांडी में समाप्त किया गया और हैलाकांडी-सैरंग खंड पर यह सेवा निलंबित रहेगी। 4 सितंबर को प्रस्तावित कई अन्य ट्रेन सेवाओं को भी सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया है।
स्टेशनों पर सहायता केंद्र और मूलभूत सुविधाएं
प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने जमीरा, बैराबी और सैरंग स्टेशनों पर पीने के पानी और अल्पाहार की व्यवस्था की है। इसके अलावा यात्रियों को ट्रेनों की ताजा स्थिति और वैकल्पिक रूटों की जानकारी देने के लिए गुवाहाटी, लुमडिंग, नाहरलगुन, बदरपुर और सैरंग स्टेशनों पर विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। रेल अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पटरियों को ठीक कर जल्द से जल्द परिचालन सामान्य करने का प्रयास जारी है।



















