रक्षाबंधन के पावन त्योहार पर अपने भाई का मुंह मीठा कराने के लिए बाजार की मिलावटी मिठाइयों के बजाय घर पर ही बनी ताजी और शुद्ध खोया मिठाई एक बेहतरीन विकल्प है। मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली उर्मिला मिश्रा ने केवल 1 लीटर दूध का उपयोग करके बघेलखंडी अंदाज में खोया मिठाई बनाने का एक बेहद आसान और प्रामाणिक तरीका साझा किया है। इस पारंपरिक मिठाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे तैयार करने के लिए बहुत अधिक सामग्रियों की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसे बेहद कम खर्च में बिना किसी मिलावट और रसायन के घर की रसोई में ही आसानी से तैयार किया जा सकता है।
सही बर्तन का चुनाव और खोया बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया
खोया मिठाई बनाने की शुरुआत एक भारी तले वाली कड़ाही के चुनाव से होती है। उर्मिला मिश्रा बताती हैं कि भारी बर्तन का उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि हल्का बर्तन इस्तेमाल करने पर दूध नीचे चिपक कर जल सकता है, जिससे मिठाई के स्वाद में कड़वाहट आ जाती है। इस कड़ाही में 1 लीटर फुल क्रीम दूध डालें। मिठाई का अच्छा टेक्सचर और अधिक मात्रा में खोया प्राप्त करने के लिए फुल क्रीम दूध ही सबसे उपयुक्त रहता है। दूध को शुरुआत में मध्यम आंच पर रखें और उसमें अच्छी तरह से उबाल आने दें। जब दूध पूरी तरह उबल जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें और उसे पकने छोड़ दें।
दूध को धीमी आंच पर पकाते समय इसे बीच-बीच में कड़ाही के तले और किनारों से चलाते रहना आवश्यक है। ऐसा करने से दूध बर्तन में चिपकता नहीं है और किनारों पर जमने वाली मलाई भी दूध में वापस मिलती रहती है। जैसे-जैसे समय बीतता है, दूध का पानी वाष्पित होकर उड़ने लगता है और दूध गाढ़ा होकर खोया का रूप धारण करने लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 30 से 40 मिनट या आंच के हिसाब से थोड़ा अधिक समय लग सकता है। खोया तैयार करते समय अंतिम समय में लगातार ध्यान देना बहुत जरूरी है, क्योंकि जब दूध पूरी तरह गाढ़ा हो जाता है तो वह कड़ाही के तले में बहुत तेजी से लग सकता है।
चीनी और इलायची पाउडर मिलाने की विधि और पकाने का सही तरीका
जब दूध पूरी तरह से गाढ़ा होकर खोया बन जाए, तब इसमें स्वादानुसार चीनी मिलाएं। चीनी के साथ ही मिठाई में प्राकृतिक सुगंध और स्वाद जोड़ने के लिए लगभग 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि चीनी डालते ही खोया का मिश्रण कुछ देर के लिए थोड़ा ढीला और पतला हो सकता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है क्योंकि चीनी पिघलकर अपना पानी छोड़ती है। इस स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है और आंच को धीमा ही रखना चाहिए।
अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चम्मच से चलाते हुए भूनते रहें। जैसे-जैसे चीनी का पानी सूखेगा, खोया का मिश्रण दोबारा गाढ़ा और एकसार होना शुरू हो जाएगा। इसे तब तक पकाते रहें जब तक कि मिश्रण पूरी तरह से गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारों को न छोड़ने लगे। जब मिश्रण एक जगह सिमटने लगे और कड़ाही का धरातल छोड़ने लगे, तो समझ जाएं कि मिठाई जमाने के लिए खोया पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
थाली में मिश्रण को फैलाना और मेवों से सजावट करना
मिश्रण के सही तरीके से तैयार हो जाने के बाद तुरंत गैस बंद कर दें। अब एक प्लेट या थाली लें और उस पर थोड़ा सा देसी घी लगाकर उसे अच्छी तरह चिकना कर लें। ऐसा करने से जमने के बाद मिठाई थाली के धरातल पर चिपकेगी नहीं और आसानी से निकल जाएगी। कड़ाही के गर्म मिश्रण को तैयार प्लेट में डालें और चम्मच या कटोरी के पिछले हिस्से की मदद से उसे समान मोटाई में फैला दें।
इसके बाद मिठाई को सुंदर रूप और बेहतरीन क्रंच देने के लिए ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़कें। मेवे डालने के बाद उन्हें चम्मच या हाथ से हल्के से दबा दें ताकि वे गर्म खोया में अच्छी तरह चिपक जाएं। आप अपनी पसंद के अनुसार इसमें काजू के टुकड़े, किशमिश या अन्य पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं। इससे मिठाई का स्वाद और अधिक समृद्ध हो जाता है और यह देखने में भी काफी आकर्षक लगती है।
ठंडा करने, फ्रिज में जमाने और कटाई का तरीका
मिश्रण को प्लेट में अच्छी तरह फैलाने और ड्राई फ्रूट्स लगाने के बाद उसे कुछ समय के लिए कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब मिश्रण थोड़ा सामान्य हो जाए, तो थाली को 2 से 3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। फ्रिज की ठंडक से खोया मिठाई पूरी तरह से सेट हो जाती है और सख्त होकर जम जाती है। जब मिठाई अच्छी तरह से जम जाए, तो इसे फ्रिज से बाहर निकालें और एक धारदार चाकू की मदद से अपनी पसंद के अनुसार चौकोर, आयताकार या डायमंड आकार में काट लें। इस प्रकार घर पर ही बेहद सॉफ्ट, ताजी और स्वादिष्ट खोया बर्फी तैयार हो जाती है जिसे त्योहार की थाली में सजाया जा सकता है।
बघेलखंड की परंपरा और बरसात में 10 दिनों तक स्टोर करने के नियम
उर्मिला मिश्रा बताती हैं कि रक्षाबंधन के आसपास बघेलखंड क्षेत्र के लगभग हर घर में दूध, खोया और चीनी के संयोजन से विभिन्न प्रकार की पारंपरिक मिठाइयां बनाने की पुरानी परंपरा रही है। बाजार की मिठाइयों के मुकाबले घर पर मिठाई तैयार करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें शुद्ध सामग्री का इस्तेमाल होता है और आप मिठास को अपनी जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा रख सकते हैं। रक्षाबंधन पर जब घर में रिश्तेदार और मेहमान आते हैं, तो उन्हें चाय के साथ परोसने के लिए यह मिठाई बिल्कुल सही विकल्प है। इसके अलावा भाई को राखी बांधने के बाद तिलक के समय मुंह मीठा कराने के लिए भी यह बेहद खास है।
चूंकि अगस्त का महीना बरसात का मौसम होता है और वातावरण में काफी नमी रहती है, इसलिए मिठाई को खराब होने से बचाने के लिए सही रखरखाव जरूरी है। इस घर की बनी खोया मिठाई को हमेशा किसी साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज के अंदर ही रखना चाहिए। इस आसान तरीके को अपनाकर आप इस स्वादिष्ट मिठाई को 10 दिनों तक आसानी से चला सकते हैं और इसके स्वाद का आनंद ले सकते हैं।



















