ताजमहल और ऐतिहासिक स्मारकों के अलावा आगरा अपनी समृद्ध खानपान परंपरा के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस शहर में सुबह का नाश्ता गरमागरम बेड़ई और कचौरी के साथ शुरू होता है, जबकि दोपहर होते ही बाजारों और गलियों में कुरकुरे समोसों की महक फैलने लगती है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित समोसे की दुकानों पर लोगों का जमावड़ा लगना एक आम बात है। समोसा बनाने वाले कारीगरों का कहना है कि किसी भी समोसे का असली स्वाद उसकी बाहरी परत के बजाय उसके अंदर भरे जाने वाले मसालेदार भरावन पर निर्भर करता है।
मसालों का अनोखा संतुलन और पारंपरिक तरीका
आगरा के समोसे की सबसे बड़ी खूबी उबले आलू में मिलाए जाने वाले पारंपरिक और घरेलू मसाले हैं। कारीगरों के मुताबिक, आलू की भरावन में कुछ खास सीक्रेट मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे आम नाश्ते से बिल्कुल अलग पहचान दिलाते हैं। समोसे में मसालों का सटीक संतुलन ही इसे खास और जायकेदार बनाता है। बाहर से बेहद कुरकुरी और सुनहरी परत और भीतर से चटपटा, मुलायम आलू का मिश्रण हर निवाले को खास बना देता है। इसके साथ खट्टी और मीठी दो अलग-अलग तरह की चटनियां दी जाती हैं। स्वाद के शौकीन अक्सर इन दोनों चटनियों को एक साथ मिलाकर समोसे का लुत्फ उठाते हैं, और यही ठेठ देसी स्वाद आगरा के समोसे को हर वर्ग का पसंदीदा बनाता है।
पश्चिमपुरी में 25 वर्षों से कायम है वेद सिंह हलवाई का जायका
शहर के पश्चिमपुरी क्षेत्र में पिछले 25 सालों से चल रही एक दुकान अपने खास समोसों के लिए दूर-दूर तक पहचानी जाती है। यहां समोसा बनाने वाले कारीगर वेद सिंह हलवाई बताते हैं कि उनकी दुकान की सफलता का रहस्य आलू की चटपटी भरावन में छिपा है। इस भरावन को तैयार करने के लिए घर में पारंपरिक ढंग से कूटे गए मसालों के साथ कुछ गोपनीय मसालों का सम्मिश्रण किया जाता है। इसके साथ ही भरावन में पनीर के टुकड़े भी मिलाए जाते हैं, जो समोसे के स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। वेद सिंह हलवाई के अनुसार, समोसा बाहर से खस्ता और अंदर से भरपूर मसालेदार होता है। पिछले ढाई दशक से लगातार एक ही स्वाद मिलने की वजह से न सिर्फ आगरा के विभिन्न मोहल्लों से, बल्कि शहर से बाहर और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग यहां स्वाद चखने पहुंचते हैं।
12 रुपये की किफायती कीमत और दो चटनियों का साथ
पश्चिमपुरी की यह दुकान न केवल अपने शानदार स्वाद, बल्कि बेहद किफायती दामों के लिए भी जानी जाती है। वेद सिंह हलवाई का कहना है कि वे अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाला ताजा समोसा बहुत ही वाजिब कीमत पर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देते हैं। स्वाद और सही कीमत का यह मेल ही ग्राहकों को बार-बार उनकी दुकान तक खींच लाता है। दुकान पर यह खास पनीर और आलू भरा समोसा मात्र 12 रुपये में परोसा जाता है। इसके साथ परोसी जाने वाली तीखी-खट्टी और सोंठ वाली मीठी चटनी इसके स्वाद में चार चांद लगा देती है। वेद सिंह का मानना है कि सस्ती दर पर हमेशा ताजा और लजीज नाश्ता मिलना ही ग्राहकों के अटूट भरोसे का सबसे बड़ा कारण है।



















