भारतीय खानपान में चटनी का स्थान हमेशा से बेहद खास रहा है, क्योंकि यह किसी भी साधारण भोजन के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। अगर किसी दिन खाने की थाली में कोई खास जायका न लगे, तो एक चम्मच इमली की खट्टी-मीठी चटनी पूरे भोजन का अनुभव बदल देती है। अक्सर लोग बाजार जैसी गाढ़ी और संतुलित स्वाद वाली चटनी तैयार करने को लेकर उलझन में रहते हैं, जबकि इसे घर पर बनाना बेहद सरल काम है। इसके लिए किसी फैंसी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि रसोई में रखे नियमित मसाले और सामग्री ही इसके लिए काफी होते हैं।
तैयारी और इमली का पल्प निकालने का तरीका
चटनी बनाने की शुरुआत इमली के सही चुनाव और उसकी प्राथमिक तैयारी से होती है। परिवार के सदस्यों या जरूरत के अनुसार इमली की मात्रा तय की जा सकती है, लेकिन एक मानक माप के लिए 250 ग्राम इमली लेना उपयुक्त रहता है। सबसे पहले इमली को गर्म पानी में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है, जिससे उसका गूदा पूरी तरह नरम पड़ जाए। जब इमली अच्छी तरह भीग जाए, तो उसे हाथों से अच्छे से मसल लिया जाता है। इसके बाद उसका गाढ़ा पल्प या पानी छानकर अलग निकाल लिया जाता है, ताकि बीज या रेशे बाहर हो जाएं।
मसाले और तड़के की जरूरी सामग्री
इमली का पानी तैयार करने के बाद तड़के और फ्लेवर के लिए जरूरी सामग्री जुटाई जाती है। इसमें अपनी पसंद के अनुसार देसी घी या हल्का रिफाइंड तेल इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा जीरा, सौंफ, सोंठ, सादा नमक, काला नमक और मिठास के लिए हल्की चीनी के साथ 150 से 200 ग्राम गुड़ की आवश्यकता होती है। चटनी के कुरकुरे और शाही अहसास को बढ़ाने के लिए काजू, किशमिश और इच्छा अनुसार अन्य मेवे भी इसमें शामिल किए जाते हैं।
कढ़ाई में पकाने और तैयार करने की पूरी विधि
पकाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक कढ़ाई में रिफाइंड तेल या घी गर्म किया जाता है और उसमें जीरा डाला जाता है। जीरा चटकने पर काजू और किशमिश डालकर करीब दो मिनट तक धीमी आंच पर फ्राई किया जाता है। मेवे हल्के सुनहरे होने के बाद इसमें सौंफ मिलाई जाती है, जिससे सौंधी खुशबू आने लगती है। इसके तुरंत बाद इमली का तैयार घोल कढ़ाई में डाला जाता है। अब स्वाद के अनुसार सादा नमक, काला नमक, सोंठ, हल्की चीनी और 150 से 200 ग्राम गुड़ डालकर सब चीजों को एक साथ मिला दिया जाता है। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक पकने दिया जाता है ताकि सभी मसाले और गुड़ आपस में घुलमिल जाएं।
सर्विंग और स्वाद का अनुभव
करीब 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर खदकने के बाद जब मिश्रण गाढ़ा होकर चमकदार दिखने लगे, तो आंच बंद कर दी जाती है। चटनी को पूरी तरह ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है, क्योंकि ठंडी होने पर यह अपनी सही बनावट हासिल कर लेती है। बिना किसी भारी मेहनत के तैयार हुई यह स्वादिष्ट चटनी दाल-चावल, पूरी, चाट या किसी भी अन्य नमकीन व्यंजन के साथ परोसने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाती है।



















