मॉनसून के दस्तक देते ही कच्चे आमों की उपलब्धता बढ़ जाती है। ऐसे में घरों में पारंपरिक व्यंजनों को बनाने की रौनक भी लौट आती है। इन्हीं खास डिशेज में से एक है 'गुड़म्मा', जो कच्चे आम, गुड़ और मसालों का एक अनूठा मेल है। उत्तर भारत के अवध और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में इसे काफी पसंद किया जाता है। इसका स्वाद न तो पूरी तरह खट्टा होता है और न ही केवल मीठा, बल्कि यह एक बेहतरीन संतुलन प्रदान करता है। इसे बनाना भी काफी आसान है और स्वाद ऐसा है कि हर कोई उंगलियां चाटता रह जाए।
गुड़म्मा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस व्यंजन की खासियत है कि इसके लिए रसोई में मौजूद सामान्य सामग्रियों की ही जरूरत पड़ती है। मुख्य रूप से आधा किलो कच्चे या हल्के पके आम, 250 ग्राम गुड़, स्वादानुसार सौंफ और इलायची का उपयोग किया जाता है। सविता श्रीवास्तव के अनुसार, कुछ लोग स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें थोड़ा काला नमक भी मिलाते हैं। ताजे और अच्छे आम का चुनाव ही गुड़म्मा के स्वाद को और अधिक स्वादिष्ट बनाता है, इसलिए आम चुनते समय सावधानी बरतें।
तैयारी और पकाने की विधि
सबसे पहले आमों को स्वच्छ जल से धोकर उनका छिलका उतार लें। अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। यदि आम अधिक खट्टा है, तो गुठली को अलग कर दें। अब सबसे पहले गुड़ की चाशनी तैयार करें। जब गुड़ पिघलकर चाशनी का रूप ले ले, तब उसमें कटे हुए आम के टुकड़े डाल दें। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर पकने दें।
पकने के दौरान आम धीरे-धीरे नरम हो जाएंगे और गुड़ का रस उनमें अच्छी तरह समा जाएगा। इस बात का ध्यान रखें कि मिश्रण को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वह बर्तन की तली में न चिपके और एक समान रूप से पके। लगभग 15 से 20 मिनट की अवधि में यह मिश्रण गाढ़ा हो जाएगा। अंत में, सौंफ और इलायची डालने से इसकी महक और स्वाद में चार चांद लग जाते हैं। यह ट्रेडिशनल व्यंजन न केवल सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि खाने में बेहद लाजवाब भी लगता है।











