बुरहानपुर की ताप्ती नदी में मिलने वाली लाल परी मछली का जायका ऐसा कि थाली से हाथ नहीं हटेगाखानपान
2 घंटे पहले· 3

बुरहानपुर की ताप्ती नदी में मिलने वाली लाल परी मछली का जायका ऐसा कि थाली से हाथ नहीं हटेगा

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की ताप्ती नदी में मिलने वाली लाल परी मछली अपने कम कांटों और लाजवाब स्वाद की वजह से मशहूर है, जो बाजार में ढाई सौ से 300 रुपये किलो बिक रही है और महज 10 से 15 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से होकर बहने वाली ताप्ती नदी अपनी एक खास मछली के लिए मशहूर है, जिसे स्थानीय लोग लाल परी मछली कहते हैं। कम कांटों और लाजवाब स्वाद की वजह से यह मछली खाने के शौकीनों की पहली पसंद बन चुकी है और इन दिनों बाजार में ढाई सौ से 300 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है।

एक्सपर्ट ने बताई मछली की खासियत

लोकल 18 की टीम ने जब इस बारे में एक्सपर्ट बनवारी मेटकर से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बुरहानपुर जिले की ताप्ती नदी में सबसे ज्यादा लाल परी मछली पाई जाती है। उनके मुताबिक इसकी खासियत यह है कि यह खाने में बेहद टेस्टी लगती है और इसमें कांटे बहुत कम निकलते हैं, जिस वजह से लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। यह मछली प्रोटीन से भरपूर होती है, इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं। घर पर सब्जी बनाना चाहने वालों के लिए बनवारी मेटकर ने एक आसान तरीका भी बताया, जिससे यह झटपट तैयार हो जाती है।

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रोहू प्रजाति की यह मछली लाल परी क्यों कहलाती है

दरअसल यह रोहू प्रजाति की मछली होती है, लेकिन बुरहानपुर की स्थानीय भाषा में इसे लाल परी मछली के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह इसके शरीर पर मौजूद लाल-लाल चट्टे हैं, खासकर इसके पर के पास लाल रंग के निशान साफ नजर आते हैं। यही खूबसूरत रंगत और इसका जायकेदार स्वाद इसे बाकी मछलियों से अलग बनाता है, यही कारण है कि लोग इसे खाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।

घर पर 10 से 15 मिनट में बनाएं लाल परी मछली की सब्जी

अगर आप भी घर पर इस मछली की सब्जी बनाना चाहते हैं तो इसकी विधि बहुत आसान है। सबसे पहले बाजार से करीब 1 किलो लाल परी मछली ले आएं। एक कढ़ाई लीजिए और उसमें 200 ग्राम प्याज, 100 ग्राम अदरक लहसुन का पेस्ट और 300 ग्राम तेल डालकर इसे लगातार हिलाते रहें। इसके बाद इसमें 10 ग्राम खड़ा गरम मसाला, 5 ग्राम धनिया, 10 ग्राम नमक और 15 ग्राम लाल मिर्च डालें और थोड़ा सा पानी मिला दें। अब इसके ऊपर मछली डाल दें और कढ़ाई को 10 से 15 मिनट के लिए ढक दें। बस इतना करते ही आपकी झटपट लाल परी मछली की स्वादिष्ट सब्जी बनकर तैयार हो जाएगी, जिसकी खुशबू ही भूख बढ़ा देती है।

इतनी कम पकाने की मेहनत और जेब पर हल्के दाम की वजह से बुरहानपुर के परिवारों के लिए लाल परी मछली रोजमर्रा के भोजन में एक प्रोटीन से भरपूर और व्यावहारिक विकल्प बन गई है, जिसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता।

सवाल-जवाब

लाल परी मछली कहां पाई जाती है?
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की ताप्ती नदी में यह मछली सबसे ज्यादा पाई जाती है।
इसे लाल परी मछली क्यों कहा जाता है?
यह रोहू प्रजाति की मछली है, इसके शरीर और पर के पास लाल चट्टे होने की वजह से इसे स्थानीय भाषा में लाल परी मछली कहा जाता है।
बाजार में इसका भाव क्या है?
इन दिनों यह मछली बाजार में ढाई सौ से 300 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रही है।
इसकी सब्जी बनाने में कितना समय लगता है?
सही विधि अपनाने पर यह मछली मात्र 10 से 15 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है।
क्या यह मछली सेहत के लिए फायदेमंद है?
हां, यह प्रोटीन से भरपूर होती है, इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं।
इसकी सब्जी बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?
1 किलो मछली, 200 ग्राम प्याज, 100 ग्राम अदरक लहसुन का पेस्ट, 300 ग्राम तेल, 10 ग्राम खड़ा गरम मसाला, 5 ग्राम धनिया, 10 ग्राम नमक और 15 ग्राम लाल मिर्च चाहिए।

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