रांची में एक सब्जी ऐसी है जो स्वाद में चिकन को टक्कर देती है, इसका नाम है ओल। इसे इस तरह पकाया जाता है कि ग्रेवी चखने पर बता पाना मुश्किल हो जाता है कि यह मुर्गे की ग्रेवी है या ओल की। अगर घर में मेहमान आने वाले हों, तो यह डिश टेबल पर खास जगह बना सकती है।
रांची की खासियत है ओल
रांची में ओल खूब पसंद किया जाता है और घरों में अक्सर बनाया जाता है। रांची की गृहिणी उषा बताती हैं कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले बाजार से ताजा ओल खरीदकर लाना जरूरी है। रांची के बाजार में यह आसानी से ₹40 किलो के भाव पर मिल जाता है। अगर आप आधा किलो ओल लेते हैं, तो छह लोगों के लिए यह आराम से पर्याप्त हो जाता है। इसके बाद ओल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना चाहिए, लेकिन पकाने से पहले दो-तीन जरूरी स्टेप फॉलो करना बेहद जरूरी है, वरना स्वाद और टेक्सचर दोनों बिगड़ सकते हैं।
पहला कदम: उबालना
ओल की सब्जी बनाने की शुरुआत उसे गर्म पानी में अच्छी तरह उबालने से होती है। असल में ओल खाने में मुंह को काटता है, इसलिए इसे तब तक उबालना चाहिए जब तक यह आसानी से टूटने लायक नरम न हो जाए। उबालते समय पानी में दो चम्मच नमक डालना न भूलें, इससे स्वाद भी बेहतर आता है और ओल की तीखी काटने वाली प्रवृत्ति भी कम हो जाती है।
दूसरा कदम: डीप फ्राई
जब ओल अच्छी तरह उबल जाए, तो इसे पानी से निकालकर डीप फ्राई करना है। इसे तब तक तलें जब तक यह एकदम गोल्डन रंग का और कुरकुरा न हो जाए। फ्राई होने के बाद इसे गैस से उतारकर एक अलग बर्तन में रख दें, क्योंकि अब बारी है इसकी ग्रेवी तैयार करने की।
मसाला और ग्रेवी की तैयारी
ग्रेवी के लिए पहले मसाला तैयार करना पड़ता है। इसके लिए प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, काली मिर्च पाउडर, मिर्च पाउडर, मीट मसाला और हल्दी लेकर इन सबको मिक्सी में बारीक पीस लिया जाता है। इसके बाद गैस पर कढ़ाई चढ़ाकर उसमें अच्छी मात्रा में तेल डाला जाता है, ताकि मसाला ठीक से भुन सके। तेल गरम होने पर उसमें जीरा और तेज पत्ते का तड़का लगाया जाता है, फिर पिसा हुआ मसाला डालकर अच्छी तरह भूना जाता है। मसाला जब पूरी तरह फ्राई हो जाए, तो उसमें दो कप पानी मिला दिया जाता है। जैसे ही पानी में उबाल आता है और ग्रेवी अच्छी तरह तैयार हो जाती है, उसमें बारीक कटा हुआ धनिया पत्ता डाला जाता है। इसके बाद जो ओल पहले से डीप फ्राई करके अलग रखा गया था, उसे भी इसी ग्रेवी में डाल दिया जाता है।
आखिरी चरण: परोसने का तरीका
ओल को ग्रेवी में डालने के बाद इसे सिर्फ दो मिनट तक ही पकाना चाहिए, उसके बाद तुरंत गैस से उतार लेना चाहिए। ध्यान रखें कि ओल को ज्यादा देर तक ग्रेवी में न पकाएं, क्योंकि यह पहले से उबाल और फ्राई की प्रक्रिया से पक चुका होता है। ज्यादा पकाने पर यह टूटकर बिखर सकता है। तैयार होने के बाद इसे उतारकर चावल के साथ गरमागरम सर्व करें। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें उबले और फ्राई किए हुए आलू भी डाले जा सकते हैं, जिससे डिश और भी लजीज बन जाती है।











