भारत NCAP सेफ्टी असेसमेंट में टाटा की इस इलेक्ट्रिक कार का जलवा, पंच ईवी को मिली 5 स्टार रेटिंगअमेरिकी आव्रजन एजेंसी आईसीई के नए अनुबंधों में डिटेंशन सेंटरों पर राज्य कानून लागू न होने का दावाडायबिटीज कंट्रोल और तेजी से वजन घटाने में असरदार है क्विनोआ-वेजिटेबल खिचड़ी, देखें पूरी रेसिपीघातक गोलीबारी और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन पर विवाद के बावजूद आई.सी.ई. की सख्त कार्रवाई पर अडिग है डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य आधारयूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूलग्लास्गो में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार रिकॉर्ड, साक्षी और नरेंदर समेत 5 और खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेकाठमांडू को क्यों कहते हैं मोमो का गढ़ और हर दिन इसे खाने के क्या हैं सेहत संबंधी खतरेन्यू मेक्सिको में ठंडे पड़े जिओथर्मल वेल को एआई और एडवांस ड्रिलिंग से मिला नया जीवनरात में बाइक चलाते वक्त कम दिख रही सड़क? रोशनी दोगुनी करने के लिए आजमाएं ये 5 असरदार तरीकेइथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के खिलाफ टाउनहॉल रोकने का आरोप, अरविंद केजरीवाल ने कहा पुलिस कार्रवाई से नहीं डरेगा देश
घर पर बनाएं बुरहानपुर वाला देसी केरी का अचार, पूरे साल चलेगा और स्वाद ऐसा कि बार-बार मांगेंगेखानपान
13 जून 2026, 3:53 pm (47 दिन पहले)· 0

घर पर बनाएं बुरहानपुर वाला देसी केरी का अचार, पूरे साल चलेगा और स्वाद ऐसा कि बार-बार मांगेंगे

निमाड़ के बुरहानपुर की पारंपरिक रेसिपी से बनने वाला देसी केरी का अचार सालभर खराब नहीं होता, खर्च कम आता है और स्वाद में सबको पीछे छोड़ देता है। जानिए पूरी सामग्री और आसान विधि।

गर्मियों में हर घर की रसोई में अचार की महक उठने लगती है, और अगर बात देसी केरी के अचार की हो तो स्वाद के शौकीन खुद को रोक ही नहीं पाते। मध्य प्रदेश के निमाड़ इलाके के बुरहानपुर में बनने वाला यह खास अचार न सिर्फ जायके में दूसरों पर भारी पड़ता है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक बार बना लेने पर यह पूरे एक साल तक खराब नहीं होता। बनाने में लागत भी कम आती है, इसलिए घर-घर में लोग इसे बड़े चाव से तैयार करते हैं और चटखारे लेकर खाते हैं।

क्या कहती हैं अचार बनाने वाली अनुभवी महिला

इस अचार की बारीकियों पर अचार बनाने में माहिर फुला बाई बताती हैं कि अगर आप घर पर केरी का अचार बनाना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले अच्छी और देसी केरी का चुनाव करें, क्योंकि कच्चे आम की क्वालिटी ही अचार के स्वाद की नींव होती है। इसमें लोंग, काली मीरी, सौंप, राई की दाल और नमक मिलाकर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। सरसों का तेल इसमें जान डाल देता है। उनके मुताबिक यह अचार बनकर तैयार होने में चार से पांच दिन लेता है और धूप में रखने पर लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

ये भी पढ़ें

अचार बनाने की सामग्री

  • 1 किलो कैरी (देसी कच्चा आम)
  • 400 ग्राम सरसों का तेल
  • 50 ग्राम राई (सरसों) दरदरी पिसी हुई
  • 40 ग्राम लोंग
  • 20 ग्राम काला मीरी
  • सौंप और राई की दाल
  • स्वादानुसार नमक

आसान विधि, स्टेप बाय स्टेप

शुरुआत बाजार से 1 किलो कैरी लाकर करें। इसे अच्छी तरह साफ करें और सरोते की मदद से काट लें, फिर कटे हुए टुकड़ों को धूप में अच्छी तरह सूखने दें। इसके बाद 400 ग्राम सरसों का तेल लेकर उसे गर्म कर लें। गर्म तेल में सौंप, राई की दाल के साथ 40 ग्राम लोंग और 20 ग्राम काला मीरी डालकर हल्का सा चला दें ताकि मसाले तेल में अच्छी तरह घुल जाएं।

अब इसमें केरी के सूखे और कटे हुए टुकड़े डाल दें। इतना करते ही अचार का आधार तैयार हो जाता है। इस पूरे मिश्रण को एक प्लास्टिक के बर्तन में अच्छी तरह मिलाएं और फिर इसे कांच की बरनी में भरकर करीब 8 दिन तक धूप में रखें। इसके बाद इसे लगभग 15 दिन तक रोजाना धूप दिखाते रहें। यही वह तरीका है जिससे आपका अचार पूरे एक साल तक खराब नहीं होगा और हर बार ताजा जैसा स्वाद देगा।

इस अचार की खास बात

इस अचार की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी उम्र और गहरा जायका है। धूप में सही तरीके से पकने के बाद यह सालभर साथ निभाता है, जिससे एक बार की मेहनत पूरे साल काम आती है। कम खर्च, आसान सामग्री और पारंपरिक तरीका इसे हर रसोई के लिए मुफीद बना देता है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR