बैंगन से कई तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, लेकिन कुरकुरी बैंगन फ्राई का स्वाद चाय के नाश्ते से लेकर दोपहर के भोजन तक को खास बना देता है। अक्सर घरों में बैंगन तलते समय वह नरम पड़ जाता है और उसमें वह करारापन नहीं आ पाता जिसकी उम्मीद की जाती है। इस व्यंजन को एकदम कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए घोल तैयार करते वक्त दो खास चीजों का इस्तेमाल करना जरूरी होता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट पूरी तरह बदल जाती है।
ताजे बैंगन का चुनाव और सही कटिंग
रांची की गृहणी उषा के अनुसार इस रेसिपी की शुरुआत सही सब्जी चुनने से होती है। बैंगन पूरी तरह ताजा होना चाहिए और उसमें किसी तरह की खराबी या सड़न नहीं होनी चाहिए। सब्जी को अच्छी तरह धोने के बाद उसे गोल-गोल स्लाइस के आकार में काटना होता है। परिवार की जरूरत के हिसाब से जितने टुकड़ों की आवश्यकता हो, उतने गोल स्लाइस काटकर एक प्लेट में अलग रख लें। स्लाइस का आकार एक समान रखने से वे तलते समय बराबर पकते हैं।
घोल में इन 2 खास चीजों का मिश्रण
बैंगन को अतिरिक्त कुरकुरा बनाने का पूरा राज उसके लेप में छिपा है। एक कटोरे में 2 से 3 चम्मच बेसन निकालें। अब इसमें एक चम्मच चावल का आटा और एक चम्मच सूजी मिलाएं। चावल का आटा बैंगन की बाहरी परत को कड़क और कुरकुरा बनाता है, जिसे ज्यादातर लोग शामिल करना भूल जाते हैं और इसी वजह से फ्राई नरम रह जाती है। वहीं सूजी मिलने से इसमें दानेदार करारापन और बेहतरीन स्वाद जुड़ जाता है।
मसाले और गाढ़े पेस्ट की तैयारी
सूजी और चावल के आटे के साथ अब बुनियादी मसालों का संतुलन बनाना होता है। इस मिश्रण में स्वादानुसार नमक, हल्दी, धनिया पाउडर और मिक्स मसाला डालें। सभी सूखे तत्वों को अच्छी तरह आपस में मिला लें। इसके बाद बिल्कुल थोड़ा सा पानी डालते हुए एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल पतला बिल्कुल न हो, ताकि जब बैंगन के कटे हुए स्लाइस इसमें डुबोए जाएं, तो मसालों और बेसन की मोटी परत उन पर अच्छी तरह चिपक जाए।
गोल्डन ब्राउन होने तक तलने का तरीका
कड़ाही में तेल गर्म करें और बेसन के गाढ़े घोल में अच्छी तरह लपेटे हुए बैंगन के स्लाइस को तेल में डालें। आंच पर इन्हें तब तक फ्राई करना है जब तक कि दोनों तरफ से इनका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। पकने के बाद इन्हें तेल से बाहर निकाल लें। तैयार क्रिस्पी बैंगन फ्राई को गरमा-गरम परोसें। इसे दोपहर के लंच में दाल-चावल के साथ खाया जा सकता है या फिर शाम के वक्त सॉस के साथ सीधे नाश्ते के रूप में भी आनंद लिया जा सकता है।


















