पहाड़ों की ठंडी हवा, हर तरफ बिखरी हरियाली और सामने रखी गर्मागर्म चिकन की प्लेट. देहरादून आने वाले हर घुमक्कड़ के मन में यही तस्वीर बस जाती है. दून घाटी को अब तक लोग उसकी प्राकृतिक सुंदरता और सुकून भरे माहौल के लिए जानते आए हैं, मगर बीते कुछ सालों में यह शहर खाने-पीने के एक बड़े केंद्र के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुका है. नॉन-वेज और खासकर चिकन के दीवानों के लिए तो यहां विकल्पों की कोई कमी नहीं है. मिडिल ईस्ट का चर्चित चिकन शावरमा, पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, राजपुर रोड का मशहूर केसी चिकन सूप, अंगीठी रेस्टोरेंट के अफगानी मोमो और बिरयानी मैन की चिकन बिरयानी, ये सब यहां की लोकप्रिय थाली का हिस्सा बन चुके हैं.
शावरमा के लिए कहां जाएं
अगर लेबनानी स्वाद वाला चिकन शावरमा चखना हो तो नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर में मौजूद ‘शावरमा किंग बाय सिंह’ शहर में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसके अलावा राजपुर रोड पर ‘दुबई शावरमा’, दर्शन लाल चौक के पास ‘शावरमा दरबार’ और नेशविला रोड के कई फूड स्टॉल भी बेहतरीन शावरमा परोसते हैं. यानी शौकीनों के पास चुनने को कई ठिकाने हैं.
आखिर शावरमा बनता कैसे है
शावरमा दरअसल मिडिल ईस्ट का बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है. इसकी शुरुआत बोनलेस चिकन को दही, लहसुन, नींबू के रस और खास अरबी मसालों में मैरीनेट करने से होती है. इसके बाद चिकन को वर्टिकल रोटिसरी पर धीमी आंच में पकाया जाता है, जिससे वह अंदर से रसीला और बाहर से हल्का कुरकुरा हो जाता है. पक जाने पर इसे पतले-पतले टुकड़ों में काटकर पीता ब्रेड या रुमाली रोटी में रखा जाता है. आखिर में गार्लिक सॉस, मेयोनेज़, पत्तागोभी, प्याज और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां डालकर एक स्वादिष्ट रोल तैयार किया जाता है.
केसी सूप बार का चटपटा चिकन सूप
राजपुर रोड के जाखन इलाके में बसा ‘केसी सूप बार’ देहरादून के सबसे चर्चित फूड जॉइंट्स में गिना जाता है. यहां का चिकन सूप चिकन स्टॉक, काली मिर्च, तेजपत्ता और अदरक-लहसुन जैसे मसालों के साथ तैयार होता है, और फिर इसमें चिकन के बारीक रेशे मिला दिए जाते हैं. इस सूप की असली जान इसका तीखा और चटपटा स्वाद है. परोसने से ठीक पहले ऊपर से मक्खन, हरी मिर्च का सिरका, सोया सॉस और कुटी काली मिर्च डाली जाती है, जो स्वाद को और गहरा कर देती है.
राजधानी चिकन पॉइंट का तंदूरी चिकन
स्मोकी फ्लेवर वाले तंदूरी चिकन के लिए इनामुल्लाह बिल्डिंग में मौजूद ‘राजधानी चिकन पॉइंट’ का नाम खूब लिया जाता है. यहां चिकन पर पहले कट लगाए जाते हैं और उसे नींबू, नमक तथा अदरक-लहसुन के पेस्ट से मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद दही, कश्मीरी लाल मिर्च, गरम मसाला, कसूरी मेथी और बाकी मसालों के मिश्रण में इसे कुछ घंटों के लिए रखा जाता है. फिर बारी आती है पारंपरिक तंदूर की, जहां पकाते समय ऊपर से मक्खन लगाया जाता है ताकि चिकन रसीला और स्मोकी बने. इसे चटनी और प्याज के साथ परोसा जाता है, और यहां तंदूरी चिकन की हाफ प्लेट करीब 200 रुपये में मिल जाती है.
द मोमो कैफे के जूसी चिकन मोमो
देहरादून के खाने की कहानी चिकन मोमो के बिना अधूरी रह जाती है. बढ़िया चिकन मोमो खाने का मन हो तो राजपुर रोड के जाखन में स्थित ‘द मोमो कैफे’ एक शानदार विकल्प है. यहां के मोमो अपनी पतली परत और रसीली स्टफिंग के लिए मशहूर हैं. स्टफिंग में चिकन के साथ प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और मसाले डाले जाते हैं. इसके बाद मोमो को स्टीमर में 10 से 12 मिनट तक भाप में पकाया जाता है. तैयार मोमो को तीखी लाल चटनी और मेयोनीज के साथ पेश किया जाता है, जो इनके स्वाद को और बढ़ा देता है.













