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कादीपुर खुर्द में मुंबई के हुनर से महका विनोद जायसवाल का देसी वड़ाखानपान
15 अक्तू॰ 2026, 7:16 pm (14 दिन पहले)· 1

कादीपुर खुर्द में मुंबई के हुनर से महका विनोद जायसवाल का देसी वड़ा

सुल्तानपुर के कादीपुर खुर्द में विनोद जायसवाल सरसों के तेल में खास वड़ा बनाकर बेचते हैं, जिसका स्वाद चखने आसपास के जिलों से भी लोग आते हैं।

सुल्तानपुर जिले की ग्रामीण सड़कों के किनारे स्थित कादीपुर खुर्द गांव में एक छोटी सी दुकान इन दिनों खानपान के शौकीनों का बड़ा ठिकाना बनी हुई है। यहां मिलने वाले खास देसी वड़े की महक और जायका लोगों की जुबान पर ऐसा चढ़ा है कि केवल आसपास की बस्तियों के लोग ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती जिलों से गुजरने वाले मुसाफिर भी यहां रुकना अपनी आदत बना चुके हैं। सामान्य सी दिखने वाली यह दुकान अपने अलग स्वाद के दम पर दूर-दराज के क्षेत्रों में मशहूर हो चुकी है।

महानगर में सीखा हुनर, फिर गांव में शुरू किया काम

दुकान चलाने वाले विनोद जायसवाल ने इस वड़े को बनाने की कला किसी संस्थान से नहीं, बल्कि मुंबई में रहकर सीखी थी। देश की आर्थिक राजधानी में काम करते हुए उन्होंने वड़े के पारंपरिक स्वाद, मसालों के संतुलन और उसे तलने की बारीकियों को बेहद करीब से समझा था। जब वे अपने गृह जनपद लौटे, तो उन्होंने किसी अन्य काम की तलाश करने के बजाय महानगर से सीखे इस पाक हुनर को ही अपनी रोजी-रोटी का मुख्य जरिया बनाने का फैसला किया।

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सरसों के तेल और मसालों का खास मेल

विनोद जायसवाल के अनुसार, उनके वड़े की लोकप्रियता का मुख्य आधार इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां और तलने का पारंपरिक तरीका है। वड़े का भरावन तैयार करने के लिए वे उबले आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, तीखी लाल मिर्च, साबुत जीरा और ताजी हरी धनिया पत्ती का संतुलित अनुपात में प्रयोग करते हैं। इस वड़े को आम रिफाइंड तेल के बजाय शुद्ध सरसों के तेल में तला जाता है। कड़ाही में सरसों के तेल की छौंक और सोंधापन वड़े को एक विशिष्ट सुगंध और अनोखा पारंपरिक स्वाद प्रदान करता है, जो सामान्य स्नैक्स से इसे बिल्कुल जुदा बनाता है।

जौनपुर और प्रतापगढ़ से भी खींचे चले आते हैं मुसाफिर

विनोद बताते हैं कि दुकान पर नियमित रूप से आने वाले ग्राहकों का एक बड़ा दायरा बन चुका है। चंदा, कादीपुर और सुल्तानपुर के विभिन्न हिस्सों से स्थानीय नागरिक तो यहां पहुंचते ही हैं, साथ ही प्रतापगढ़ और जौनपुर जैसे पड़ोसी जिलों से यात्रा करने वाले लोग भी इस रास्ते से गुजरते समय गाड़ी रोककर नाश्ता करना पसंद करते हैं। कई बार पहली बार चखने वाले लोग अगली बार विशेष रूप से इस दुकान तक पहुंचते हैं। एक छोटी सी ग्रामीण दुकान ने गुणवत्ता और विशिष्ट स्वाद के दम पर व्यापक पहचान कायम कर ली है।

सवाल-जवाब

विनोद जायसवाल की दुकान कहां स्थित है?
यह दुकान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कादीपुर खुर्द गांव में स्थित है।
इस वड़े को तैयार करने में कौन सी मुख्य सामग्रियां उपयोग की जाती हैं?
वड़े को आलू, जीरा, हरी मिर्च, लाल मिर्च और ताजी हरी धनिया के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
वड़ा तलने के लिए किस तेल का उपयोग किया जाता है?
इस वड़े को तलने के लिए पारंपरिक रूप से शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है।
विनोद जायसवाल ने वड़ा बनाने का काम कहां सीखा था?
उन्होंने वड़ा बनाने का कौशल और इसकी बारीकियां मुंबई में काम करने के दौरान सीखी थीं।
इस दुकान पर किन अन्य जिलों से ग्राहक आते हैं?
सुल्तानपुर के स्थानीय क्षेत्रों के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे पड़ोसी जिलों से भी लोग यहां वड़ा खाने आते हैं।
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