रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमभारत ए और न्यूजीलैंड ए के मुकाबले में पलटा पासा, मेहमान टीम पर मजबूत बढ़त हासिलसना मकबूल ने जय भानुशाली और माही विज के तलाक पर तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाबरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेस
मानसून के महीने में भरतपुर की पहचान बना मलाई पुआ, जानिए इसके लाजवाब स्वाद का रहस्यखानपान
6 अग॰ 2026, 4:02 pm (84 दिन पहले)· 0

मानसून के महीने में भरतपुर की पहचान बना मलाई पुआ, जानिए इसके लाजवाब स्वाद का रहस्य

राजस्थान के भरतपुर में सावन का महीना आते ही पारंपरिक मलाई पुआ की खुशबू बाजारों में महकने लगती है। दूध की ताजा मलाई से तैयार होने वाली यह खास मिठाई केवल मानसून के मौसम में ही उपलब्ध होती है।

भरतपुर के पारंपरिक खानपान में सावन के महीने का एक अलग ही महत्व है। जैसे ही मानसून की पहली फुहारें गिरती हैं, वैसे ही यहां के बाजारों में एक खास मिठाई की सोंधी खुशबू हवा में तैरने लगती है। यह प्रसिद्ध मिठाई है मलाई पुआ, जिसकी मांग सावन शुरू होते ही अचानक बढ़ जाती है। सालभर बाजार से गायब रहने वाला यह व्यंजन सिर्फ इसी मौसम में देखने को मिलता है, जिस वजह से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों में भी इसे खाने की होड़ मच जाती है।

भरतपुर की सांस्कृतिक पहचान और सावन का कनेक्शन

भरतपुर में मलाई पुआ सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि सावन उत्सव का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है। सामान्य मिठाइयों से अलग, यह मौसमी व्यंजन विशेष रूप से सावन के पवित्र और सुहावने महीने में तैयार किया जाता है। स्थानीय हलवाई इस अवधि में बड़ी लगन से मलाई पुआ तैयार करते हैं। पूरे साल लोग बेसब्री से इस मौसम का इंतजार करते हैं ताकि इस अनोखी मिठाई का लुत्फ उठा सकें। अपनी बेहद मुलायम बनावट और समृद्ध मिठास के कारण यह बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी का पसंदीदा बना हुआ है।

ये भी पढ़ें

शुद्ध मलाई से तैयार होती है अनोखी बनावट

मलाई पुआ को अन्य साधारण पुओं से जो चीज पूरी तरह अलग बनाती है, वह है इसका मुख्य घटक यानी दूध की ताजा मलाई।इसे बनाने की विधि जितनी सरल दिखाई देती है, स्वाद में उतनी ही समृद्ध होती है। सबसे पहले शुद्ध और ताजा दूध से गाढ़ी मलाई निकाली जाती है। इसके बाद उस मलाई को एक बर्तन में लेकर अच्छी तरह फेंटा जाता है, जिससे वह एक चिकना और गाढ़ा घोल बन जाता है। इस घोल में किसी भी प्रकार की बनावटी सामग्री के बजाय पारंपरिक शुद्धता पर पूरा ध्यान दिया जाता है।

घी में तलने से लेकर चाशनी में डुबोने की पूरी रेसिपी

मिश्रण तैयार होने के बाद, हलवाई देशी घी की कढ़ाही चढ़ाते हैं। फिर मलाई के गाढ़े मिश्रण को हल्के हाथों से गर्म घी में डाला जाता है और धीमी आंच पर पकाया जाता है। धीमी आंच पर तलने से यह अंदर से बेहद सॉफ्ट और बाहर से हल्का कुरकुरा तथा सुनहरे रंग का हो जाता है। जैसे ही पुआ सही रंगत पकड़ लेता है, उसे सावधानीपूर्वक कढ़ाही से बाहर निकाला जाता है।

इसके तुरंत बाद गर्म-गर्म पुए को पहले से तैयार चीनी की मीठी चाशनी में डुबो दिया जाता है। चाशनी में कुछ समय रहने के कारण मिठास पुए की हर परत में भीतर तक समा जाती है। परोसते समय कई स्थानों पर इसके ऊपर बारीक कटे सूखे मेवे भी छिड़के जाते हैं, जिससे इसका जायका और भी बढ़ जाता है। इसे गर्मागर्म या हल्का ठंडा करके दोनों तरह से परोसा जा सकता है। सावन की झड़ी में इस गर्म मलाई पुआ का एक टुकड़ा ही भरतपुर की समृद्ध खानपान परंपरा का अहसास करा देता है।

सवाल-जवाब

मलाई पुआ किस मौसम में उपलब्ध होता है?
मलाई पुआ मुख्य रूप से सावन के महीने यानी मानसून के दौरान ही भरतपुर के बाजारों और घरों में बनाया और बेचा जाता है।
मलाई पुआ को अन्य पुओं से अलग क्या बनाता है?
इसे पूरी तरह से दूध की ताजा मलाई से तैयार किया जाता है, जो इसे विशेष स्वाद और बेहद मुलायम बनावट प्रदान करता है।
मलाई पुआ बनाने की मुख्य प्रक्रिया क्या है?
ताजा मलाई को फेंटकर गाढ़ा मिश्रण बनाया जाता है, फिर इसे धीमी आंच पर घी में सुनहरा होने तक तला जाता है और तुरंत चाशनी में डुबोया जाता है।
मलाई पुआ को किस तरह परोसा जाता है?
इसे गर्मागर्म या हल्का ठंडा करके परोसा जाता है, और कई स्थानों पर इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए ऊपर से सूखे मेवे भी मिलाए जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp