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नारियल के खोल में बनने वाला यह व्यंजन हैदराबाद की सुबह का नया पसंदीदा स्वाद बनाखानपान
10 सित॰ 2026, 12:02 pm (49 दिन पहले)· 3

नारियल के खोल में बनने वाला यह व्यंजन हैदराबाद की सुबह का नया पसंदीदा स्वाद बना

निजामों के शहर हैदराबाद में केरल का पारंपरिक चिरट्टा पुट्टू तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नारियल के खोल में भाप से पकने वाला यह तेल-मुक्त और पौष्टिक नाश्ता फिटनेस प्रेमियों के बीच छाया हुआ है।

निजामों और नवाबी पकवानों के लिए मशहूर हैदराबाद का खान-पान का दायरा अब काफी फैल चुका है। यहां के लोग अब केवल पारंपरिक बिरयानी या इडली-डोसा तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि सेहत को लेकर बढ़ती सजगता के चलते दक्षिण भारत के केरल राज्य से जुड़ा एक खास नाश्ता लोगों की पसंद बनता जा रहा है। इस अनोखे व्यंजन का नाम चिरट्टा पुट्टू है, जो इन दिनों शहरवासियों की सुबह की दिनचर्या में शामिल हो चुका है।

नारियल के खोल में पकाने की अनूठी तकनीक

आमतौर पर पुट्टू चावल के आटे और ताजे कसे हुए नारियल के मेल से बनता है, जिसे भाप के जरिए पकाया जाता है। लेकिन चिरट्टा पुट्टू को अन्य व्यंजनों से अलग इसकी बनाने की पारंपरिक शैली बनाती है। इसमें मेटल के किसी बर्तन या स्टीमर का इस्तेमाल करने की बजाय नारियल के खाली हिस्से का उपयोग सांचे के तौर पर किया जाता है। खोल के अंदर की तरफ हरी पत्ती की एक बारीक परत बिछाई जाती है। यह परत एक तरफ जहां तैयार नाश्ते को बाहर निकालने में मदद करती है, वहीं दूसरी तरफ भाप में पकते वक्त पत्ते और नारियल के खोल कीनी भीनी खुशबू पूरे व्यंजन में घुल जाती है।

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मोटे अनाजों के विकल्प और रागी की बढ़ती मांग

पारंपरिक चावल के अलावा अब इस व्यंजन को रागी, गेहूं और बाजरे के आटे के साथ भी बनाया जाने लगा है। इस पकवान को तैयार करने में बिल्कुल भी तेल का उपयोग नहीं किया जाता, जिस वजह से यह पूरी तरह से वसा-मुक्त और आसानी से पचने वाला विकल्प है। चूंकि तेलंगाना क्षेत्र में ज्वार, रागी और अन्य मिलेट्स खाने की पुरानी संस्कृति रही है, इसलिए स्थानीय लोग रागी से तैयार पुट्टू को बड़े चाव से खा रहे हैं। रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और फाइबर पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने वाले ग्राहकों और मधुमेह पीड़ितों के लिए एक आदर्श भोजन बनाते हैं।

स्वाद का शानदार और संतुलित मेल

इस व्यंजन को परोसने के भी पारंपरिक तरीके हैं। चिरट्टा पुट्टू को आमतौर पर तीखे और मसालेदार काले चने के सालन के साथ परोसा जाता है, इसके अलावा इसे पके हुए केले और पापड़ के साथ भी खाया जाता है। जो लोग स्वाद में मीठे और तीखेपन का संतुलन पसंद करते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मेल साबित होता है। यदि आप भी अपने सुबह के नाश्ते में किसी ऐसे विकल्प की तलाश में हैं जो सेहतमंद होने के साथ-साथ पूरी तरह तेल-मुक्त और लजीज हो, तो यह नारियल के सांचे में तैयार होने वाला पारंपरिक नाश्ता आपकी प्राथमिकता होना चाहिए।

सवाल-जवाब

चिरट्टा पुट्टू मूल रूप से किस राज्य का व्यंजन है?
चिरट्टा पुट्टू मुख्य रूप से केरल का एक बेहद पारंपरिक और पौष्टिक नाश्ता है।
इसे पकाने के लिए किस बर्तन का उपयोग किया जाता है?
इसे स्टील या एल्यूमीनियम के स्टीमर के बजाय नारियल के आधे खाली खोल में भरकर पकाया जाता है।
क्या इसे बनाने में तेल का इस्तेमाल होता है?
नहीं, इस व्यंजन को तैयार करने में तेल की एक बूंद का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
चावल के अलावा यह किन अन्य आटों से बनाया जा रहा है?
चावल के अलावा इसे रागी, गेहूं और बाजरे के आटे से भी तैयार किया जा रहा है।
चिरट्टा पुट्टू को आमतौर पर किसके साथ परोसा जाता है?
इसे आमतौर पर मसालेदार काले चने की सब्जी या पके हुए केले और पापड़ के साथ परोसा जाता है।
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