शाम के समय चाय की चुस्की के साथ अक्सर कुछ नमकीन और गरमा-गरम खाने की इच्छा होती है। ऐसे मौकों पर आमतौर पर लोग आलू या प्याज के पकौड़े तलते हैं, लेकिन हर बार एक ही तरह का स्वाद कई बार बोरियत भरा लगने लगता है। ऐसे में रसोई में रखे पोहे की मदद से एक बेहद लजीज, बाहर से क्रिस्पी और भीतर से पूरी तरह नरम पकौड़ा तैयार किया जा सकता है। इसमें उबले आलू, बारीक कटी सब्जियां और भारतीय मसाले मिलकर एक अनोखा स्वाद तैयार करते हैं।
पोहा पकौड़ा बनाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसी खास तैयारी या भारी-भरकम सामान की जरूरत नहीं पड़ती। घर की रसोई में सामान्य तौर पर मिलने वाली चीजों से ही यह झटपट बनकर तैयार हो जाता है। चाहे अचानक घर पर मेहमान आ जाएं या बच्चों की छोटी-मोटी भूख शांत करनी हो, यह नुस्खा हमेशा काम आता है। इसे हरी धनिया-पुदीने की तीखी चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या फिर सामान्य सॉस के साथ गर्मागर्म पेश किया जा सकता है।
पोहा पकौड़ा तैयार करने की जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट नाश्ते को बनाने के लिए सामग्री की सटीक मात्रा होना आवश्यक है ताकि पकौड़ों की बनावट एकदम सही बने। तैयारी के लिए निम्नलिखित चीजों को पहले से एकत्र कर लें
- भीगा हुआ पोहा और मैश किया हुआ उबला आलू
- बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- हल्दी और ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- गरम मसाला और स्वादानुसार नमक
- 1 छोटा चम्मच नींबू का रस या आमचूर पाउडर
- बेसन (बाध्यकारी तत्व के रूप में)
- 1 बड़ा चम्मच चावल का आटा, जरूरत के अनुसार
- तलने के लिए तेल
पोहे की तैयारी और मिश्रण बनाने का सही तरीका
इस पूरी रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पोहे को सही तरीके से तैयार करना है। सबसे पहले पोहे को एक छलनी में रखें और नल के साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी धूल निकल जाए। धोने के बाद इसे करीब 5 से 7 मिनट के लिए छलनी में ही अलग रख दें, जिससे पोहा पानी सोखकर हल्का नरम हो जाए।
यहां इस बात की विशेष सावधानी रखनी चाहिए कि पोहा पानी में बहुत देर तक डूबा न रहे। यदि पोहे में जरूरत से ज्यादा पानी या नमी रह जाएगी, तो बाद में पकौड़ों का बैटर ढीला हो जाएगा और तलते वक्त वे तेल सोखने लगेंगे या बिखर जाएंगे।
जब पोहा हल्का नरम हो जाए, तो एक बड़े फैले हुए बर्तन या बाउल में भीगा हुआ पोहा और पहले से उबला व मैश किया हुआ आलू डालें। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और ताजा हरा धनिया शामिल करें। अब हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा गरम मसाला, नमक और खटास के लिए एक छोटा चम्मच नींबू का रस या आमचूर पाउडर डालें।
मिश्रण को आपस में बांधने के लिए इसमें बेसन मिलाएं। साथ ही पकौड़ों को अतिरिक्त क्रिस्पी टेक्सचर देने के लिए एक बड़ा चम्मच चावल का आटा भी डाल दें। सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह एकसार करें। यदि मिलाते समय लगे कि मिश्रण अभी भी अधिक गीला या चिपचिपा है, तो आवश्यकतानुसार थोड़ा और बेसन मिलाया जा सकता है ताकि गोलियां आसानी से बन सकें।
तलने की विधि और कुरकुरापन बनाए रखने के नियम
एक भारी तले की कड़ाही में पर्याप्त तेल गर्म होने के लिए चढ़ाएं। जब तेल सही तापमान पर आ जाए, तो तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे आकार के पकौड़े बनाकर सावधानी के साथ तेल में छोड़ें। आंच को मध्यम रखें और पकौड़ों को आराम से सिकने दें। मध्यम आंच पर तलने से पकौड़े बाहर से खूबसूरत सुनहरे रंग के बनते हैं और अंदर से भी आलू-पोहे का मिश्रण पूरी तरह पक जाता है।
कड़ाही में एक साथ बहुत अधिक पकौड़े डालने की भूल बिल्कुल न करें। तेल में ज्यादा जगह न होने पर पकौड़े आपस में चिपक सकते हैं, उन्हें कलछी से पलटने में दिक्कत आती है और तेल का तापमान अचानक गिरने से वे ठीक से नहीं सिक पाते।
जब पकौड़े दोनों तरफ से एक समान सुनहरे और कुरकुरे दिखने लगें, तो उन्हें झारे की मदद से बाहर निकालें और किसी टिशू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल हट जाए। इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाकी बचे मिश्रण से भी सभी पकौड़े तैयार कर लें। गर्मागर्म पकौड़ों के ऊपर चाहें तो थोड़ा चाट मसाला भी बुरक सकते हैं। इसे तीखी हरी चटनी, मीठी चटनी या फिर टमैटो सॉस के साथ परोसें।
अच्छी बनावट पाने के लिए पोहे की नमी पर नजर रखें। बहुत तेज आंच पर कभी न तलें, क्योंकि तेज आंच में पकौड़े ऊपर से बहुत जल्दी गहरे भूरे हो जाते हैं लेकिन उनका भीतरी हिस्सा कच्चा रह जाता है।






















