मिस्र की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच होसम हसन एक अजीबो-गरीब और विवादित पारिवारिक घटना की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। मिस्र के उत्तरी तटीय इलाके में स्थित मरीना अल अलामीन के एक लग्जरी होटल के कैफे में उनकी दोनों पत्नियों के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में तब्दील हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे कोच होसम हसन माहौल के अत्यधिक तनाव और दबाव को सहन नहीं कर सके और वहीं कैफे के फर्श पर गिरकर बेहोश हो गए। इस पूरे घटनाक्रम के तुरंत बाद उन्होंने अपनी पहली पत्नी हुवायदा अल-गरबावी को तलाक दे दिया।
कैफे में मारपीट और पुलिस की कार्रवाई
मरीना अल अलामीन के कैफे में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होसम हसन की पहली पत्नी हुवायदा अल-गरबावी और दूसरी पत्नी दीना मुस्तफा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। यह कहासुनी इतनी तेजी से बढ़ी कि दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने दोनों महिलाओं को अलग करने और झगड़ा शांत कराने की काफी कोशिश की, लेकिन स्थिति बेकाबू होती देख आखिरकार स्थानीय पुलिस को बुलाना पड़ा। इस पूरे विवाद और मारपीट का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी तेजी से प्रसारित हो गया है।
अस्पताल, तलाक और पारिवारिक पृष्ठभूमि
झगड़े के दौरान बेहोश होकर गिरे कोच होसम हसन को तुरंत चिकित्सीय सहायता दी गई और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। होश में आते ही हसन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी पहली पत्नी हुवायदा अल-गरबावी से अपना वैवाहिक संबंध समाप्त कर लिया और उन्हें तलाक दे दिया। हुवायदा और हसन के तीन बच्चे हैं। अगर इनके वैवाहिक इतिहास पर नजर डालें तो हसन अपनी पहली पत्नी से पहले भी लगभग 10 वर्षों के लिए अलग रह चुके थे, जिसके बाद साल 2022 में दोनों के बीच सुलह हुई और वे फिर से साथ रहने लगे थे। वहीं, हसन ने साल 2015 में दीना मुस्तफा के साथ अपना दूसरा विवाह किया था और लंबे समय से वे अपनी दोनों पत्नियों के साथ ही रह रहे थे।
फीफा विश्व कप से जुड़ा पुराना विवाद
होसम हसन का नाम किसी विवाद से जुड़ने का यह पहला मौका नहीं है। पत्नियों के बीच हुई इस झड़प से पहले भी इसी वर्ष वे फीफा विश्व कप के दौरान अपने एक विवादित बयान को लेकर काफी चर्चा में रहे थे। टूर्नामेंट में मिस्र की टीम के बाहर होने के बाद हसन ने सीधे तौर पर विश्व फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी फीफा पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया था।
हसन का आरोप था कि फीफा ने टूर्नामेंट के दौरान लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना की टीम का खुलकर पक्ष लिया। यह विवाद राउंड ऑफ 16 के उस मुकाबले के बाद खड़ा हुआ था, जिसमें अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 के कड़े अंतर से हराया था। इस मैच में वीएआर प्रणाली के हस्तक्षेप के बाद मिस्र की टीम का एक महत्वपूर्ण गोल रद्द कर दिया गया था। इस हार और प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद होसम हसन ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उनकी टीम के साथ अन्याय किया गया है।



















