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लंदन के मेफेयर में वकील विजय अग्रवाल हिरासत में लिए गए, वर्क परमिट उल्लंघन का लगा आरोपभारत
19 अग॰ 2026, 12:44 pm (2 घंटे पहले)· 4

लंदन के मेफेयर में वकील विजय अग्रवाल हिरासत में लिए गए, वर्क परमिट उल्लंघन का लगा आरोप

भारतीय आपराधिक वकील विजय अग्रवाल को लंदन के मेफेयर इलाके से ब्रिटिश इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उन पर बिना आवश्यक वर्क परमिट के पेशेवर काम करने का आरोप है।

भारत के चर्चित क्रिमिनल डिफेंस वकील विजय अग्रवाल को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। विजय अग्रवाल ने भारत के कई हाई-प्रोफाइल मामलों में कानूनी पैरवी की है, जिनमें भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी का केस भी शामिल है। यह कार्रवाई लंदन के पॉश इलाके मेफेयर स्थित एक संपत्ति के निरीक्षण के बाद की गई।

वर्क परमिट और नियमों के उल्लंघन का आरोप

शुरुआती जानकारियों के अनुसार, ब्रिटिश इमिग्रेशन अधिकारियों ने मेफेयर क्षेत्र में स्थित एक परिसर का दौरा किया और जांच के बाद अग्रवाल को हिरासत में लिया। उन पर ब्रिटेन के क्षेत्र में आवश्यक वर्क परमिट हासिल किए बिना पेशेवर विधिक सेवाएं देने और अन्य इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इस मामले में यूके होम ऑफिस, बॉर्डर फोर्स, मेट्रोपॉलिटन पुलिस या स्थानीय अदालत की तरफ से आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है।

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भगोड़े मेहुल चोकसी और हाई-प्रोफाइल केस

विजय अग्रवाल भारतीय अदालतों में कई बड़े और चर्चित आर्थिक अपराध मामलों के आरोपियों का पक्ष रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के बहुचर्चित घोटाले में आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का प्रतिनिधित्व किया था। भारत की जांच एजेंसियां लंबे समय से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के प्रयास में जुटी हुई हैं। अक्टूबर 2025 में बेल्जियम की अदालत ने भी चोकसी के भारत प्रत्यर्पण के समर्थन में फैसला दिया था, जिससे भारतीय एजेंसियों की कानूनी स्थिति मजबूत हुई थी।

ब्रिटेन में भारतीय आर्थिक अपराधियों पर कार्रवाई

लंदन और ब्रिटेन की अदालतें हाल के वर्षों में कई भारतीय आर्थिक भगोड़ों के प्रत्यर्पण मामलों का केंद्र बनी रही हैं। नीरव मोदी के मामले में भी यूके की अदालतों से बड़े कानूनी आदेश सामने आए थे, जहां जून 2026 में बैंक ऑफ इंडिया ने 100 करोड़ रुपये की विधिक लड़ाई में सफलता पाई थी। ऐसे माहौल में मेहुल चोकसी के पूर्व वकील की ब्रिटेन में इमिग्रेशन नियमों के तहत हुई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनी हलकों में ध्यान आकर्षित कर रही है।

सवाल-जवाब

विजय अग्रवाल कौन हैं?
विजय अग्रवाल भारत के एक प्रमुख आपराधिक वकील हैं, जिन्होंने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी सहित कई हाई-प्रोफाइल कानूनी मामलों में पैरवी की है।
विजय अग्रवाल को ब्रिटेन में क्यों हिरासत में लिया गया?
उन्हें लंदन के मेफेयर इलाके से वर्क परमिट के बिना व्यावसायिक विधिक कार्य करने और इमिग्रेशन नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया।
क्या ब्रिटिश अधिकारियों ने हिरासत की आधिकारिक पुष्टि की है?
फिलहाल यूके होम ऑफिस, बॉर्डर फोर्स या मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है।
मेहुल चोकसी से जुड़ी क्या कानूनी स्थिति है?
मेहुल चोकसी भारत में वित्तीय घोटाले का आरोपी भगोड़ा कारोबारी है, जिसके प्रत्यर्पण के लिए भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·45 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि ब्रिटेन विदेशी पेशेवरों और वकीलों के आव्रजन नियमों को लेकर कितना सख्त हो गया है। चूंकि वे कई हाई-प्रोफाइल आर्थिक मामलों से जुड़े रहे हैं, इसलिए इस कानूनी पेचीदगी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके मुकदमों और पेशेवर साख पर असर पड़ सकता है। आगे यह देखना होगा कि यूके होम ऑफिस इस मामले में क्या औपचारिक बयान जारी करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·45 मिनट पहले

यह प्रकरण ब्रिटेन में विदेशी कानूनी सलाहकारों के लिए अनुपालन और वर्क परमिट के सख्त अनुपालन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों और प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी लड़ाई के केंद्र में रहे एक वरिष्ठ वकील से जुड़ा है, इसलिए यूके होम Office के आगामी औपचारिक बयानों पर वैश्विक वित्तीय और विधिक हलकों की पैनी नजर रहेगी। इस घटनाक्रम का असर क्रॉस-बॉर्डर लीगल कंसल्टेंसी और विदेशी पेशेवरों की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

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