विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने संकेत दिया है कि उनके पेशेवर खेल करियर का अंत करीब आ रहा है और चालू सीजन मैदान पर उनका अंतिम वर्ष हो सकता है। खेल जगत के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाने वाले पुर्तगाली कप्तान ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 25 वर्षों तक बने रहने के बाद अपने संन्यास और भविष्य की प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की है।
25 वर्षों का त्याग और खेल के बाद की योजनाएं
अपनी शादी को लेकर दिए गए एक साक्षात्कार में रोनाल्डो ने अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "यह शायद फुटबॉल में मेरा आखिरी साल है और मैं एक शानदार विरासत छोड़कर जाना चाहता हूं।" रोनाल्डो ने यह भी बताया कि फुटबॉल छोड़ने के बाद उनके पास खुद को व्यस्त रखने के लिए कई योजनाएं तैयार हैं।
अनुभवी फुटबॉलर ने स्पष्ट किया कि इतने लंबे समय तक खेलने के कारण फुटबॉल उनके जीवन में एक बड़ा खालीपन छोड़ सकता है, जिसे भरने के लिए वे कई गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि खेल से हटने के बाद वे अधिक यात्राएं करेंगे, पैडेल खेल का आनंद लेंगे और 25 वर्षों के कठिन परिश्रम व बलिदान से हासिल की गई सफलताओं का लुत्फ उठाएंगे।
1,000 गोल का मील का पत्थर और अल-नासर में कार्यकाल
अपनी संभावित सेवानिवृत्ति की घोषणा के साथ ही रोनाल्डो एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड के भी करीब हैं। वे अपने वरिष्ठ करियर में 1,000 गोल पूरे करने से महज 24 गोल दूर हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करना उनके इस आखिरी सीजन का मुख्य लक्ष्य रहेगा।
रोनाल्डो पिछले लगभग चार वर्षों से सऊदी प्रो लीग की प्रमुख टीम अल-नासर के लिए खेल रहे हैं, जहां उनके अनुबंध का केवल एक वर्ष बचा है। शनिवार को अल-नासर ने अल फतेह के खिलाफ अपने सऊदी प्रो लीग खिताब की रक्षा का अभियान शुरू किया। हालांकि रोनाल्डो इस मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरे, लेकिन उन्होंने स्टैंड्स में अपने परिवार के साथ बैठकर अपनी टीम की जीत का मुकाबला देखा।
उपलब्धियों से भरा करियर और विश्व कप की यादें
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पांच बार बैलन डी'ओर और पांच बार चैंपियंस लीग का खिताब जीता है। उन्होंने इंग्लैंड, स्पेन, इटली और सऊदी अरब की घरेलू लीग में खिताबी जीत हासिल की है। पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के कप्तान के रूप में उन्होंने 2016 में देश को पहली बड़ी यूरो ट्रॉफी दिलाई थी और वे पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वकालिक शीर्ष गोल करने वाले खिलाड़ी हैं।
विश्व कप अभियानों में उनके और लियोनेल मेसी के प्रदर्शन का अंतर काफी चर्चा में रहा है। मेसी ने आठ गोल करके अर्जेंटीना को विश्व कप ट्रॉफी दिलाई, जबकि रोनाल्डो की कप्तानी वाली पुर्तगाल टीम अंतिम-16 चरण में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी।
मडेरा की गरीबी से फुटबॉल के पहले अरबपति तक का सफर
रोनाल्डो की सफलता की कहानी मडेरा द्वीप के एक गरीब परिवार से शुरू होती है। अत्यंत अभावों में बड़े हुए रोनाल्डो ने अपनी प्रतिभा और लगन के दम पर खुद को दुनिया के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल किया। वे फुटबॉल इतिहास के पहले अरबपति खिलाड़ी भी बने।



















